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प्रश्न
साम्यावस्था पर वाष्पशील द्रव विलायक में ठोस विलेय के घुलने की दर ______।
विकल्प
क्रिस्टलीकरण की दर से कम होती है।
क्रिस्टलीकरण की दर से अधिक होती है।
क्रिस्टलीकरण की दर के बराबर होती है।
शून्य होती है।
उत्तर
साम्यावस्था पर वाष्पशील द्रव विलायक में ठोस विलेय के घुलने की दर क्रिस्टलीकरण की दर के बराबर होती है।
स्पष्टीकरण -
एक विलयन से निर्माण स्थिर क्रिस्टल के अवक्षेपण को क्रिस्टलीकरण के रूप में जाना जाता है। इसका उपयोग पदार्थों को शुद्ध करने के लिए किया जा सकता है। पदार्थ का विघटन पदार्थ (विलय) और विलय, विलायक के बीच साम्यावस्था है। इसलिए, साम्यावस्था में, एक अस्थिर तरल विलायक में ठोस विलेय के विघटन की दर क्रिस्टलीकरण की दर के बराबर होती है।
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द्रव विलायक की निश्चित मात्रा में घुल सकने वाली ठोस विलेय की अधिकतम मात्रा _______ निर्भर नहीं करती।
निम्नलिखित सूचना के आधार पर सही विकल्प का चयन कीजिए।
सूचना-
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- एथेनॉल और ऐसीटोन के मिश्रण में A−A और B−B प्रकार की अंतराआणिव्वक अन्योन्य क्रियाएँ A-B प्रकार की अन्योन्य क्रियाओं से प्रबल हैं।
- क्लोरोफॉर्म और एसीटोन के मिश्रण में A−A और B−B प्रकार की अंतराआणिवक अन्योन्य क्रियाएँ A−B प्रकार की अन्योन्य क्रियाओं से दुर्बल हैं।
वाष्प दाब में आपेक्षिक अवनमन एक अणुसंख्य गुणधर्म है क्योंकि ______।
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- यह समाधान में इलेक्ट्रोलाइट या गैर-इलेक्ट्रोलाइट विलेय की सांद्रता के साथ-साथ विलेय अणुओं की प्रकृति पर निर्भर करता है।
निम्नलिखित में से कौन-से द्विअंगी मिश्रणों का संघटन द्रव और वाष्प प्रावस्था में समान होगा?
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एक द्विअंगी आदर्श द्रव विलयन के लिए कुल वाष्प दाब में परिवर्तन तथा विलयन के संघटन के मध्य कौन-से वक्र सही हैं?
(i)
(ii)
(iii)
(iv)
दो द्रवों A और B के द्विअंगी मिश्रण में से संघटकों को आसवन द्वारा अलग किया जा रहा था। कुछ समय पश्चात् संघटकों का अलग होना रूक गया और वाष्प तथा द्रव प्रावस्था का संघटन एकसमान हो गया तथा आसुत में दोनों ही संघटक आने लगे। स्पष्ट कीजिए ऐसा क्यों हुआ।
हेनरी के नियम की सहायता से निम्नलिखित परिघटना को समझाइए।
कष्टप्रद स्थिति जिसे 'बैंड' कहा जाता है।
कॉलम I में दिए गए नियम को कॉलम II में दिए गए व्यंजक से सुमेलित कीजिए-
कॉलम I | कॉलम II |
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(ii) हेनरी का नियम | (b) Π = CRT |
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