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प्रश्न
'युधिष्ठिर जैसा संकल्प' से क्या अभिप्राय है?
उत्तर
युधिष्ठिर जैसा संकल्प से तात्पर्य है: सत्य के मार्ग पर अडिग होकर चलने की शक्ति। युधिष्ठिर ने अपने जीवन में सत्य का मार्ग चुना था। इसके लिए उन्होंने विदुर तक को अपने सम्मुख झुकने पर विवश कर दिया था। वे उम्रभर इस मार्ग पर ही नहीं चले बल्कि उन्होंने इसे अपने आचरण में भी आत्मसात किया। उन्होंने कठिन से कठिन समय में भी सत्य का साथ नहीं छोड़ा। इसी कारण उन्होंने कष्टों को गले लगाया तथा अपनो का विरोध सहा। परन्तु फिर भी वह दृढ़तापूर्वक इस मार्ग पर बढ़ते चले गए तथा धर्म की स्थापना की। अपने दृढ़ संकल्प के कारण ही उन्हें धर्मराज की उपाधि से नवाज़ा गया। उनका जैसा संकल्प महाभारत के इतिहास में अन्य किसी और में देखने को नहीं मिलता है।
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