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प्रश्न
समझाइए क्यों ग्रीन्यार अभिकर्मक का विरचन निर्जलीय अवस्थाओं में करना चाहिए?
उत्तर
ग्रीन्यार अभिकर्मक अत्यधिक क्रियाशील होते हैं। ये उपकरण के अंदर उपस्थित नमी से अभिक्रिया करते हैं।
\[\ce{\underset{{अभिकर्मक}}{\underset{{ग्रीन्यार}}{\overset{\delta-}{R} \overset{\delta +}{M}g \overset{\delta -}{X}}} + H2O -> \underset{{ऐल्कीन}}{R - H} + Mg (OH) X}\]
अतः ग्रीन्यार अभिकर्मकों को निर्जल परिस्थितियों (anhydrous conditions) में बनाते हैं।
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