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Chapters
▶ 2: साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
3: साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
4: साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदारी की सेवानिवृति/मृत्यु
5: साझेदारी फर्म का विघटन
![NCERT solutions for Accountancy - Not-for-Profit Organisation and Partnership Accounts [Hindi] Class 12 chapter 2 - साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ NCERT solutions for Accountancy - Not-for-Profit Organisation and Partnership Accounts [Hindi] Class 12 chapter 2 - साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ - Shaalaa.com](/images/accountancy-not-for-profit-organisation-and-partnership-accounts-hindi-class-12_6:a01698c172b745558c81a6164a357776.jpg)
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Solutions for Chapter 2: साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Below listed, you can find solutions for Chapter 2 of CBSE NCERT for Accountancy - Not-for-Profit Organisation and Partnership Accounts [Hindi] Class 12.
NCERT solutions for Accountancy - Not-for-Profit Organisation and Partnership Accounts [Hindi] Class 12 2 साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ अभ्यास के लिए प्रश्न [Pages 103 - 114]
लघु उत्तर प्रश्न
साझेदारी विलेख क्या है? परिभाषा दीजिए।
एक साझेदारी समझौते लिखित में क्यों होना चाहिए।
उन मदों की सूची बनाएँ जो कि एक साझेदारी के खातों में नाम या जमा में डाली जाती है:
जब पूँजी स्थिर हो।
उन मदों की सूची बनाएँ जो कि एक साझेदारी के खातों में नाम या जमा में डाली जाती है:
जब पूँजी अस्थिर हो।
लाभ और हानि समायोजन खाता क्यों तैयार किया जाता है? वर्णन करें।
कोई दो परिस्थितियाँ बताएँ जिनमें साझेदारों की स्थिर पूँजी परिवर्तित हो सकती है।
प्रत्येक तिमाही के पहले दिन यदि एक स्थिर राशि का आहरण होता है, जिसके लिए आहरणों पर ब्याज के परिकलन हेतु क्या अवधि मानी जाएगी?
साझेदारी विलेख में स्पष्ट न होने की स्थिति में, निम्नलिखित से संबंधित नियमों की व्याख्या करें:
- लाभ और हानि विभाजन
- साझेदारों की पूँजी पर ब्याज
- साझेदारों के आहरणों पर ब्याज
- साझेदारों के ऋणों पर ब्याज
- एक साझेदार का वेतन
दीर्घ उत्तर प्रश्न
साझेदारी क्या है?
साझेदारी की प्रमुख विशिष्टताओं की व्याख्या करें।
भारतीय साझेदारी अधिनियम 1932 के उन प्रमुख प्रावधानों की साझेदारी विलेख में अनुपस्थिति होने की दिशा में लागू होते हैं।
व्याख्या करें की एक साझेदारी समझौते का लिखित में होना क्यों उत्तम माना जाता है।
वर्णन करें की विभिन्न स्थितियों में किए गए आहरणों पर ब्याज कैसे परिकलित किया जाता है।
आप वर्तमान साझेदार के साथ लाभ विभाजन अनुपात को कैसे बदलेंगे ? अपने उत्तर की व्याख्या के लिए कल्पित अंकों को अपनाएँ।
संख्यात्मक प्रश्न
त्रिपाठी एवं चौहान एक फर्म में 3 : 2 के अनुपात में लाभ व हानि विभाजन के साझेदार हैं और उनकी पूँजी 01 अप्रैल, 2019 को क्रमशः, 60,000 रू. एवं 40,000 रू. है। वर्ष के दौरान वे 30,000 रू. का लाभ कमाते हैं। साझेदारी विलेख के अनुसार दोनों साझेदार वेतन के रूप में प्रति माह 1,000 रू. वेतन के अधिकारी है तथा पूँजी पर 5% प्र. व की दर से ब्याज के लिए सहमत हैं। आहरण पर 5.1 प्र. व ब्याज भी निश्चित किया गया है। नियमित अर्वधि का पालन न करते हुए त्रिपाठी ने 12,000 रु. व चौहान ने 8,000 रू. आहरित किए हैं। पूँजी स्थिर है इस आधार पर साझेदार का पूँजी और चालू खाता तैयार करें।
अनुभा एवं काजल एक फर्म में 2 : 1 के अनुपात के लाभ व हानि विभाजन के साझेदार हैं, उनकी पूँजी क्रमश:
90,000 रू. तथा 60,000 रू. है। वर्ष के दौरान लाभ 45,000 रु. है। साझेदारी विलेख के अनुसार दोनों साझेदार वेतन के लिए अनुमत है जिसमें अनुभा 700 रु. प्रति माह तथा काजल को 500 रू. प्राप्त होते हैं। वर्ष के दौरान आहरण अनुभा 8,500 रू. तथा काजल 6,500 रू. घे। आहरणों पर 5% की दर से ब्याज प्रभारित होता है। साझेदार का पूँजी खाता तैयार करें और मान कर चलें की पूँजी अस्थिर है।
हर्षद एवं धीमान 01 अप्रैल, 2019 से साझेदार हैं। इनके बीच कोई साझेदारी समझौता हस्ताक्षरित नहीं किया है। दोनों ने क्रमशः 4,00,000 रू. तथा 1,00,000 रू. पूँजी के रूप में लगाएँ हैं। इसके साथ ही हर्षद ने 01 अक्तूबर, 2019 को, 100,000 रू. अग्रिम राशि लगाई है। अस्वस्थ होने के कारण हर्षद 01 अगस्त से 30 सितंबर, 2016 तक व्यवसाय में भाग नहीं ले सका। वर्ष के अंत में 31 मार्च, 2020 में फर्म को 1,80,000 रू. का लाभ प्राप्त हुआ। लेकिन निम्न बातों के लिए हर्षद एवं धीमान के बीच विवाद पैदा हो गया।
हर्षद का दावा है:
- उसे अपनी पूँजी एवं दिए गए ऋण पर 10% प्रति वर्ष की दर से ब्याज मिलना चाहिए ।
- लाभ को पूँजी के अनुपात में वितरित किया जाना चाहिए।
धीमान का दावा है :
- लाभ का वितरण एक समान होना चाहिए;
- हर्षद की अनुपस्थिति में व्यवसाय अकेले चलाने के लिए उस अरधधि का पारिश्रमिक 2,000 रु. प्रतिमाह की दर से मिलना चाहिए;
- पूँजी एवं ऋण पर 6% प्रतिवर्ष की दर ब्याज अनुमत किया जाना चाहिए।
आप से यह अपेक्षा की जाती है कि हर्षद एवं धीमान के बीच विवाद हल करें। इसके साथ ही लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें।
01 अप्रैल, 2019 को आकृति एवं बिंदु वस्त्र निर्माण के व्यवसाय में साझेदारी करती हैं परंतु कोई भी लिखित समझौता नहीं है। उन्होंने क्रमश 5,00,000 रू. तथा 3,00,000 रू. की पूँजी लगाई और 01 अक्तूबर, 2019 को फर्म में 20,000 रू. ऋण के रूप में दिए, जिस पर ब्याज के लिए कोई लिखित समझौता नहीं हुआ। 31 मार्च, 2020 को वर्ष की समाप्ति पर फर्म का लाभ 43,000 रु. हुआ। दोनों साझेदार लाभ के बँटवारें के आधार पर व्याज के सवाल पर सहमत नहीं हो सकें आप से अपेक्षा की जाती है कि आप दोनों के बीच लाभ के बँटवारें का समाधान, लाभ व हानि विनियोग खाता तैयार करके निकालें साथ ही उत्तर के लिए उचित तर्क प्रस्तुत करें।
राखी और शिखा क्रमशः 2,00,000 रू. तथा 3,00,000 रू. की पूँजी लगाकर साझेदार बनती हैं। वर्ष की समाप्ति 2015 - 2016 पर लाभ 23,200 रु. होता है। उनके साझेदारी समझौते के अनुसार उनके लाभ का बँटवारा पूँजी के अनुपात में करें परंतु इससे पहले शिखा को 5,000 रू. प्रतिमाह का वेतन तथा साझेदार की पूँजी पर 10% वार्षिक की दर से ब्याज दे। वर्ष के दौरान राखी ने 7,000 रू, तथा शिखा ने 10,000 रु. आहरित किए हैं। आप से अपेक्षा की जाती है कि आप लाभ एवं हानि विनियोग खाता तथा साझेदारों का पूँजी खाता तैयार करें।
लोकेश एवं आज़ाद 3 : 2 के अनुपात से लाभ के आधार पर साझेदारी करते हैं जिसमें उन्होंने क्रमशः 50,000 रू. तथा 30,000 रू. लगाए हैं। पूँजी पर 6% की वार्षिक दर से ब्याज प्रभारित करना तय है तथा आज़ाद को वेतन के रूप में 25,000 रू. प्रतिवर्ष देय अनुमत है। वर्ष 2013 के दौरान आज़ाद का वेतन निकालने के बाद लाभ की राशि 12,550 रू. बनती है। इसमें लाभ की राशि का 5% भाग कमीशन के रूप में मैनेजर को देय है। लाभ के विभाजन को दर्शाने वाला खाता तथा साझेदारों का पूँजी खाता तैयार करें।
मनीष एवं गिरीश के साझेदारी समझौते में यह प्रावधान है कि :
- लाभ का विभाजन बराबर होगा;
- मनीष को प्रतिमाह 400 रू. का वेतन अनुमत होगा;
- गिरीश, जो कि बिक्री विभाग का प्रबंध करता है उसे महेश के वेतन को अनुमत करने के बाद कमीशन के रूप में, निवल लाभ से 10% प्र. व कमीशन के रूप में प्राप्त होंगे।
- साझेदारों की स्थिर पूँजी पर 7% प्र. व की दर से ब्याज देय होगा।
- साझेदारों के वर्ष भर के आहरणों पर 5% की दर से व्याख्या प्रभारित होगी;
- मनीष एवं गिरीश की स्थिर पूँजी क्रमश: 1,00,000 रू. तथा 80,000 रु. हैं। उनकी वार्षिक आहरित राशि क्रमशः 16,000 रू. एवं 14,000 रू. है। 31 मार्च, 2019 को वर्ष की समाप्ति पर लाभ की राशि 40,000 रू. है।
फर्म के लिए लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें।
राम, राजू एवं जॉर्ज एक फर्म में 5 : 3 : 2 के अनुपात में लाभ विभाजन पर साझेदार हैं। साझेदारी विलेख' के अनुसार जॉर्ज को प्रतिवर्ष 10,000 रु. लाभ के भाग के रूप में प्राप्त होंगे। वर्ष 2019 में निवल लाभ की राशि 40,000 रू. है। लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें।
अमन, बबीता एवं सुरेश एक फर्म में साझेदार हैं, इनका लाभ विभाजन अनुपात 2 : 1 : 1 है। हालाँक सुरेश को प्रतिवर्ष लाभ के भाग के रूप में न्यूनतम 10,000 रू. की गारंटी दी हुई है। यदि लाभ में कोई कमी आती है तो वह खाता बबीता द्वारा पूरा किया जाएगा। 31 मार्च, 2019 तथा 2016 को क्रमशः 40,000 रू. तथा 50,000 रु. का लाभ प्राप्त हुआ। दो वर्ष का लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें।
सिम्मी एवं सोनू एक फर्म में साझेदार हैं जो लाभ एवं हानि का विभाजन 3: 1 के अनुपात में करते हैं। 31 मार्च, 2016 को वर्ष की समाप्ति पर निवल लाभ 50,000 रु. है। निम्नलिखित सूचनाओं को ध्यान में रखते हुए लाभ एवं हानि विनियोग खाता और पूँजी खाते तैयार करें:
- 01 अप्रैल, 2019 को साझेदारों की पूँजी; सिम्मी 30,000 रू.; सोनू 60,000 रू.;
- 01 अप्रैल, 2015 को चालू खाते का शेष; सिम्मी 30,000 रू. (जमा); सोनू 1,50,000 रू. (जमा);
- वर्ष के दौरान साझेदारों की आहरण राशि; सिम्मी 20,000 रू.; सोनू 15,000 रू.;
- पूँजी पर अनुमत ब्याज दर 5% प्रतिवर्ष;
- आहरणों पर प्रभारित ब्याज दर 6% प्रतिवर्ष; एक औसत के अनुसार 6 माह की अवधि;
- साझेदारों का वेतन : सिम्मी 12,000 रू. तथा सोनू 9,000 रू.। इसके साथ ही साझेदारों का चालू खाता दर्शाएँ।
अरविंद और आनन्द साझेदार हैं और 8: 3: 1 के अनुपात में लाभ व हानि को बांटते हैं। अप्रैल 01, 2019 को उनके पूँजी खाते इस प्रकार धे : अरविन्द 4,40,000 रू. और आनन्द 2,60,000 रू.। साझेदार संलेख के अनुबंध के अनुसार साझेदारों को 5% प्र. व. पूँजी पर ब्याज और आहरण पर 6% प्र.व. ब्याज मान्य है। इसके अतिरिक्त अरविन्द को 35,000 रू. का वेतन भी दिया जाएगा।साझेदारों के आहरण इस प्रकार हैं : अरविन्द 40,000 रू. और आनन्द 28,000 रू.। 31 मार्च, 2020 को फर्म की हानि 32,400 रु. थी। लाभ व हानि विनियोग खाता तैयार करें।
रमेश और सुरेश एक फर्म में साझेदार हैं तथा उनके लाभ विभाजन अनुपात उनकी पूँजी के अनुसार है जो कि व्यवसाय के प्रारंभ में क्रमशः 80,000 रू. तथा 60,000 रू. लगाई गई थी। फर्म ने 01 अप्रैल, 2015 से व्यवसाय शुरू किया। साझेदारी समझौते के अनुसार पूँजी और आहरणों पर क्रमशः 12% और 10% प्रतिवर्ष ब्याज की दर अनुमत है। रमेश और सुरेश क्रमशः 2,000 रू. तथा 3,000 रु. प्रतिमाह को वेतन के रूप में प्राप्त करते हैं। वर्ष की समाप्ति पर 31 मार्च, 2016 को उपर्युक्त समायोजनों के करने से पूर्व लाभ 1,00,300 रु. था और रमेश तथा सुरेश के आहरण क्रमशः 40,000 रू. तथा 50,000 रू. थे। आहरणों की राशि पर ब्याज रमेश के लिए 2,000 रू. तथा सुरेश के लिए 2,500 रू. बनते हैं। इनकी पूँजी को अस्थिर मानते हुए लाभ एवं हानि विनियोग खाता तथा साझेदारों का पूँजी खाता तैयार करें।
सुकेश एवं विनीता एक फर्म में साझेदार हैं। उनका साझेदारी समझौता निम्नलिखित प्रावधानों से युक्त है, जिसके अनुसार:
- सुकेश एवं विनीता द्वारा लाभ विभाजन अनुपात 3 : 2;
- पूँजी पर 5% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज देय है;
- विनीता को प्रतिमाह 600 रू. वेतन के रूप में प्राप्त होने चाहिए;
31 दिसंबर, 2016 को उनके लेखा खातों से निम्नलिखित शेष निष्कर्ष रूप में प्राप्त हुए हैं:
सुकेश (रू.) | विनीता (रू.) | |
पूँजी खाते | 40,000 | 40,000 |
चालू खाते | (जमा) 7,200 | (जमा) 2,800 |
आहरण | 10,850 | 8,150 |
पूँजी पर ब्याज एवं साझेदार का वेतन निकलने से पहले इस वर्ष में फर्म का निवल लाभ 9,500 रु. रहा। लाभ एवं हानि विनियोग खाता तथा साझेदारों के चालू खाते तैयार करें।
राहुल, रोहित एवं करन ने 01 अप्रैल, 2014 को क्रमशः 20,00,000 रू. 18,00,000 रू. तथा 16,00,000 रू. से व्यवसाय शुरू किया। वर्ष 2015-16 पर उनका लाभ 1,35,000 रु. था तथा साझेदारों के आहरण राहुल 50,000 रू., रोहित 50,000 रु. तथा करन 40,000 रू. था। लाभों को साझेदार के बीच 3: 2 :1 में वितरित किया गया। पूँजी पर 5% प्रति वर्ष की दर से ब्याज परिकलित कीजिए।
सूरजमुखी और गुलाब ने 01 अप्रैल, 2019 को क्रमशः 2,50,000 रू. तथा 1,50,000 रू. के साथ व्यवसाय शुरू किया। 01 अक्तूबर, 2015 को उन्होंने तय किया कि दोनों की पूँजी 2,00,000 रू. प्रत्येक होनी चाहिए। पूँजी सन्नवेश और रोकड़ आहरण के द्वारा उचित समायोजन किए गए। पूँजी पर 10% की दर से ब्याज अनुमत है। 31 मार्च, 2020 को पूँजी पर ब्याज परिकलित कीजिए।
31 मार्च, 2016 के बाद खाता पुस्तकें बंद होने पर मांउटेन, हिल एवं रॉक की पुस्तकें क्रमशः 4,00,000 रु., 3,00,000 रू. तथा 2,00,000 रू. पर थीं। तंदतर यह पाया गया कि पूँजी पर 10% की दर से ब्याज का विलोपन है। पूरे वर्ष का लाभ 1,50,000 रू. था तथा साझेदारों के आहरण मांउटेन 20,000 रू., हिल 15,000 रु. तथा रॉक 10,000 रू. थे। पूँजी पर ब्याज परिकलित करें।
नीलकांत एवं महादेव के तुलन पत्र का 31 मार्च, 2020 को निष्कर्ष निम्नवत है।
31 मार्च, 2020 को तुलन पत्र | |||
देनदारियाँ | राशि (रु.) | परिसंपत्तियाँ | राशि (रु.) |
नीलकांत की पूँजी | 10,00,000 | विविध परिसंपत्तियाँ | 30,00,000 |
महादेव की पूँजी | 10,00,000 | ||
नीलकांत का चालू खाता | 1,00,000 | ||
महादेव का चालू खाता | 1,00,000 | ||
लाभ व हानि विनियोजन (मार्च 2007) | 8,00,000 | ||
30,00,000 | 30,00,000 |
पूरे वर्ष के दौरान महादेव का आहरण 30,000 रू. है तथा वर्ष 2016 के दौरान लाभ 10,00,000 रु. है। वर्ष के अंत 31 मार्च, 2016 को पूँजी पर ब्याज 5% प्रति वर्ष की दर से परिकलित करें।
मोली और गोलू के पूँजी खाते 01 अप्रैल, 2016 को क्रमशः 40,000 रू. तथा 20,000 रू. का शेष दर्शाते हैं। वे 3: 2 के अनुपात में लाथ विभाजन करते हैं। पूँजी पर 10% की दर से ब्याज अनुमत है तथा आहरणों पर 12% की दर से प्रभार अनुमत है। गोलू ने 01 अगस्त, 2016 को 10,000 रू. का ऋण फर्म को दिया। वर्ष के दौरान मोली ने 1,000 रू. प्रति माह के प्रारंभ में आहरित किए, जब कि गोलू ने प्रति माह के अंत में 1,000 रू. आहरित किए। उपर्युक्त समायोजनों के करने से पूर्व लाभ 20,950 रू. था। आहरणों पर ब्याज परिकलित कीजिए तथा साझेदारों के पूँजी खाते तैयार कीजिए।
राकेश एवं रोशन एक फर्म में 3: 2 के अनुपात में लाभ विभाजन से क्रमशः 40,000 रू. तथा 30,000 रू. के साथ साझेदार है। उन्होंने अपने निजी उपयोग हेतु निम्नलिखित आहरण वर्ष भर किए हैं।
राकेश | माह | रू. |
03 मई, 2019 | 600 | |
30 जून, 2019 | 500 | |
31 अगस्त, 2019 | 1,000 | |
01 नवंबर, 2019 | 400 | |
31 दिसंबर, 2019 | 1,500 | |
31 जनवरी, 2020 | 300 | |
01 मार्च, 2020 | 700 | |
रोशन | प्रत्येक माह के प्रारंभ में | 400 |
6 % वार्षिक की दर से आहरण पर ब्याज प्रभारित होना है। आहरणों पर ब्याज परिकलित कीजिए जबकि प्रतिवर्ष 31 मार्च, 2019 को खाता पुस्तकें बंद होती हैं।
हिमांशु प्रतिमाह 2,500 रू. आहरित करता है। साझेदारी विलेख के अनुसार आहरणों पर 12% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज देय है। 31 मार्च, 2016 को वर्ष की समाप्ति पर हिमांशु के आहरणों पर ब्याज का परिकलन करें।
भाराम एक फर्म में साझेदार है। वह 12 महीनों तक प्रत्येक माह के अंत में 3,000 रु. आहरित करता है। फर्म के लेखा खाते प्रतिवर्ष 31 मार्च को बंद होते हैं। यदि ब्याज दर 10% वार्षिक है तो आहरणों पर ब्याज का परिकलन करें।
राज एवं नीरज एक फर्म में साझेदार हैं। 01 अप्रैल, 2015 को उनकी पूँजी क्रमशः 2,50,000 रू. तथा 1,50,000 रू. थी। वे लाभ की भागीदारी बराबर करते हैं। 01 जुलाई, 2015 को वे निर्णय लेते हैं कि उन दोनों की पूँजी 1,00,000 रु. प्रत्येक होनी चाहिए। उनकी पूँजी में आवश्यक समायोजन रोकड़ को सन्निविष्ट करके अथवा आहरित करके किया गया। पूँजी पर 8% वार्षिक की दर से ब्याज अनुमत है। वर्ष की समाप्ति 31 मार्च, 2016 पर दोनों साझेदारों की पूँजी पर ब्याज की संगणना करें।
अमित और भोला एक फर्म में साझेदार हैं। उनका लाभ विभाजन अनुपात 3 : 2 है। उनके साझेदारी विलेख के अनुसार आहरणों पर ब्याज की दर 10% वार्षिक प्रभारित होनी है। वर्ष 2014 के दौरान उनके आहरण क्रमशः 24,000 रू. तथा 16,000 रू. थे। यह मानकर कि उन्होंने पूरे वर्ष नियमित रूप से राशियाँ आहरित की थी। इसी आधार पर आहरणों पर ब्याज परिकलित कीजिए।
हरीश एक फर्म में साझेदार है। वह वर्ष 2019 के दौरान निम्नलिखित आहरित करता है:
रू. | |
01 मई 2019 | 4,000 |
01 अगस्त 2019 | 10,000 |
30 सितंबर 2019 | 4,000 |
31 दिसंबर 2019 | 12,000 |
31 मार्च 2019 | 4,000 |
आहरणों पर प्रभारित होने वाली वार्षिक ब्याज दर `7 1/2` है। मार्च 2020 के लिए हरीश के आहरणों पर ब्याज की राशि परिकलित कीजिए।
मेनन एवं टॉमस एक फर्म में साझेदार हैं। वे लाभ का विभाजन बराबर करते हैं। आहरणों पर 10% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज प्रभारित होना है। वर्ष 2015-16 के लिए यह मानकर मेनन की आहरित राशि रू. 2,000 प्रतिमाह पर ब्याज परिकलित करें कि:
- वर्ष भर प्रत्येक माह के प्रारंभ में।
- प्रत्येक माह के मध्य में, तथा
- प्रत्येक माह के अंत में आहरण किए हैं।
31 मार्च, 2016 को लेखा खाते बंद होने के बाद, राम, श्याम तथा मोहन की पूँजी शेष क्रमशः 24,000 रू. 18,000 रु. तथा 12,000 रू. प्रकट होती हैं। लेकिन बाद में यह पता चलता है कि पूँजी पर 5% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज शामिल होने से रह गई है। 31 मार्च, 2016 को वर्ष के अंत में यह लाभ राशि 36,000 रू. होती है तथा साझेदारों के आहरण: राम 3,600 रू., श्याम 4,500 रू. तथा मोहन 2,700 रू. होती है। राम, श्याम एवं मोहन का लाभ विभाजन अनुपात 3: 2: 1 है। पूँजी पर ब्याज परिकलित कीजिए।
अमित, सुमित और समीक्षा 3 : 2 : 1 के अनुपात में लाभ विभाजन के साझेदार हैं। अमित और सुमित द्वारा समीक्षा के न्यूनतम लाभ 8,000 रु. की गारंटी ली गई। 31 मार्च, 2016 को लाभ 36,000 रु. था। साझेदारों के बीच लाभ वितरण की राशि ज्ञात करें।
पिंकी, दीप्ति व काकु एक फर्म में 5 : 4 : 1 के अनुपात में साझेदार हैं। काकू को यह सुनिश्चित किया गया कि उसके लाभ का भाग कभी भी 5,000 रू. से कम नहीं होगा, यदि ऐसा हुआ तो यह पिंकी व दीप्ति द्वारा समान रूप से वहन किया जाएगा। वर्ष का लाभ 40,000 रू. हुआ। लाभ विभाजन को दर्शाते हुए आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियाँ दर्शाएँ।
अभय, सिद्धार्थ व कुसुम एक फर्म में साझेदार हैं और उनका लाभ विभाजन अनुपात 5:3:2 का है। कुसम को लाभ शेयर के रूप में 10,000 रू. की गारंटी दी गई है। यदि कोई कमी आई तो इसे सिद्धार्थ के खाते से पूरा किया जाएगा। 31 मार्च, 2016-17 वर्ष के अंत में लाभ क्रमश : 40,000 रू. तथा 60,000 रू. था। लाभ व हानि विनियोग खाता तैयार कीजिए।
राधा, मैरी व फातिमा के अनुपात में लाभ विभाजन करती है। फातिमा को गारंटी दी गई है की उसके लाभ का भाग 5000 रू. से कम नहीं होगा, यदि कोई कमी होती है तो लाभ की कमी को राधा वह मैरी द्वारा 8 : 2 के अनुपात में वहन किया जाएगा। वर्ष के अंत 31 मार्च, 2020 को लाभ 35000 रू. था। साझेदारों के बीच लाभ विभाजन करते हुए आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टि तैयार करें।
क, ख एवं ग एक फॉर्म की साझेदारी में लाभ विभाजन क्रमश: 3 : 2 : 1 के अनुपात में करते हैं। हालाँकि ग के भाग के लिए क एवं ख ने न्यूनतम ₹ 8,000 रु. की स्थिर गारंटी दी हुई है। वर्ष के अंत में 31 मार्च, 2020 को लाभ ₹ 36,000 रु. होता है। लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें जिसमें प्रत्येक साझीदार के लिए अंतिम प्राप्त राशि का संकेत हो।
अरूण, बॉबी एवं चिंटू एक फर्म में 2: 2: 1 के अनुपात में लाभ विभाजन के साझेदार हैं। साझेदारी विलेख की गारंटी के अनुसार कंपनी का लाभ कुछ भी हो किंतु चिंटू को कम-से-कम 6,000 रू. प्राप्त होने हैं। चिंटू के खाते में ऐसी गारंटी की कोई भी अतिरेक अरूण के द्वारा वहन की जाएगी। एक लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें जो साझेदारों के बीच लाभ के वितरण को दर्शाता, यदि मान लीजिए कि वर्ष 2016 के लिए लाभ (i) 2,50,000 रू. (ii) 3,60,000 रू. हुआ हो।
अशोक, बृजेश एवं शीना, एक फर्म में 2: 2: 1 के अनुपात में लाभ व हानि का विभाजन करते हुए साझेदार हैं। अशोक एवं बृजेश यह गारंटी देते हैं कि शीना को किसी भी वर्ष 20,000 रु. से कम लाभ नहीं दिया जाएगा। वर्ष के अंत 31 मार्च, 2016 के लिए लाभ की राशि 70,000 रू. होती है। लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार कीजिए।
राम, मोहन और सोहन एक फर्म में क्रमशः 5,00,000 रू., 2,50,000 रू. तथा 2,00,000 रु. की पूँजी के साथ साझेदार हैं। पूँजी पर 10% प्रतिवर्ष की दर से व्याज के प्रावधान के बाद लाभ को निम्नानुसार विभाजित करें। राम 1/2, मोहन 1/3 और सोहन 1/6 लेकिन राम एवं मोहन ने सोहन को कम से कम 25,000 रू. प्रति वर्ष देने की गारंटी दी है। वर्ष के अंत में 31 मार्च, 2017 के लिए, पूँजी पर ब्याज प्रभारित करने से पहले, निवल लाभ 2,00,000 रु. है। आप से अपेक्षा है कि लाभ का परिकलन करें।
अमित, बबीता एवं सोना एक फर्म में साझेदार हैं। उनका लाभ 3 :2:1 के अनुपात में विभाजित हैं तथा निम्न बातों को ध्यान में भी रखना है:
- सोना के गारंटी के रूप में लाभ का भाग 15,000 रू. प्रति वर्ष से कम न हो।
- बबीता इस प्रभाव के साथ गारंटी देती है कि जब वह फर्म में नौकरी करती थी तब से उसे 5 साल के औसत कुल प्रभार या फीस (जो 25,000 रु. है) के बराबर होनी चाहिए और आज उसके द्वारा अर्जित फीस इससे कम नहीं होगी। वर्ष के अंत में 31 मार्च, 2017 के लिए कुल लाभ 75,000 रू. होता है और फर्म हेतु बबीता के द्वारा अर्जित कुल फीस 16,000 रु. है।
आप से लाभ एवं हानि विनियोग खाता को दर्शाने की अपेक्षा की जाती है। (लेकिन दिए गए अकेले प्रभाव को अपनाने के बाद)
वर्ष के अंत में 31 मार्च, 2016 के लिए क, ख एवं ग का निवल लाभ 60,000 रू. था और यही राशि इन साझेदारों के बीच 3: 1: 1 के अनुपात में वितरित की गई। इसके बाद यह बात पता चली कि निम्नलिखित लेन-देन को लेखा खातों में नहीं अभिलेखित किया गया है :
(i) पूँजी पर ब्याज की दर 5% प्रतिवर्ष
(ii) आहरणों पर ब्याज जो कि क के 700 रू.; ख के 500 रू.; ग के 300 रू. हैं।
(iii) साझेदारों का वेतन क के 1,000 रू.; ख के 1,500 रु. प्रति वर्ष
(iv) एक सहमतिपूर्ण कमीशन क के लिए 6,000 रु., ख के लिए 6,000 रू. जो कि एक फर्म की विशेष लेन-देन से पैदा हुआ है। समायोजन प्रविष्टियों का अभिलेखन करें।
हैरी, पोर्टर एवं अली एक फर्म में 2: 2 : 1 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हैं "जो कई वर्षो से विद्यमान है; लेकिन अली चाहता है कि वह भी फर्म में हैरी एवं पोर्टर के समान बराबर का लाभ का भागीदार बने। इसके साथ ही वह चाहता है कि वह लाभ विभाजन पिछले तीन वर्षो से पूर्व प्रभावी तरीके से प्राप्त हो। इस बारे में हैरी एवं पोर्टर एक समझौता करते हैं।
पिछले तीन वर्षों का लाभ
वर्ष | (रु.) |
2013 - 14 | 22,000 |
2014 - 15 | 24,000 |
2015 - 16 | 29,000 |
एक एकल समायोजन रोज़नामचा प्रविष्टि के द्वारा लाभ का समायोजन प्रदर्शित करें।
मनु एवं सृष्टि एक फर्म में 3 : 2 के अनुपात में लाभ विभाजन के साझेदार हैं। 31 मार्च, 2017 को उनके फर्म का तुलन पत्र निम्नानुसार है:
31 मार्च, 2017 के अनुसार तुलन पत्र | |||||
दायित्व | राशि (रु.) | परिसंपत्तियाँ | राशि (रु.) | ||
मनु की पूँजी | 30,000 | 40,000 |
आहरण |
||
सृष्टि की पूँजी | 10,000 | मन्नू | 4,000 | 6,000 | |
सृष्टि | 2,000 | ||||
40,000 | 40,000 |
31 मार्च, 2017 के वर्ष के अंत में लाभ को सहमत अनुपात के आधार पर वितरित किया गया लेकिन पूँजी पर ब्याज की दर 5% वार्षिक तथा आहरणों पर 6% वार्षिक असावधानी से जाँच द्वारा ली गई। एक औसत अर्वधि 6 माह के लिए आधार बनाकर आहरण पर ब्याज का समायोजन करें। समायोजन प्रविष्टि प्रदान करें।
31 मार्च, 2017 को एलविन, मोनू एवं अहमद के पूँजी खाते पर लाभ, आहरणों आदि के समायोजन हुए थे जो कि एलविन 80,000 रू., मोनू 60,000 रू. तथा अहमद की 40,000 रु. थी। इसके तदंतर ही यह पता चला कि पूँजी तथा आहरणों पर ब्याज छूट गया है, जिसे शामिल किया जाना था। ये साझेदार पूँजी पर 5% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज लेने के लिए अधिकृत थे। इस वर्ष के दौरान आहरण इस तरह थे: एलविन 20,000 रु., मोनू 15,000 रू. तथा अहमद 9,000 रु.। साझेदारों द्वारा आहरणों पर प्रभारित ब्याज राशि इस प्रकार थी : एलविन 500 रू., मोनू 360 रू. तथा अहमद 200 रू.। वर्ष की निवल लाभ राशि 1,20,000 रू. थी और लाभ विभाजन अनुपात 3 : 2 : 1 था।
आज़ाद एवं बिन्नी बराबर के साझेदार हैं। उनकी पूँजी क्रमशः 40,000 रू. तथा 80,000 रू. थी। वर्ष के अंत में खातों को तैयार करने के बाद यह पता चला कि साझेदारी विलेख में प्रस्तावित 5% प्रतिवर्ष की ब्याज दर को लाभ वितरण से पहले पूँजी खातों में नहीं जमा किया गया है। यह तय किया गया कि अगले वर्ष के प्रारंभ में एक समायोजन प्रविष्टि तैयार की जाए। आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टि अभिलेखित करें।
मोहन, विजय व अनिल साझेदार हैं, उनके पूँजी खातों में क्रमशः 30,000 रू. 25,000 रू. तथा 20,000 रू. शेष हैं। इन अंकों पर पहुँचने के साथ 31 मार्च, 2017 को वर्ष की समाप्ति पर लाभ राशि 24,000 रू. साझेदारों के खातों में उनके लाभ विभाजन अनुपात में जमा किया गया। गणना के दौरान मोहन, विजय तथा अनिल का आहरण क्रमशः 5,000 रू., 4,000 रू. तथा 3,000 रू. थी। तंदतर निम्न विलोपन देखे गए।
(अ) पूँजी पर 10% वार्षिक की दर से ब्याज प्रभारित नहीं किया गया।
(ब) आहरणों पर ब्याज मोहन 250 रू., विजय 200 रू., अनिल 150 रू. खाता पुस्तकों में अभिलेखित नहीं हुए है।
रोज़नामचा प्रविष्टि द्वारा आवश्यक सुधार अभिलेखित करें।
अंजू, मंजू व ममता साझेदार है जिसमें उनकी स्थिर पूँजी क्रमशः 10,000 रू. 8,000 रू. व 6,000 रु. है। साझेदारी विलेख के अनुसार पूँजी पर 5% वार्षिक दर से ब्याज देय अनुमत है। लेकिन पिछले तीन वर्षों से प्रविष्टि नहीं डाली गई है। इन वर्षों के दौरान लाभ विभाजन अनुपात निम्नवत था।
वर्ष |
अंजू |
मंजू |
ममता |
2016 |
4 |
3 |
5 |
2017 |
3 |
2 |
1 |
2018 |
1 |
1 |
1 |
नए वर्ष हेतु आवश्यक एवं समायोजन प्रविष्टियाँ तैयार करें, अर्थात अप्रैल 2017 हेतु प्रविष्टियाँ दें।
Solutions for 2: साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
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