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वेग नियम संतुलित रासायनिक समीकरण द्वारा निर्धारित नहीं किया जा सकता यदि ______। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

वेग नियम संतुलित रासायनिक समीकरण द्वारा निर्धारित नहीं किया जा सकता यदि ______।

  1. व्युत्क्रम अभिक्रिया सम्मिलित होती है।
  2. यह एक प्राथमिक अभिक्रिया हो।
  3. यह प्राथमिक अभिक्रियाओं की एक शृंखला है।
  4. कोई भी अभिक्रियक आधिक्य में हो।
संक्षेप में उत्तर

उत्तर

(i) व्युत्क्रम अभिक्रिया सम्मिलित होती है।

(ii) यह एक प्राथमिक अभिक्रिया हो।

(iv) कोई भी अभिक्रियक आधिक्य में हो।

स्पष्टीकरण -

यदि यह एक प्राथमिक अभिक्रिया है तो संतुलित रासायनिक समीकरण से दर नियम का निर्धारण किया जा सकता है।

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अध्याय 4: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [पृष्ठ ५५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Chemistry [Hindi] Class 12
अध्याय 4 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q II. 21. | पृष्ठ ५५

संबंधित प्रश्न

एक अभिक्रिया \[\ce{A + B → {उत्पाद}}\], के लिए वेग नियम `r = k[A]^(1/2)[B]^2` से दिया गया है। अभिक्रिया की कोटि क्या है?


अणु X का Y में रूपांतरण द्वितीय कोटि की बलगतिकी के अनुरूप होता है। यदि X की सांद्रता तीन गुनी कर दी जाए तो Y के निर्माण होने के वेग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?


निम्नलिखित अभिक्रिया के वेग व्यंजकों से इनकी अभिक्रिया कोटि तथा वेग स्थिरांकों की इकाइयाँ ज्ञात कीजिए।

\[\ce{3NO_{(g)} -> N2O_{(g)}}\] वेग = k [NO]2


किसी अभिक्रियक के लिए एक अभिक्रिया द्वितीय कोटि की है। अभिक्रिया का वेग कैसे प्रभावित होगा, यदि अभिक्रियक की सांद्रता दुगुनी कर दी जाए?


अरेनिअस समीकरण के अनुसार `"Ae"^(−"E​"_"a"//"RT")` अभिक्रिया दर स्थिरांक k के बराबर है। ln k और `1/"T"` के मध्य ग्राफ को निम्न विकल्पों में से किसके द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है।


अभिक्रिया A + 2B ⟶ C के लिए निम्नलिखित वेग नियम प्राप्त होता है। बेग = k [A][B]

'A' की सांद्रता स्थिर रखते हुए अभिक्रियक 'B' की सांद्रता दुगनी करने पर वेग नियतांक का मान ______।


किसी भी एक-अणुक अभिक्रिया के लिए ______।

  1. दर निर्धारण चरण में केवल एक अभिकारी स्पीसीज प्रयुक्त होती है।
  2. सबसे धीमे चरण की कोटि तथा आण्विकता एक के बराबर होती है।
  3. अभिक्रिया की आण्विकता एक होती है और कोटि शून्य होती है।
  4. अभिक्रिया की आण्विकता और कोटि दोनों ही एक होती हैं।

A + B →उत्पाद, अभिक्रिया के लिए वेग नियम है - दर = k [A] [B]3/2। क्या यह अभिक्रिया एक प्रारंभिक अभिक्रिया है? समझाइए।


निम्नलिखित का सुमेलन कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) हीरा (डायमण्ड) (a) समय का लघु अंतराल
(ii) तार्क्षणिक वेग b) सामान्यत: परिवर्तन का
वेग परिलक्षित नहीं होता।
(iii) औसत वेग (c) लंबी समयावधि

एक अभिक्रिया A के प्रति प्रथम तथा B के प्रति द्वितीय कोटि की है। B की सांद्रता तीन गुनी करने से वेग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?


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