Advertisements
Advertisements
प्रश्न
संस्कृत भाषा में मेघदूत के अनुकरण पर कैसे काव्यों की परम्परा चल पड़ी? उनमें से तीन के नाम लिखिए
उत्तर
मेघदूत के आधार पर संस्कृत में दृत-काव्यों की परम्परा चल 'पड़ी। विभिन्न कवियों ने विभिन्न शताब्दियों में अनेक संदेश-काव्य लिखे, जैसे--- जम्बू कवि का चन्द्रदूत, धोयी कवि का पवनदूत, वेंकटनाथ, रूपगोस्वामी, वामनभट्ट बाण के पृथक्-पृथक हंसदूत इत्यादि। शताधिक दूतकाव्य मेघदूत के अनुकरण पर लिखे गए हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
महाकाव्य के अतिरिक्त पद्य रचनाएँ काव्य की किन विधाओं में आती है?
खण्डकाव्य किसे कहते हैं? दो खण्डकाव्यों के नाम लिखिए।
मेघदूत के रचयिता कौन हैं? यह ग्रन्थ कितने भागों में विभक्त है?
मेघदूत में किस छन्द का प्रयोग हुआ है?
संस्कृत भाषा में मेघदूत के अनुकरण पर कैसे काव्यों की परम्परा चल पड़ी? उनमें से तीन के नाम लिखिए
गीतिकाव्य किसे कहते हैं ? इसमें किस प्रकार के गीत होते हैं?
गीतगोविन्द के रचयिता कौन थे? उनका स्थितिकाले क्या था?
चौरपज्चाशिका के लेखक कौन हैं? यह किस प्रकार का काव्य है?
मुक्तक काव्य की क्या विशेषता है?
भर्तृहरि ने कितने शत॒कों की रचना की? उनके नाम लिखिए।
नीतिशतक में कवि ने किन बातों का वर्णन किया है?
वैराग्यशतक में किन भावों का समावेश किया गया है?
अमरुशतक का उल्लेख सर्वप्रथम किसने किया है और कब?
अमरुशतक में कितने शोक मिलते हैं?
स्तोत्रकाव्य काव्य की किस श्रेणी में आते हैं?
शंकराचार्य के प्रसिद्ध स्तोत्र का नाम लिखिए |
गाथासप्रशती किस भाषा में रचित है? इसके रचविता का नाम भी लिखिए।
गाथासशत्ती में किन बातों का वर्णन हुआ हैं |
आर्यासप्तशती के लेखक कौन हैं? इसकी रचना किस भाषा में हुई है?
नीतिकाव्यों के नाम लिखिए और उनके लेखकों के नाम भी दीजिए।
दो श्लेषकाब्यों तथा उनके लेखकों के नाम लिखिए।
एक प्राचीन तथा एक आधुनिक कवियत्री का नाम दीजिए।
एक प्राचीन तथा एक आधुनिक कवियत्री का नाम दीजिए।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
भर्तृहरि ______ शताब्दी मे हुए थे।