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प्रश्न
वाष्प दाब में आपेक्षिक अवनमन एक अणुसंख्य गुणधर्म है क्योंकि ______।
- यह विद्युत् अनअपघट्य विलेय की विलयन में सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रक्ति पर निर्भर नहीं करता।
- यह विद्युत् अपघट्य की सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता।
- यह विद्युत अनअपघट्य विलेय की सांद्रता के साथ-साथ विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर करता है।
- यह समाधान में इलेक्ट्रोलाइट या गैर-इलेक्ट्रोलाइट विलेय की सांद्रता के साथ-साथ विलेय अणुओं की प्रकृति पर निर्भर करता है।
उत्तर
(i) यह विद्युत् अनअपघट्य विलेय की विलयन में सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रक्ति पर निर्भर नहीं करता।
(ii) यह विद्युत् अपघट्य की सांद्रता पर निर्भर करता है तथा विलेय अणु की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता।
स्पष्टीकरण -
वाष्प के दबाव में सापेक्ष कमी, घोल में गैर-इलेक्ट्रोलाइट विलेय की सांद्रता और इलेक्ट्रोलाइट विलेय के कणों की संख्या पर निर्भर करती है। यह दोनों स्थितियों में विलेय की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता है।
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कॉलम I | कॉलम II |
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(ii) हेनरी का नियम | (b) Π = CRT |
(iii) क्वथनांक में उन्नयन | (c) p = x1p1° + x2p2° |
(iv) हिमांक में अवनमन | (d) ΔTb = Kbm |
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