Advertisements
Advertisements
प्रश्न
साझेदारी विलेख क्या है? परिभाषा दीजिए।
उत्तर
साझेदारी का अस्तित्व साझेदारों के बीच समझौते के परिणामस्वरुप आता है। यह समझौता लिखित या मौखिक हो सकता है। यद्यपि साझेदारी अधिनियम के अनुसार समझौता निश्चित रूप से लिखित होना अपेक्षित नहीं होता। तथापि जब भी यह लिखित में हो; जिस अभिलेख में साझेदारों के बिच समझौते के विवरण समाहित हों तो, ऐसे अभिलेख को साझेदारी विलेख कहते हैं। सामान्य तौर पर, साझेदारों के बीच संबंधों को प्रभावित करने वाले सभी पहलुओं की सुचना समाहित होती है; जिसमें व्यवसाय के उद्देश्य, प्रत्येक साझेदारी द्वारा पूँजी निवेश की मात्रा, साझेदारों द्वारा लाभों एवं हानियों की भागीदारी का अनुपात तथा पूँजी पर ब्याज तथा ऋणों पर ब्याज आदि की साझेदारों की हकदारी की बातें सम्मिलित होती हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
एक साझेदारी समझौते लिखित में क्यों होना चाहिए।
साझेदारी विलेख में स्पष्ट न होने की स्थिति में, निम्नलिखित से संबंधित नियमों की व्याख्या करें:
- लाभ और हानि विभाजन
- साझेदारों की पूँजी पर ब्याज
- साझेदारों के आहरणों पर ब्याज
- साझेदारों के ऋणों पर ब्याज
- एक साझेदार का वेतन
भारतीय साझेदारी अधिनियम 1932 के उन प्रमुख प्रावधानों की साझेदारी विलेख में अनुपस्थिति होने की दिशा में लागू होते हैं।
व्याख्या करें की एक साझेदारी समझौते का लिखित में होना क्यों उत्तम माना जाता है।