Advertisements
Advertisements
प्रश्न
‘तुम घन बन हम मोरा’-ऐसी कवि ने क्यों कहा है?
उत्तर
रैदास अपने प्रभु के अनन्य भक्त हैं, जिन्हें अपने आराध्य को देखने से असीम खुशी मिलती है। कवि ने ऐसा इसलिए कहा है, क्योंकि जिस प्रकार वन में रहने वाला मोर आसमान में घिरे बादलों को देख प्रसन्न हो जाता है, उसी प्रकार कवि भी अपने आराध्य को देखकर प्रसन्न होता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
‘अग्नि पथ’ कविता को आप अपने जीवन के लिए कितनी उपयोगी मानते हैं?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
सभी कुछ गीत है, अगीत कुछ नहीं होता। कुछ अगीत भी होता है क्या? स्पष्ट कीजिए।
तोते और शुकी के गीत का अंतर पठित कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
गीत-अगीत कविता का शिल्प सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
प्रकृति अपने विभिन्न क्रिया-कलापों से मनुष्य को प्रभावित करती है। ‘गीत-अगीत’ कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
कविता की उन पँक्तियों को लिखिए, जिनसे निम्नलिखित अर्थ का बोध होता है −
1. सुखिया के बाहर जाने पर पिता का हृ्दय काँप उठता था।
______________________________
______________________________
______________________________
______________________________
2. पर्वत की चोटी पर स्थित मंदिर की अनुपम शोभा।
______________________________
______________________________
______________________________
______________________________
3. पुजारी से प्रसाद/फूल पाने पर सुखिया के पिता की मनःस्थिति।
______________________________
______________________________
______________________________
______________________________
4. पिता की वेदना और उसका पश्चाताप।
______________________________
______________________________
______________________________
______________________________
माता के भक्नों ने सुखिया के पिता के साथ कैसा व्यवहार किया?
महामारी से सुखिया पर क्या प्रभाव पड़ा? इससे उसके पिता की दशा कैसी हो गई?
चारों छंदों में कवि ने आदमी के सकारात्मक और नकारात्मक रूपों को परस्पर किन-किन रूपों में रखा है? अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित अंश को व्याख्या कीजिए −
दुनिया में बादशाह है सो है वह भी आदमी
और मुफ़लिस-ओ-गदा है सो है वो भी आदमी
नीचे लिखे शब्दों का उच्चारण कीजिए और समझिए कि किस प्रकार नुक्ते के कारण उनमें अर्थ परिवर्तन आ गया है।
राज़ (रहस्य) |
फ़न (कौशल) |
राज (शासन) |
फन (साँप का मुहँ) |
ज़रा (थोड़ा) |
फ़लक (आकाश) |
जरा (बुढ़ापा) |
फलक (लकड़ी का तख्ता) |
ज़ फ़ से युक्त दो-दो शब्दों को और लिखिए।
मसज़िद का उल्लेख करके नज्मकार ने किस पर व्यंग्य किया है? इसका उद्देश्य क्या है?
नज्मकार ने मसजिद का उल्लेख किस संदर्भ में किया है और क्यों?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
'मोती, मानुष, चून' के संदर्भ में पानी के महत्व को स्पष्ट कीजिए।
उदाहरण के आधार पर पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रूप लिखिए −
उदाहण : कोय − कोई , जे - जो
ज्यों |
_______________ |
कछु |
_______________ |
नहिं |
_______________ |
कोय |
_______________ |
धनि |
_______________ |
आखर |
_______________ |
जिय |
_______________ |
थोरे |
_______________ |
होय |
_______________ |
माखन |
_______________ |
तरवारि |
_______________ |
सींचिबो |
_______________ |
मूलहिं |
_______________ |
पिअत |
_______________ |
पिआसो |
_______________ |
बिगरी |
_______________ |
आवे |
_______________ |
सहाय |
_______________ |
ऊबरै |
_______________ |
बिनु |
_______________ |
बिथा |
_______________ |
अठिलैहैं |
_______________ |
परिजाय |
_______________ |
|
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
पहले पद में कुछ शब्द अर्थ की दृष्टि से परस्पर संबद्ध हैं। ऐसे शब्दों को छाँटकर लिखिए- .
उदाहरण : दीपक बाती
_________________ | _________________ |
_________________ | _________________ |
_________________ | _________________ |
_________________ | _________________ |
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जाकी अँग-अँग बास समानी
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै
रैदास को किसके नाम की रट लगी है? वह उस आदत को क्यों नहीं छोड़ पा रहे हैं?
रैदास द्वारा रचित दूसरे पद ‘ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै’ को प्रतिपाद्य लिखिए।