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प्रश्न
साम्य \[\ce{2H2(g) + CO(g) ⇌ CH3OH(g)}\] पर प्रभाव बताइए।
CO हटाने पर
उत्तर
ला-शातेलिए सिद्धांत के अनुसार, साम्यावस्था पश्च दिशा में विस्थापित होगी।
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निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक Kc का व्यंजक लिखिए-
\[\ce{CH3COOC2H5(aq) + H2O(l) ⇌ CH3COOH(aq) + C2H5OH(aq)}\]
निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए साम्य स्थिरांक Kc का व्यंजक लिखिए-
\[\ce{I2(s) + 5F2 ⇌ 2IF5}\]
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\[\ce{CaCO3(s) ⇌ CaO(s) + CO2(g); {K_p} = 167}\] at 1073 K
साम्य स्थिरांक का व्यंजक लिखते समय समझाइए कि शुद्ध द्रवों एवं ठोसों को उपेक्षित क्यों किया जा सकता है?
N2 एवं O2 के मध्य निम्नलिखित अभिक्रिया होती है-
\[\ce{2N2(g) +O2(g) ⇌ 2N2O(g)}\]
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निम्नलिखित अभिक्रिया के अनुसार नाइट्रिक ऑक्साइड Br2 से अभिक्रिया कर नाइट्रोसिल ब्रोमाइड बनाती है-
\[\ce{2NO(g) + Br2(g) ⇌ 2NOBr(g)}\]
जब स्थिर ताप पर एक बंद पात्र में 0.087 मोल NO एवं 0.0437 मोल Br2 मिश्रित किए जाते हैं, तब 0.0518 मोल NOBr प्राप्त होती है। NO एवं Br2 की साम्य मात्रा ज्ञात कीजिए।
298 K पर NO एवं O2 से NO2 बनती है-
\[\ce{NO(g) + \frac{1}{2} O2(g) ⇌ NO2(g)}\]
अभिक्रिया के लिए (क) ∆G⊖ एवं (ख) साम्य स्थिरांक की गणना कीजिए-
∆fG⊖ (NO2) = 52.0 kJ/mol
∆fG⊖ (NO) = 87.0 kJ/mol
∆fG⊖ (O2) = 0 kJ/mol
साम्य \[\ce{2H2(g) + CO(g) ⇌ CH3OH(g)}\] पर प्रभाव बताइए।
H2 मिलाने पर
साम्य \[\ce{2H2(g) + CO(g) ⇌ CH3OH(g)}\] पर प्रभाव बताइए।
CH3OH मिलाने पर
साम्य \[\ce{2H2(g) + CO(g) ⇌ CH3OH(g)}\] पर प्रभाव बताइए।
CH3OH हटाने पर