English

‘तुम घन बन हम मोरा’-ऐसी कवि ने क्यों कहा है? - Hindi Course - B

Advertisements
Advertisements

Question

‘तुम घन बन हम मोरा’-ऐसी कवि ने क्यों कहा है?

Short Note

Solution

रैदास अपने प्रभु के अनन्य भक्त हैं, जिन्हें अपने आराध्य को देखने से असीम खुशी मिलती है। कवि ने ऐसा इसलिए कहा है, क्योंकि जिस प्रकार वन में रहने वाला मोर आसमान में घिरे बादलों को देख प्रसन्न हो जाता है, उसी प्रकार कवि भी अपने आराध्य को देखकर प्रसन्न होता है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 B)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 7: रैदास - अब कैसे छूटे राम नाम … ऐसी लाल तुझ बिनु … - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
Chapter 7 रैदास - अब कैसे छूटे राम नाम … ऐसी लाल तुझ बिनु …
अतिरिक्त प्रश्न | Q 3

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए:
“वसंत का गया पतझड़’ और ‘बैसाख का गया भादों को लौटा’ से क्या अभिप्राय है?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए:
कविता में कौन-कौन से पुराने निशानों का उल्लेख किया गया है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
कवि ने 'अग्नि पथ' किसके प्रतीक स्वरूप प्रयोग किया है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
'एक पत्र-छाँह भी माँग मत' पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए 
चल रहा मनुष्य है
अश्रु-स्वेद-रक्त से लथपथ, लथपथ, लथपथ


जीवन संघर्षमय है, इससे घबराकर थमना नहीं चाहिए’ इससे संबंधित अन्य कवियों की कविताओं को एकत्र कर एक एलबम बनाइए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
प्रथम छंद में वर्णित प्रकृति-चित्रण को लिखिए।


तोते का गीत सुनकर शुकी की क्या दशा हुई ?


तोते और शुकी के गीत का अंतर पठित कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


‘गीत-अगीत’ कविता में अगीत का चित्रण कवि द्वारा किस तरह किया गया है, स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए 
हाय! वही चुपचाप पड़ी थी
अटल शांति-सी धारण कर


पिता सुखिया को कहाँ जाने से रोकता था और क्यों?


माता के भक्नों ने सुखिया के पिता के साथ कैसा व्यवहार किया?


‘एक फूल की चाह’ कविता की प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए।


सुखिया को बाहर खेलते जाता देख उसके पिता की क्या दशा होती थी और क्यों?


नज्मकार ने मसजिद का उल्लेख किस संदर्भ में किया है और क्यों?


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
सुनि अठिलैहैं लोग सब, बाँटि न लैहैं कोय।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
पहले पद की प्रत्येक पंक्ति के अंत में तुकांत शब्दों के प्रयोग से नाद-सौंदर्य आ गया है, जैसे- पानी, समानी आदि। इस पद में से अन्य तुकांत शब्द छाँटकर लिखिए।


नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जाकी अँग-अँग बास समानी


जाकी अंग-अंग वास समानी’ में जाकी’ किसके लिए प्रयुक्त है? इससे कवि को क्या अभिप्राय है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×