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प्रश्न
"स्मृति एक रचनात्मक प्रक्रिया है" से क्या तात्पर्य है?
उत्तर
बार्टलेट ने स्मृति को रचनात्मक प्रक्रिया माना है। अर्थपूर्ण सामग्री यथा, कहानियों, गद्य, दंतकथाएँ इत्यादि का उपयोग करते हुए बार्टलेट ने यह समझने का प्रयास किया कि किस प्रकार कोई विशिष्ट स्मृति व्यक्ति के ज्ञान, लक्ष्यों, अभिप्रेरणा, वरीयता तथा अन्य मनोवैज्ञानिक प्रक्रियाओं से प्रभावित होती हैं। उन्होंने सरल प्रयोग किए जिनमें पहले उपरोक्त प्रकार की सामग्री को प्रतिभागी पढ़ते थे, फिर 15 मिनट के अंतराल के बाद जो पढ़ा था उसका प्रत्याह्वान करते थे। वार्टलेट ने क्रमिक पुनरुत्पादन विधि का प्रयोग किया जिसमें प्रतिभागी याद की हुई सामग्री को भिन्न-भिन्न समयांतरलों पर प्रत्याह्वान करते थे। इन क्रमिक पुनरुत्पादनों में उनके प्रतिभागियों ने कई प्रकार कि 'गलतियाँ' कीं जिसे वार्टलेट ने स्मृति की रचनात्मक प्रक्रिया को समझने के लिए उपयोगी माना। उनके प्रतिभागियों ने मूल पाठ को अपने ज्ञान के ज्यादा अनुकूल बनाने के लिए परिवर्तित कर दिया, अनावश्यक वर्णनों की व्याख्या की, मुख्य कथावस्तु को विस्तृत किया तथा सामग्री को पूर्ण रूप से बदल दिया ताकि वह अधिक तार्किक एवं समनुगत लगे। इस प्रकार के परिणामों की व्याख्या हेतु वार्टलेट ने स्कीमा शब्द का उपयोग किया जिसका तात्पर्य 'भूतपूर्व अनुभवों और प्रतिक्रियाओं का एक सक्रिय संगठन था '। स्कीमा भूतपूर्व अनुभवों और ज्ञान का एक संगठन है जो आने वाली नयी सूचना के विश्लेषण, भंडारण तथा पुनरुद्धार को प्रभावित करता है। अतः स्मृति एक रचनात्मक सक्रिय प्रक्रिया है जहाँ सूचनाएँ व्यक्ति के पूर्व ज्ञान हैं समझ एवं प्रत्याशाओं के अनुसार संकेतित एवं संचित की जाती हैं।