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सुनीता के बारे में पढ़कर तुम्हारे मन में कई सवाल और बातें आ रही होंगी। वे बातें सुनीता को चिट्ठी लिखकर बताओ। ____________ ____________ ____________ - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

सुनीता के बारे में पढ़कर तुम्हारे मन में कई सवाल और बातें आ रही होंगी। वे बातें सुनीता को चिट्ठी लिखकर बताओ।

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प्रिय सुनीता,

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तुम्हारी 

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संक्षेप में उत्तर

उत्तर

ए-10, गुरु अंगद नगर, लक्ष्मी नगर
नई दिल्ली
दिनांक - 19 मई 2012

प्रिय सुनीता,

तुम्हारी हिम्मत और धैर्य प्रशंसा के योग्य है। यह बहुत अच्छी बात है कि तुम स्वयं को अन्य बच्चों से अलग नहीं महसूस करती और वे सारे काम करने को तैयार रहती जो वे करते हैं। तुम वाकई बहुत पक्के इरादों वाली लड़की हो। पहिया-कुर्सी के सहारे कहीं भी चली जाती हो। उन लोगों का परवाह नहीं करती जो तुम्हें एकटक निहारते। हैं। मैं तुम्हारी शुभचिंतक हूँ। पत्र का जवाब जरूर देना।

तुम्हारी प्रिय सहेली
मयूरी

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सुनीता की पहिया कुर्सी
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अध्याय 12: सुनीता की पहिया कुर्सी - सुनीता की पहिया कुर्सी [पृष्ठ १०४]

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एनसीईआरटी Hindi - Rimjhim Class 4
अध्याय 12 सुनीता की पहिया कुर्सी
सुनीता की पहिया कुर्सी | Q 1. | पृष्ठ १०४

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  • वे किस तरह की किताबें पढ़ सकते हैं?
  • उस तरह की किताबों के बारे में सबसे पहले किसने सोचा?

आस-पास में कुछ ऐसे लोगों के बारे में भी बात की गई है जो सुन-बोल नहीं सकते हैं।

  •  क्या तुम ऐसे किसी बच्चे को जानते हो जो सुन-बोल नहीं सकता?
  • तुम उसे किस तरह से अपनी बात समझाते हो?

सुनीता जैसे कई बच्चे हैं। इनमें से कुछ देख नहीं सकते तो कुछ बोल या सुन नहीं सकते। कुछ बच्चों के हाथों में परेशानी है, तो कुछ चल नहीं सकते।

तुम ऐसे ही किसी एक बच्चे के बारे में सोचो। यदि तुम्हें कोई शारीरिक परेशानी है, तो अपनी चुनौतियों के बारे में भी सोचो। उस चुनौती का सामना करने के लिए तुम क्या आविष्कार करना चाहोगे? उसके बारे में सोचकर बताओ कि

  • तुम वह कैसे बनाओगे?
  • उसे बनाने के लिए किन चीज़ों की ज़रूरत होगी?
  • वह चीज़ क्या-क्या काम कर सकेगी?
  • उस चीज़ का चित्र भी बनाओ।

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