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समझाइए कि ऑर्थो-नाइट्रोफ़ीनॉल, ऑर्थो-मेथॉक्सीफ़ीनॉल से अधिक अम्लीय क्यों होती है। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

समझाइए कि ऑर्थो-नाइट्रोफ़ीनॉल, ऑर्थो-मेथॉक्सीफ़ीनॉल से अधिक अम्लीय क्यों होती है।

स्पष्ट कीजिए

उत्तर

NO2 समूह के प्रबल –R तथा –I प्रभाव के कारण O-H आबंध पर इलेक्ट्रॉन घनत्व घट जाता है, अत: प्रोटॉन आसानी से मुक्त हो जाता है।

प्रोटॉन त्यागने के पश्चात् शेष बचा o-नाइट्रोफ़ीनॉक्साइड आयन अनुनाद द्वारा स्थायित्व प्राप्त करता है।

ऑर्थो-नाइट्रोफ़ीनॉक्साइड आयन अनुनाद स्थायी होता है, अत: o-नाइट्रोफ़ीनॉल एक प्रबल अम्ल है। दूसरी तरफ OCH3 समूह के +R प्रभाव के कारण O-H आबंध पर इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ जाता है, अत: प्रोटॉन का निष्कासन कठिन हो जाता है।

अब o-मेथॉक्सीफोनॉक्साइड आयन जो कि प्रोटॉन के खोने के बाद शेष रहता है, अनुनाद के कारण विस्थायी (destablized) हो जाता है।

दो ऋणावेश परस्पर प्रतिकर्षित करते हैं तथा o-मेथॉक्सीफ़ीनॉक्साइड आयन को विस्थायी (destablize) करते हैं, अत: o-नाइट्रोफ़ीनॉल, o-मेथॉक्सीफ़ीनॉल से अधिक अम्लीय होती है।

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ऐल्कोहॉली और फ़िनॉलो का रासायनिक अभिक्रियाएँ - अभिक्रियाएँ जिनमें कार्बन-ऑक्सीजन (C-O) आबंध का विदलन (Cleavage) होता है
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अध्याय 11: ऐल्कोहॉल, फ़िनॉल एवं ईथर - अभ्यास [पृष्ठ ३६९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Chemistry [Hindi] Class 12
अध्याय 11 ऐल्कोहॉल, फ़िनॉल एवं ईथर
अभ्यास | Q 11.15 | पृष्ठ ३६९

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ऑर्थो तथा पैरा-नाइट्रोफ़ीनॉल, फ़ीनॉल से अधिक अम्लीय होती हैं। उनके संगत फ़ीनॉक्साइड आयनों की अनुनादी संरचनाएँ बनाइए।


आप निम्नलिखित को कैसे संश्लेषित करेंगे? दर्शाइए।

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निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए समीकरण दीजिए –

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निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए समीकरण दीजिए –

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निम्नलिखित अभिक्रिया के लिए समीकरण दीजिए –

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एथेनॉल के अम्लीय निर्जलन से एथीन प्राप्त करने की क्रियाविधि लिखिए।


निम्नलिखित अभिक्रिया में प्रयुक्त अभिकर्मक का नाम बताइए –

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निम्नलिखित अभिक्रिया में प्रयुक्त अभिकर्मक का नाम बताइए –

प्राथमिक ऐल्कोहॉल का ऐल्डिहाइड में ऑक्सीकरण


निम्नलिखित अभिक्रिया में प्रयुक्त अभिकर्मक का नाम बताइए –

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3-मेथिलब्यूटेन-2-ऑल को HBr से अभिकृत कराने पर अग्रलिखित अभिक्रिया होती है –

\[\begin{array}{cc}
\phantom{.......................}\ce{Br}\\
\phantom{......................}|\\
\ce{CH3 - CH - CH - CH3 ->[HBr] CH3 - C - CH2 - CH3}\\
\phantom{.}|\phantom{......}|\phantom{......................}|\phantom{........}\\
\phantom{}\ce{CH3}\phantom{...}\ce{OH}\phantom{...................}\ce{CH3}\phantom{.....}
\end{array}\]

इस अभिक्रिया की क्रियाविधि दीजिए।

(संकेत: चरण II में प्राप्त द्वितीयक कार्बोकैटायन हाइड्राईड आयन विचलन के कारण पुनर्विन्यासित होकर स्थायी तृतीयक कार्बोकैटायन बनाते हैं।)


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