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प्रश्न
समझाइए कि बेन्जीन वलय से जुड़ा –OH समूह उसे इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन के प्रति कैसे सक्रियित करता है?
उत्तर
फ़ीनॉल को निम्नलिखित संरचनाओं को अनुनादी संकर माना जाता है –
–OH समूह का +R प्रभाव बेन्जीन वलय पर इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ा देता है जिससे इलेक्ट्रॉनरागी की आक्रमण सरल हो जाता है। अतः –OH समूह की उपस्थिति से बेन्जीन वलय इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन क्रियाओं के प्रति सक्रियित होती है। चूँकि ऑर्थो तथा पैरा स्थानों पर इलेक्ट्रॉन घनत्व आपेक्षिक रूप से उच्च होता है, अत: इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन मुख्यत: ऑर्थो तथा पैरा स्थानों पर अधिक होता है।
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