Advertisements
Advertisements
प्रश्न
साम्य \[\ce{2H2(g) + CO(g) ⇌ CH3OH(g)}\] पर प्रभाव बताइए।
CH3OH हटाने पर
उत्तर
ला-शातेलिए सिद्धांत के अनुसार, साम्यावस्था अग्र दिशा में विस्थापित होगी।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक Kc का व्यंजक लिखिए-
\[\ce{2NOCl(g) ⇌ 2NO(g) + Cl2(g)}\]
निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक Kc का व्यंजक लिखिए-
\[\ce{2Cu(NO3)2(s) ⇌ 2CuO(s) + 4NO2(g) + O2(g)}\]
निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक Kc का व्यंजक लिखिए-
\[\ce{I2(s) + 5F2 ⇌ 2IF5}\]
Kp के मान से निम्नलिखित में से साम्य के लिए Kc का मान ज्ञात कीजिए-
\[\ce{2NOCI(g) ⇌ 2NO(g) + Cl2(g); {K_p} = 1.8 × 10^{-2}}\] at 500 K
Kp के मान से निम्नलिखित में से साम्य के लिए Kc का मान ज्ञात कीजिए-
\[\ce{CaCO3(s) ⇌ CaO(s) + CO2(g); {K_p} = 167}\] at 1073 K
साम्य \[\ce{NO(g) +O3(g) ⇌NO2(g) +O2(g)}\] के लिए 1000 K पर Kc = 6.3 × 1014 है। साम्य में अग्र एवं प्रतीप दोनों अभिक्रियाएँ प्राथमिक रूप से द्विअणुक हैं। प्रतीप अभिक्रिया के लिए Kc क्या है?
N2 एवं O2 के मध्य निम्नलिखित अभिक्रिया होती है-
\[\ce{2N2(g) +O2(g) ⇌ 2N2O(g)}\]
यदि एक 10 L के पात्र में 0.482 मोल N2 एवं 0.933 मोल O2 रखें जाएँ तथा एक ताप, जिस पर N2O बनने दिया जाए तो साम्य मिश्रण का संघटन ज्ञात कीजिए Kc = 2.0 × 10-37।
298 K पर NO एवं O2 से NO2 बनती है-
\[\ce{NO(g) + \frac{1}{2} O2(g) ⇌ NO2(g)}\]
अभिक्रिया के लिए (क) ∆G⊖ एवं (ख) साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए-
∆fG⊖ (NO2) = 52.0 kJ/mol
∆fG⊖ (NO) = 87.0 kJ/mol
∆fG⊖ (O2) = 0 kJ/mol
साम्य \[\ce{2H2(g) + CO(g) ⇌ CH3OH(g)}\] पर प्रभाव बताइए।
CH3OH मिलाने पर
साम्य \[\ce{2H2(g) + CO(g) ⇌ CH3OH(g)}\] पर प्रभाव बताइए।
CO हटाने पर