Advertisements
Advertisements
प्रश्न
‘वाख’ पाठ के आधार पर बताइए कि परमात्मा को पाने के रास्ते में कौन-कौन सी बाधाएँ आती हैं?
उत्तर
परमात्मा को पाने के रास्ते में आने वाली निम्नलिखित बाधाएँ पाठ में बताई गई हैं-
- क्षणभंगुर मानव शरीर और नश्वर साँसों के सहारे मनुष्य परमात्मा को पाना चाहता है।
- परमात्मा को पाने के प्रति मन का शंकाग्रस्त रहना।
- अत्यधिक भोग में लिप्त रहना या भोग से पूरी तरह दूर होकर वैरागी बन जाना।
- मन में अभिमान आ जाना।
- सहज साधना का मार्ग त्यागकर हठयोग आदि का सहारा लेना।
- ईश्वर को सर्वव्यापक न मानना।
- मत-मतांतरों के चक्कर में उलझे रहना।
इनं बाधाओं के कारण प्रभु-प्राप्ति होना कठिन हो जाता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
ब्रजभूमि के प्रति कवि का प्रेम किन-किन रूपों में अभिव्यक्त हुआ है?
रसखान के इन सवैयों का शिक्षक की सहायता से कक्षा में आदर्श वाचन कीजिए। साथ ही किन्हीं दो सवैयों को कंठस्थ कीजिए।
कबीर ने ‘भान’ किसे कहा है? उसके प्रकट होने पर भक्त पर क्या प्रभाव पड़ता है?
‘बच्चे, बहुत छोटे बच्चे’ पंक्ति के आलोक में स्पष्ट कीजिए कि कवि किस बात पर हर देश चाहता है?
गाँव को 'मरकत डिब्बे सा खुला' क्यों कहा गया है?
कवि ने हरी थैली किसे कहा है और क्यों?
‘मेघ आए’ कविता में किस संस्कृति का वर्णन किया गया है? सोदाहरण लिखिए।
कवि के अनुसार आज हर दिशा दक्षिण दिशा क्यों हो गई है?
कभी-कभी उचित-अनुचित के निर्णय के पीछे ईश्वर का भय दिखाना आवश्यक हो जाता है, इसके क्या कारण हो सकते हैं?
‘सभी दिशाओं में यमराज के आलीशान महल हैं’ ऐसा कहकर कवि ने किस ओर संकेत किया है?