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सूत्र νghkRν2=2gh(1+k2/R2) को गतिकीय दृष्टि (अर्थात् बलों तथा बल-आघूर्णों विचार) से व्युत्पन्न कीजिए। जहाँ ν लोटनिक गति करते पिंड (वलय, डिस्क, बेलन या गोला) का आनत तल की तली में वेग है। - Physics (भौतिक विज्ञान)

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प्रश्न

सूत्र `"ν"^2 = (2 "gh")/((1 + "k"^2//"R"^2))` को गतिकीय दृष्टि (अर्थात् बलों तथा बल-आघूर्णों विचार) से व्युत्पन्न कीजिए। जहाँ ν लोटनिक गति करते पिंड (वलय, डिस्क, बेलन या गोला) का आनत तल की तली में वेग है। आनत तल पर h वह ऊँचाई है जहाँ से पिण्ड गति प्रारंभ करता है। K सममित अक्ष के परितः पिंड की घूर्णन त्रिज्या है और R पिंड की त्रिज्या है।

संख्यात्मक

उत्तर

माना M द्रव्यमान तथा R त्रिज्या का कोई गोलीय पिण्ड, जिसका द्रव्यमान केन्द्र C है, ऐसे आनत तल पर लुढ़कता है, जो क्षैतिज से θ कोण पर झुका है। इस स्थिति में पिण्ड पर निम्नलिखित बल कार्य करते हैं –

  1. पिण्ड का भार Mg, ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर
  2. आनत तल की प्रतिक्रिया N, तल के लम्बवत् ऊपर की ओर
  3. आनत तल द्वारा पिण्ड पर आरोपित स्पर्शरेखीय चित्र स्थैतिक घर्षण-बल fs आनत तल के समान्तर ऊपर की ओर।

घर्षण-बल fs ही पिण्ड को फिसलने से रोकता है। माना पिण्ड के द्रव्यमान केन्द्र का आनत तल के अनुदिश नीचे की ओर रेखीय त्वरण a है। इन बलों को आनत तल के समान्तर तथा लम्बवत् घटकों में वियोजित करने पर,

Mg sin θ - fs = Ma    ...(1)

तथा N - Mg cos θ = 0   ...(2)

चूँकि जब पिंड लुढ़कता है तो स्थैतिक घर्षण - बल fs, पिंड पर एक बल - आघूर्ण τ आरोपित करता है।

अतः τ = fs R

तथा τ = Ia

जहाँ I पिंड का घूर्णन अक्ष के परितः जड़त्व - आघूर्ण तथा a पिंड में उत्पन्न कोणीय त्वरण है।

चूँकि α = `"a"/"R"`; अतः τ के मान के बराबर रखने पर,

`"f"_"s""R" = "I""α" = "Ia"/"R"`  अथवा

`"f"_"s" = "Ia"/"R"^2`

fका मान समीकरण (1) में रखने पर,

`"Mg"  "sin"  theta - "Ia"/"R"^2 = "Ma"`

अथवा `"Mg"  "sin"  theta = "Ma" + "Ia"/"R"^2  = "a"("M" + "I"/"R"^2)`; अतः `"a" = ("Mg"  "sin"  theta)/("M" + ("I"/"R"^2))`

यदि पिंड की घूर्णन त्रिज्या K है तो जड़त्व-आघूर्ण I = MK2

∴ पिंड की द्रव्यमान केंद्र का रेखीय त्वरण `"a" = ("Mg"  "sin"  theta)/("M" + ("MK"^2/"R"^2)) = ("g"  "sin"  theta)/(1 + ("K"^2/"R"^2))`

यही बिना फिसले लुढ़कने वाले पिंड के द्रव्यमान केंद्र के रेखीय त्वरण का सुत्र है। माना आनत तल की लम्बाई s है तो सूत्र ν2 = u2 + 2as से, तल के निम्नतम बिंदु पर पहुँचने पर पिंड द्वारा प्राप्त वेग का वर्ग

`"ν"^2 = 0^2 + 2 xx ("g"  "sin"  theta)/(1 + ("K"^2/"R"^2)) xx  "s"  `

= `(2  "g" ("s"  "sin"  theta))/(1 + ("K"^2/"R"^2))`

∵ आनत तल की ऊंचाई h है ; अतः s sin θ = h रखने पर,

`"ν"^2 = (2 "gh")/(1 + ("K"^2/"R"^2)`

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लोटनिक गति
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अध्याय 7: कणों के निकाय तथा घूर्णी गति - अभ्यास [पृष्ठ १८४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Physics [Hindi] Class 11
अध्याय 7 कणों के निकाय तथा घूर्णी गति
अभ्यास | Q 7.27 | पृष्ठ १८४

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एक ठोस गोला, भिन्न नति के दो आनत तलों पर एक ही ऊँचाई से लुढ़कने दिया जाता है।

  1. क्या वह दोनों बार समान चाल से तली में पहुँचेगा?
  2. क्या उसको एक तल पर लुढ़कने में दूसरे से अधिक समय लगेगा?
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2 m त्रिज्या के एक वलय (छल्ले) का भार 100 kg है। यह एक क्षैतिज फर्श पर इस प्रकार लोटनिक गति करता है कि इसके द्रव्यमान केन्द्र की चाल 20 cm/s हो। इसको रोकने के लिए कितना कार्य करना होगा ?


अपने अक्ष पर ω0 कोणीय चाल से घूर्णन करने वाली किसी चक्रिका को धीरे से (स्थानान्तरीय धक्का दिए बिना) किसी पूर्णतः घर्षणरहित मेज पर रखा जाता है। चक्रिका की त्रिज्या R , है। चित्र में दर्शाई चक्रिका के बिंदुओं A, B तथा C पर रैखिक वेग क्या हैं? क्या यह चक्रिका चित्र में दर्शाई दिशा में लोटनिक गति करेगी?


स्पष्ट कीजिए कि चित्र में अंकित दिशा में चक्रिका की लोटनिक गति के लिए घर्षण होना आवश्यक क्यों है?

  1. B पर घर्षण बल की दिशा तथा परिशुद्ध लुढ़कन आरंभ होने से पूर्व घर्षणी बल-आघूर्ण की दिशा क्या है?
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10 cm त्रिज्या की कोई ठोस चक्रिका तथा इतनी ही त्रिज्या का कोई छल्ला किसी क्षतिज मेज पर एक ही क्षण 10 π rad s-1 की कोणीय चाल से रखे जाते हैं। इनमें से कौन पहले लोटनिक गति आरंभ कर देगा। गतिज घर्षण गुणांक µk =0.2।


10 kg द्रव्यमान तथा 15 cm त्रिज्या का कोई सिलिंडर किसी 30° झुकाव के समतल पर परिशुद्धतः लोटनिक गति कर रहा है। स्थैतिक घर्षण गुणांक µs = 0.25 है।

  1. सिलिंडर पर कितना घर्षण बल कार्यरत है?
  2. लोटन की अवधि में घर्षण के विरुद्ध कितना कार्य किया जाता है?
  3. यदि समतल के झुकाव θ में वृद्धि कर दी जाए तो के किस मान पर सिलिंडर परिशुद्धतः लोटनिक गति करने की बजाय फिसलना आरंभ कर देगा?

नीचे दिए गए प्रकथन को ध्यानपूर्वक पढिए तथा कारण सहित उत्तर दीजिए कि सत्य है या असत्य?

लोटनिक गति करते समय संपर्क बिंदु की तात्क्षणिक चाल शून्य होती है।


नीचे दिए गए प्रकथन को ध्यानपूर्वक पढिए तथा कारण सहित उत्तर दीजिए कि सत्य है या असत्य?

लोटनिक गति करते समय संपर्क बिंदु का तात्क्षणिक त्वरण शून्य होता है।


नीचे दिए गए प्रकथन को ध्यानपूर्वक पढिए तथा कारण सहित उत्तर दीजिए कि सत्य है या असत्य?

परिशुद्ध लोटनिक गति के लिए घर्षण के विरुद्ध किया गया कार्य शून्य होता है।


नीचे दिए गए प्रकथन को ध्यानपूर्वक पढिए तथा कारण सहित उत्तर दीजिए कि सत्य है या असत्य?

किसी पूर्णतः घर्षणरहित आनत समतल पर नीचे की ओर गति करते पहिये की गति फिसलन गति (लोटनिक गति नहीं) होगी।


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