Advertisements
Advertisements
प्रश्न
Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:
नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।
आपकी दादी एक लम्बी बीमारी के बाद अभी-अभी स्वस्थ हुई थीं। आप उन्हें घुमाने के लिए किसी प्रसिद्ध स्थल पर ले गए। वहाँ अचानक एक ऐसी घटना घटी जिससे आप बुरी तरह से घबरा गए लेकिन आपकी दादी की हिम्मत और सूझ-बूझ के कारण आप उस मुसीबत से बाहर निकले और सकुशल घर वापस आ गए। विस्तारपुर्वक अपने अनुभव का वर्णन कीजिए।
उत्तर
मेरी दादी एक लंबी बीमारी के बाद अभी-अभी स्वस्थ हुई थीं। उनकी सेहत में सुधार देखकर मुझे बहुत खुशी हुई और मैंने तय किया कि उन्हें घुमाने के लिए किसी प्रसिद्ध स्थल पर ले जाऊँगा। हमने ताजमहल देखने का निर्णय लिया। वह स्थान न केवल अद्वितीय है, बल्कि वहाँ की शांति और सौंदर्य दादी को भी बहुत पसंद आएगा, ऐसा मेरा मानना था। हमने यात्रा की सारी तैयारियाँ कर लीं और एक सुहाने दिन ताजमहल के लिए निकल पड़े। वहाँ पहुँचने पर दादी की आँखों में खुशी और उत्साह देखने लायक था। उन्होंने पूरे उत्साह के साथ हर कोना देखा और उसकी सुंदरता की प्रशंसा की। हमारी यात्रा बहुत ही सुखद चल रही थी कि अचानक एक अप्रत्याशित घटना घट गई।
जब हम मुख्य भवन के पास थे, तभी अचानक एक भारी भीड़ उमड़ पड़ी। किसी अफवाह के कारण लोग इधर-उधर भागने लगे। भीड़ में धक्का-मुक्की होने लगी और मैं दादी का हाथ पकड़े हुए बुरी तरह से घबरा गया। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूँ और कैसे इस स्थिति से निकलूँ। मेरी दादी की तबियत को देखते हुए मुझे उनकी सुरक्षा की चिंता सताने लगी। लेकिन इसी बीच, दादी ने अपनी हिम्मत और सूझ-बूझ का परिचय दिया। उन्होंने मेरा हाथ कसकर पकड़ा और एक शांत स्थान की ओर इशारा किया। उन्होंने मुझे बताया कि भीड़ में घबराने से कुछ हासिल नहीं होगा, हमें धैर्यपूर्वक और सूझ-बूझ के साथ इस स्थिति का सामना करना होगा। उनकी बात सुनकर मैंने अपने मन को शांत किया और उनकी बातों पर ध्यान दिया।
दादी ने मुझे भीड़ से बचते हुए एक सुरक्षित मार्ग दिखाया। हम धीरे-धीरे उस दिशा में बढ़े और भीड़ से दूर निकल आए। उन्होंने मुझसे कहा कि हमें किसी भी स्थिति में संयम नहीं खोना चाहिए और धैर्यपूर्वक सोचना चाहिए। उनकी हिम्मत और मार्गदर्शन के कारण हम सुरक्षित स्थान पर पहुँच गए और कुछ समय बाद स्थिति सामान्य हो गई।
इस घटना ने मुझे बहुत कुछ सिखाया। दादी की हिम्मत और सूझ-बूझ ने न केवल हमें उस मुसीबत से निकाला बल्कि मुझे जीवन का एक महत्वपूर्ण सबक भी सिखाया। हम सुरक्षित घर वापस आ गए और यह घटना हमारे बीच एक अविस्मरणीय अनुभव के रूप में रह गई। दादी की हिम्मत और सूझ-बूझ ने यह साबित कर दिया कि किसी भी कठिनाई का सामना धैर्य और समझदारी से करना चाहिए। उनकी यह सीख मेरे जीवन के लिए एक मूल्यवान उपहार बन गई है। इस घटना के बाद, मैंने यह महसूस किया कि जीवन की हर परिस्थिति में हमें धैर्य और समझदारी से काम लेना चाहिए और कभी भी घबराना नहीं चाहिए।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
‘सादा जीवन, उच्च विचार’ विषय पर अपने विचार लिखिए।
किसी मौलिक मराठी विज्ञापन का हिंदी में अनुवाद करो।
मैंने समझा हे मातृभूमि कविता से
मैंने समझा अनमोल वाणी कविता से
किसी मराठी निमंत्रण पत्रिका का रोमन (अंग्रेजी) में लिप्यंतरण करो।
मैंने समझा स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है पाठ से
दिए गए मुद्दों के आधार पर कहानी लिखो :
गॉंव में मेला देखने वालों की भीड़ | → | सड़क पर प्रवेश द्वार के बीचोंबीच बड़ा-सा पत्थर | → | पत्थर से टकराकर छोटे-बड़ों का गिरना-पड़ना। | → | बहुत देर से लड़के का देखना |
लड़के द्वारा पत्थर हटाना, उसके नीचे चिट्ठी पाना | → | चिट्ठी में लिखा था ........? | → | पुरस्कार पाना। | → | सीख और शीर्षक |
शब्दों की अंत्याक्षरी खेलोः
जैसे - श्रृंखला ..... लालित्य ..... यकृत ..... तरुवर ..... रम्य .....।
पूरी वर्णमाला क्रम से पढ़ो:
क्ष श य प त ट च क ए अ ञ ष र फ
थ ठ छ ख ऐ आ ज्ञ स ल ब घ ढ़ ई ॠ
द ड ज ग ओ इ श्र ह व भ ध ढ झ ऑ
ळ म न ण त्र ङ अं उ ड़ अः ऊ अँ औ
त्योहार मनाने के उद्देश्य की वैज्ञानिकता सुनो और सुनाओ।
‘चतुराई’ संबंधी कोई सुनी हुई कहानी सुनाओ।
मैंने समझा रहस्य पाठ से
पाठाें में आए हुए मूल्यों को सुनो, तालिका बनाओ और सुनाओ।
ॠतुओं के नाम बताते हुए उनके परिवर्तन की जानकारी प्राप्त कराे और लिखो।
।। ईमानदारी चरित्र निर्माण की नींव है ।।
नियत विषय पर भाषण तैयार करो।
यदि तुम्हें अलादीन का चिराग मिल जाए तो...
यदि भोजन से नमक गायब हो जाए तो...
।। स्वतंत्रता मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है।।
नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:
नीचे दिए गए राष्ट्रीय प्रतीक का चित्र देखो और उनका नाम लिखो:
मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:
घर में अतिथि के आगमन पर आपको कैसा लगता है, बताइए।
निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
आसमान में उड़ती पतंगें। देश को आजाद हुए 75 वर्ष हो गए। एक लंबा समय और हम अभी भी .........
दिए गए विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :-
परीक्षा तनाव के कारण व इसे रोकने के उपाये
निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इसपर आधारित ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए. जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:
“कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए 'असंभव', 'गंदा' या 'नीचा' शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।'' ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।'' मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है ? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और 'निर्मल हृदय' जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं। |
‘मैं पंछी बोल रहा हूँ ...’ विषय पर निबंध लिखिए।
आपके विद्यालय की सैर का वर्णन करने वाला पत्र अपनी सहेली/अपने मित्र को लिखिए: (पत्र निम्न प्रारूप में हो।)