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महाराष्ट्र स्टेट बोर्डSSC (Hindi Medium) ७ वीं कक्षा

विचार मंथन: कृतज्ञ बनो, कृतघ्न नहीं। - English (Second/Third Language)

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प्रश्न

विचार मंथन:

कृतज्ञ बनो, कृतघ्न नहीं।

लघु उत्तरीय

उत्तर

यह विचार हमें आभार और कृतज्ञता की भावना का महत्व सिखाता है। इसका अर्थ है कि हमें उन सभी लोगों और परिस्थितियों के प्रति आभारी रहना चाहिए जिन्होंने हमारे जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। कृतज्ञ व्यक्ति हमेशा दूसरों की मदद को याद रखते हैं और उनका सम्मान करते हैं, जबकि कृतघ्न व्यक्ति एहसान भूल जाता है और दूसरों के योगदान को महत्व नहीं देता।

  1. प्रेरणा:
    1. हमें अपने माता-पिता, शिक्षक और दोस्तों के प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए क्योंकि वे हमें बेहतर इंसान बनाते हैं।

    2. प्रकृति और समाज से जो हमें मिलता है, उसका आदर करना चाहिए।

  2. आचरण:
    1. धन्यवाद और आभार व्यक्त करना हमारी आदत होनी चाहिए।
    2. मदद करने वालों के प्रति सम्मान और प्रेम का भाव रखना चाहिए।
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अध्याय 1.3: मुक्ति का प्रतिदान - अंतःपाठ प्रश्न [पृष्ठ ७]

APPEARS IN

बालभारती Integrated 7 Standard Part 1 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
अध्याय 1.3 मुक्ति का प्रतिदान
अंतःपाठ प्रश्न | Q १. | पृष्ठ ७
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