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सुकेश एवं विनीता एक फर्म में साझेदार हैं। उनका साझेदारी समझौता निम्नलिखित प्रावधानों से युक्त है, जिसके अनुसार: - Accountancy (लेखाशास्त्र)

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प्रश्न

सुकेश एवं विनीता एक फर्म में साझेदार हैं। उनका साझेदारी समझौता निम्नलिखित प्रावधानों से युक्त है, जिसके अनुसार:

  1. सुकेश एवं विनीता द्वारा लाभ विभाजन अनुपात 3 : 2;
  2. पूँजी पर 5% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज देय है;
  3. विनीता को प्रतिमाह 600 रू. वेतन के रूप में प्राप्त होने चाहिए;

31 दिसंबर, 2016 को उनके लेखा खातों से निम्नलिखित शेष निष्कर्ष रूप में प्राप्त हुए हैं:

  सुकेश (रू.) विनीता (रू.)
पूँजी खाते 40,000 40,000
चालू खाते (जमा) 7,200 (जमा) 2,800
आहरण 10,850 8,150

पूँजी पर ब्याज एवं साझेदार का वेतन निकलने से पहले इस वर्ष में फर्म का निवल लाभ 9,500 रु. रहा। लाभ एवं हानि विनियोग खाता तथा साझेदारों के चालू खाते तैयार करें।

खाता बही

उत्तर

नाम

लाभ और हानि विनियोग खाता जमा

विवरण

  राशि (रु.)

विवरण

 राशि (रु.)

पूँजी पर ब्याज

   

लाभ और हानि
(9,500 + 7,200)

16,700
सुकेश (40,000 × 5%) 2,000 4,000    
विनीता (40,000 × 5%) 2,000    

साझेदार का वेतन
(600 × 12)

  7,200    

लाभ हस्तांतरित (3 : 2)

       
सुकेश 3,300 5,500    
विनीता 2,200    
    16,700   16,700

 

नाम

साझेदारों के पूँजी खाते

जमा
विवरण

सुकेश

विनीता

विवरण

सुकेश

विनीता
पूंजी वापस ली - -

शेष आ/ला

40,000 40,000

शेष आ/ले

40,000 40,000 अतिरिक्त पूँजी - -
  40,000 40,000   40,000 40,000

 

नाम

साझेदारों के पूँजी खाते

जमा
विवरण

सुकेश

विनीता

विवरण 

सुकेश

विनीता

आहरित

10,850

8,150

शेष आ/ला

7,200

2,800

शेष आ/ले

1,650

6050

पूँजी पर ब्याज

2,000

2,000
 

 

 

साझेदार का वेतन

-

7,200
 

 

 

लाभ और हानि विनियोग

3,300

2,200
 

12,500

14,200

 

12,500

14,200
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पूर्व समायोजन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2: साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ - अभ्यास के लिए प्रश्न [पृष्ठ १०७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Accountancy - Not-for-Profit Organisation and Partnership Accounts [Hindi] Class 12
अध्याय 2 साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
अभ्यास के लिए प्रश्न | Q 13. | पृष्ठ १०७

संबंधित प्रश्न

सूरजमुखी और गुलाब ने 01 अप्रैल, 2019 को क्रमशः 2,50,000 रू. तथा 1,50,000 रू. के साथ व्यवसाय शुरू किया। 01 अक्तूबर, 2015 को उन्होंने तय किया कि दोनों की पूँजी 2,00,000 रू. प्रत्येक होनी चाहिए। पूँजी सन्नवेश और रोकड़ आहरण के द्वारा उचित समायोजन किए गए। पूँजी पर 10% की दर से ब्याज अनुमत है। 31 मार्च, 2020 को पूँजी पर ब्याज परिकलित कीजिए।


31 मार्च, 2016 के बाद खाता पुस्तकें बंद होने पर मांउटेन, हिल एवं रॉक की पुस्तकें क्रमशः 4,00,000 रु., 3,00,000 रू. तथा 2,00,000 रू. पर थीं। तंदतर यह पाया गया कि पूँजी पर 10% की दर से ब्याज का विलोपन है। पूरे वर्ष का लाभ 1,50,000 रू. था तथा साझेदारों के आहरण मांउटेन 20,000 रू., हिल 15,000 रु. तथा रॉक 10,000 रू. थे। पूँजी पर ब्याज परिकलित करें।


नीलकांत एवं महादेव के तुलन पत्र का 31 मार्च, 2020 को निष्कर्ष निम्नवत है।

31 मार्च, 2020 को तुलन पत्र
देनदारियाँ राशि (रु.) परिसंपत्तियाँ राशि (रु.)
नीलकांत की पूँजी 10,00,000 विविध परिसंपत्तियाँ 30,00,000
महादेव की पूँजी 10,00,000    
नीलकांत का चालू खाता 1,00,000    
महादेव का चालू खाता 1,00,000    
लाभ व हानि विनियोजन (मार्च 2007) 8,00,000    
  30,00,000   30,00,000

पूरे वर्ष के दौरान महादेव का आहरण 30,000 रू. है तथा वर्ष 2016 के दौरान लाभ 10,00,000 रु. है। वर्ष के अंत 31 मार्च, 2016 को पूँजी पर ब्याज 5% प्रति वर्ष की दर से परिकलित करें।


ऋषि एक फर्म में साझेदार है। 31 मार्च, 2016 तक वह निम्न आहरण करता है।

01 मई, 2019 12,000 रु.
31 जुलाई, 2019 6,000 रु.
30 सितंबर, 2019 9,000 रु.
30 नवंबर, 2019 12,000 रु.
01 जनवरी, 2020 8,000 रु.
31 मार्च, 2020 7,000 रु.

आहरणों पर 9% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज देय है। आहरणों पर व्याज परिकलित कीजिए।


मोली और गोलू के पूँजी खाते 01 अप्रैल, 2016 को क्रमशः 40,000 रू. तथा 20,000 रू. का शेष दर्शाते हैं। वे 3: 2 के अनुपात में लाथ विभाजन करते हैं। पूँजी पर 10% की दर से ब्याज अनुमत है तथा आहरणों पर 12% की दर से प्रभार अनुमत है। गोलू ने 01 अगस्त, 2016 को 10,000 रू. का ऋण फर्म को दिया। वर्ष के दौरान मोली ने 1,000 रू. प्रति माह के प्रारंभ में आहरित किए, जब कि गोलू ने प्रति माह के अंत में 1,000 रू. आहरित किए। उपर्युक्त समायोजनों के करने से पूर्व लाभ 20,950 रू. था। आहरणों पर ब्याज परिकलित कीजिए तथा साझेदारों के पूँजी खाते तैयार कीजिए।


राकेश एवं रोशन एक फर्म में 3: 2 के अनुपात में लाभ विभाजन से क्रमशः 40,000 रू. तथा 30,000 रू. के साथ साझेदार है। उन्होंने अपने निजी उपयोग हेतु निम्नलिखित आहरण वर्ष भर किए हैं।

राकेश माह रू.
  03 मई, 2019 600
  30 जून, 2019 500
  31 अगस्त, 2019 1,000
  01 नवंबर, 2019 400
  31 दिसंबर, 2019 1,500
  31 जनवरी, 2020 300
   01 मार्च, 2020 700
रोशन प्रत्येक माह के प्रारंभ में 400

6 % वार्षिक की दर से आहरण पर ब्याज प्रभारित होना है। आहरणों पर ब्याज परिकलित कीजिए जबकि प्रतिवर्ष 31 मार्च, 2019 को खाता पुस्तकें बंद होती हैं।


हिमांशु प्रतिमाह 2,500 रू. आहरित करता है। साझेदारी विलेख के अनुसार आहरणों पर 12% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज देय है। 31 मार्च, 2016 को वर्ष की समाप्ति पर हिमांशु के आहरणों पर ब्याज का परिकलन करें।


अमित और भोला एक फर्म में साझेदार हैं। उनका लाभ विभाजन अनुपात 3 : 2 है। उनके साझेदारी विलेख के अनुसार आहरणों पर ब्याज की दर 10% वार्षिक प्रभारित होनी है। वर्ष 2014 के दौरान उनके आहरण क्रमशः 24,000 रू. तथा 16,000 रू. थे। यह मानकर कि उन्होंने पूरे वर्ष नियमित रूप से राशियाँ आहरित की थी। इसी आधार पर आहरणों पर ब्याज परिकलित कीजिए।


अरूण, बॉबी एवं चिंटू एक फर्म में 2: 2: 1 के अनुपात में लाभ विभाजन के साझेदार हैं। साझेदारी विलेख की गारंटी के अनुसार कंपनी का लाभ कुछ भी हो किंतु चिंटू को कम-से-कम 6,000 रू. प्राप्त होने हैं। चिंटू के खाते में ऐसी गारंटी की कोई भी अतिरेक अरूण के द्वारा वहन की जाएगी। एक लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें जो साझेदारों के बीच लाभ के वितरण को दर्शाता, यदि मान लीजिए कि वर्ष 2016 के लिए लाभ (i) 2,50,000 रू. (ii) 3,60,000 रू. हुआ हो। 


राम, मोहन और सोहन एक फर्म में क्रमशः 5,00,000 रू., 2,50,000 रू. तथा 2,00,000 रु. की पूँजी के साथ साझेदार हैं। पूँजी पर 10% प्रतिवर्ष की दर से व्याज के प्रावधान के बाद लाभ को निम्नानुसार विभाजित करें। राम 1/2, मोहन 1/3 और सोहन 1/6 लेकिन राम एवं मोहन ने सोहन को कम से कम 25,000 रू. प्रति वर्ष देने की गारंटी दी है। वर्ष के अंत में 31 मार्च, 2017 के लिए, पूँजी पर ब्याज प्रभारित करने से पहले, निवल लाभ 2,00,000 रु. है। आप से अपेक्षा है कि लाभ का परिकलन करें।


वर्ष के अंत में 31 मार्च, 2016 के लिए क, ख एवं ग का निवल लाभ 60,000 रू. था और यही राशि इन साझेदारों के बीच 3: 1: 1 के अनुपात में वितरित की गई। इसके बाद यह बात पता चली कि निम्नलिखित लेन-देन को लेखा खातों में नहीं अभिलेखित किया गया है :

(i) पूँजी पर ब्याज की दर 5% प्रतिवर्ष

(ii) आहरणों पर ब्याज जो कि क के 700 रू.; ख के 500 रू.; ग के 300 रू. हैं।

(iii) साझेदारों का वेतन क के 1,000 रू.; ख के 1,500 रु. प्रति वर्ष

(iv) एक सहमतिपूर्ण कमीशन क के लिए 6,000 रु., ख के लिए 6,000 रू. जो कि एक फर्म की विशेष लेन-देन से पैदा हुआ है। समायोजन प्रविष्टियों का अभिलेखन करें।


मोहन, विजय व अनिल साझेदार हैं, उनके पूँजी खातों में क्रमशः 30,000 रू. 25,000 रू. तथा 20,000 रू. शेष हैं। इन अंकों पर पहुँचने के साथ 31 मार्च, 2017 को वर्ष की समाप्ति पर लाभ राशि 24,000 रू. साझेदारों के खातों में उनके लाभ विभाजन अनुपात में जमा किया गया। गणना के दौरान मोहन, विजय तथा अनिल का आहरण क्रमशः 5,000 रू., 4,000 रू. तथा 3,000 रू. थी। तंदतर निम्न विलोपन देखे गए।

(अ) पूँजी पर 10% वार्षिक की दर से ब्याज प्रभारित नहीं किया गया।

(ब) आहरणों पर ब्याज मोहन 250 रू., विजय 200 रू., अनिल 150 रू. खाता पुस्तकों में अभिलेखित नहीं हुए है।
रोज़नामचा प्रविष्टि द्वारा आवश्यक सुधार अभिलेखित करें।


अंजू, मंजू व ममता साझेदार है जिसमें उनकी स्थिर पूँजी क्रमशः 10,000 रू. 8,000 रू. व 6,000 रु. है। साझेदारी विलेख के अनुसार पूँजी पर 5% वार्षिक दर से ब्याज देय अनुमत है। लेकिन पिछले तीन वर्षों से प्रविष्टि नहीं डाली गई है। इन वर्षों के दौरान लाभ विभाजन अनुपात निम्नवत था।

वर्ष

अंजू

मंजू

ममता

2016

4

3

5

2017

3

2

1

2018

1

1

1

नए वर्ष हेतु आवश्यक एवं समायोजन प्रविष्टियाँ तैयार करें, अर्थात अप्रैल 2017 हेतु प्रविष्टियाँ दें।


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