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Academic Year: 2023-2024
Date & Time: 21st February 2024, 10:30 am
Duration: 3h
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सामान्य निर्देश:
निम्नलिखित निर्देशों को बहुत सावधानी से पढ़िए और उनका सख्ती से अनुपालन कीजिए:
- इस प्रश्न-पत्र में कुल 17 प्रश्न हैं। सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
- इस प्रश्न-पत्र में दो खंड हैं - खंड अ और खंड ब। खंड अ में बहुविकल्पी/वस्तुपरक और खंड ब में वर्णनात्मक प्रश्न दिए गए हैं।
- खंड 'अ' में कुल 10 प्रश्न हैं, जिनमें उपप्रश्नों की संख्या 44 है। दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए 40 उपप्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य है।
- खंड 'ब' में कुल 7 प्रश्न हैं। सभी प्रश्नों के साथ उनके विकल्प भी दिए गए हैं। निर्देशानुसार विकल्प का ध्यान रखते हुए सभी प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
- प्रश्नों के उत्तर दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए लिखिए।
- यथासंभव सभी प्रश्नों के उत्तर क्रमानुसार ही लिखिए।
निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:
निर्मल तेरा नीर, अमृत के सम उत्तम है, शीतल मंद सुगंध पवन हर लेता श्रम है, षट्ऋतुओं का विविध दृश्य युत्त अद्भुत क्रम है, हरियाली फर्श नहीं मख़मल से कम है, शुचि-सुधा सींचता रात में, तुझ पर चंद्रप्रकाश है। हे मातृभूमि, दिन में तरणि, करता तम का नाश है। सुरभित, सुंदर सुखद सुमन तुझ पर खिलते हैं, भाँति-भाँति के सरस, सुधोपम फल मिलते हैं, औषधियाँ हैं प्राप्त एक से एक निराली, खानें शोभित कहीं धातु वर रत्नों वाली, जो आवश्यक होते हमें, मिलते सभी पदार्थ हैं। हे मातृभूमि वसुधा, धरा, तेरे नाम यथार्थ हैं। क्षमामयी, दयामयी है, तू क्षेममयी है, सुधामयी, वात्सल्यमयी तू प्रेममयी है, विभवशालिनी, विश्वपालिनी, दुखहर्त्री है, हे शरणदायिनी देवि, तू करती सबका त्राण है। हे मातृभूमि, संतान हम, तू जननी, तू प्राण है। |
- पद्यांश में मातृभूमि की किस विशेषता का उल्लेख नहीं है?
- प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण है।
- प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है।
- माँ के समान पालन करने वाली है।
- शांति और सुखों की वर्षा करने वाली है।
- शीतल-सुगंधित पवन व्यक्ति पर क्या प्रभाव डालता है?
- वह उसकी श्रम करने की क्षमता हर लेता है।
- वह उसे श्रम करने से रोक लेता है।
- वह उसे विश्राम करने पर विवश कर देता है।
- वह उसकी थकान को दूर भगा देता है।
- धरती की 'हरियाली' की तुलना किससे की गई है?
- कोमल-मख़मली कपड़े से
- कोमल-समतल धरा से
- रंग-बिरंगे कपड़े से
- हरी-भरी धरा से
- कथन और कारण पर विचार करते हुए सही विकल्प चुनिए:
कथन: धरती को जननी कहा गया है।
कारण: धरती से प्राप्त जल अमृत समान होता है।
- कथन सही है, किंतु कारण गलत है।
- कथन गलत है, किंतु कारण सही है।
- कथन और कारण दोनों सही हैं और कथन कारण की सही व्याख्या है।
- कथन और कारण दोनों सही हैं परंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
- 'दिन में तरणि, करता तम का नाश है।' -इस पंक्ति का आशय है:
- यहाँ के दिन सदा सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित रहते हैं।
- यहाँ पड़ने वाली तेज रोशनी भीषण कष्ट का कारण है।
- मातृभूमि अपने तम का स्वयं ही नाश करती है।
- मातृभूमि किसी भी तरह के तम से पूर्णत: मुक्त है।
Chapter:
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गये प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:
उन्नीसवीं सदी में एक प्रसिद्ध फ्रांसीसी मनोचिकित्सक हुए एमिल कुए। उन्होंने आत्म-सम्मोहन के आधार पर स्वास्थ्य लाभ की एक नई विधि की खोज की थी जो खूब चर्चित हुई। उनका सूत्र था- 'दिन-ब-दिन मैं बेहतर, और बेहतर होता जा रहा हूँ।' यह एक प्रयोग था जो ध्यान के नियम पर आधारित था। कुए ने हजारों लोगों को इस वाक्य को बार-बार दोहराने के लिए कहकर ठीक किया। जब भी किसी विचार पर ध्यान केंद्रित किया जाता है तो यह स्वत: उसे जीवंत बना देता है। विचार इतना प्रभावशाली होता है कि शरीर उसका अनुसरण करता है और वही भाव महसूस करने लगता है। विचार और शरीर बहुत गहराई से जुड़े हैं। अधिकांश लोग दुख में जीते हैं या बीमारी को आश्रय देते हैं, क्योंकि उन्होंने अपने प्रति निराशावादी रवैया विकसित कर लिया है। हमारा अचेतन मन जो कुल मन का 90 प्रतिशत हिस्सा होता है, हमारे विचारों को साकार करता है। यदि हम स्वस्थ विचारों की खेती करेंगे, तो सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करेगा और यदि हम नकारात्मकता से भरे रहेंगे, तो बीमारी पैदा करके वह हमारा समर्थन करेगा। एक बार जब इसे पूरी तरह से समझ लिया जाता है तो हम शरीर व मन में स्वस्थ तरंगें पैदा करके अपनी बीमारियों को काफी हद तक ठीक कर सकते हैं। जब शारीरिक और मानसिक घाव भर जाते हैं, तब व्यक्ति स्वस्थ रहता है। कई बीमारियाँ शारीरिक से अधिक मानसिक होती हैं। लोग आस-पास की दवा की दुकान से दवाएँ तो खरीदते हैं पर स्वास्थ्य क्लब में जाकर स्वस्थ रहने की कला नहीं सीखते। लोग बीमारी में निवेश करते हैं, स्वास्थ्य में नहीं। स्वास्थ्य को आदत बनाना चाहिए। |
- 'हम स्वस्थ विचारों की खेती करेंगे तो मन सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करेगा।' -पंक्ति का आशय है:
- स्वस्थ मन से खेती करने पर अच्छी फसल होगी।
- स्वस्थ मन से काम करने पर सफलता प्राप्त होगी ।
- स्वस्थ शरीर के लिए स्वस्थ मन आवश्यक है।
- स्वस्थ विचार ही शरीर को स्वस्थ रखते हैं।
- इस गद्यांश के अनुसार, नकारात्मक विचार जन्म देते हैं:
- उदासी
- एकाकीपन
- असफलता
- बीमारी
- हमारे विचारों को साकार रूप देने का कार्य किया जाता है:
- मस्तिष्क द्वारा
- चेतन मन द्वारा
- अचेतन मन द्वारा
- कर्मेन्द्रियों द्वारा
-
लोग बीमारी में निवेश करते हैं, स्वास्थ्य में नहीं-से क्या अभिप्राय है?
- लोग स्वस्थ रहने से अधिक बीमारी से बचने के तरीके ढूँढते हैं।
- लोग चिकित्सा में पैसा खर्च करते हैं स्वास्थ्य सुधार के तरीकों में नहीं।
- इलाज के लिए अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएँ ढूँढ़ते हैं।
- स्वास्थ्य बीमा न कराके लोग चिकित्सा में निवेश करते हैं।
- निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यान से पढ़िए तथा सही विकल्प का चयन कर लिखिए।
कथन: वर्तमान समय में लोगों के जीवन में एकाकीपन बढ़ रहा है।
कारण: लोगों ने अपने प्रति निराशावादी रवैया विकसित कर लिया है।
- कथन तथा कारण दोनों गलत हैं।
- कारण सही है, किंतु कथन गलत है।
- कथन सही है, किंतु कारण उसकी गलत व्याख्या करता है।
- कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
Chapter:
'मानव की योग्यता उससे लोक-कल्याण के साधनों का आविष्कार कराती है।' इस वाक्य का मिश्र वाक्य होगा:
मानव की योग्यता लोक कल्याण में है इसलिए वह इन साधनों का आविष्कार करता हैं।
मानव में जो योग्यता है वह उससे लोक-कल्याण के साधनों का आविष्कार कराती है।
लोक कल्याण के सभी साधनों का आविष्कार मानव की योग्यता से ही होता है।
लोक-कल्याण मानव की योग्यता है और उससे साधनों का आविष्कार करवाती है।
Chapter:
'जब शब्दों के साथ विशेषण लग जाते हैं तब तो अर्थ और गलत हो जाता है।' इस वाक्य का सरल वाक्य होगा?
शब्दों के साथ विशेषण लग जाने पर अर्थ और गलत हो जाता है।
शब्दों के साथ विशेषण लग जाता है और इनका अर्थ और गलत हो जाता है।
यदि शब्दों के साथ विशेषण लगा दिया जाए तो इनका अर्थ और गलत हो जाता है।
जैसे ही शब्दों में विशेषण लगता है, इनका अर्थ और गलत हो जाता है।
Chapter:
निम्नलिखित वाक्यों में से संयुक्त वाक्य पहचानकर नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाला विकल्प चुनकर लिखिए:
- हमारी सभ्यता का एक बड़ा अंश हमें संस्कृत व्यक्तियों से मिला है।
- अंतरिक्ष-अध्ययन मानव जाति की सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है।
- अब वह इस बारे में और बात करने को तैयार नहीं था।
- इसी तरह समय गुजरता रहा और वह मूर्ति के चश्मे बदलता रहा।
(1) और (2) सही हैं।
(3) और (4) सही हैं।
सिर्फ (3) सही है।
सिर्फ (4) सही है।
Chapter:
निम्नलिखित वाक्यों में मिश्र वाक्य का उदाहरण है:
उसका ज़िक्र आने पर उनकी आँखें किसी नैसर्गिक आनंद से चमक उठती हैं।
क्या तो उस समय मेरी उम्र थी और क्या मेरा भाषण रहा होगा।
यह तो डॉक्टर साहब का स्नेह था जो प्रशंसा बनकर बह रहा था।
कवि अपने संघर्ष भरे जीवन को जीकर पूरी तरह तृप्त हो चुका है।
Chapter:
स्तंभ-1 को स्तंभ-2 से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प का चयन कर लिखिए:
स्तंभ-1 | स्तंभ-2 | ||
(1) | मेरे पिताजी क्रोधी और शक्की स्वभाव के थे। | (I) | मिश्र वाक्य |
(2) | क्योंकि वह संस्कृत बोलता है इसलिए चुना गया। | (II) | सरल वाक्य |
(3) | माँ सहनशील हैं और अधिकतर मौन रहती हैं। | (III) | सयुंक्त वाक्य |
(1) - (I); (2) - (II); (3) - (III)
(1) - (II); (2) - (III); (3) - (I)
(1) - (III); (2) - (II); (3) - (I)
(1) - (II); (2) - (I); (3) - (III)
Chapter:
'निराला ने फागुन के प्रभाव को अभिव्यक्त किया है।' वाक्य में वाच्य है:
कर्मवाच्य
भाववाच्य
कर्तृवाच्य
कर्मवाच्य और कर्तृवाच्य दोनों
Chapter:
'माँ द्वारा बेटी को परंपरा से हटकर सीख दी गई।' उदाहरण है:
कर्तावाच्य का
कर्मवाच्य का
कर्तृवाच्य का
भाववाच्य का
Chapter:
'पिताजी हम सबकी बात ध्यान से सुन रहे थे।' इसका कर्मवाच्य होगा:
पिताजी ने हम सबकी बात ध्यान से सुनी।
पिताजी हम सबकी बात ध्यान से सुनते थे।
पिताजी हम सबकी बात ध्यान से सुन पाते थे।
पिताजी द्वारा हम सबकी बात ध्यान से सुनी जा रही थी।
Chapter:
निम्नलिखित वाक्यों में भाववाच्य का उदाहरण नहीं है:
- मुझसे इतने ऊँचे से कैसे कूदा जाएगा?
- वह फुटबॉल नहीं खेलता।
- तुमसे अब खेला नहीं जाता।
- वह रोज पढ़ने जाती है।
(1) और (2)
(3) और (4)
(2) और (4)
(1) और (3)
Chapter:
स्तंभ-1 को स्तंभ-2 से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प का चयन करके लिखिए।
स्तंभ-1 | स्तंभ-2 | ||
(1) | अब उनसे टहला नहीं जाता। | (I) | कर्तृवाच्य |
(2) | उससे गीत नहीं गाया गया। | (II) | भाववाच्य |
(3) | मैंने एक लंबी कविता लिखी। | (III) | कर्मवाच्य |
(1) - (II); (2) - (III); (3) - (I)
(1) - (I); (2) - (II); (3) - (III)
(1) - (III); (2) - (II); (3) - (I)
(1) - (I); (2) - (III); (3) - (I)
Chapter:
'हनुमान की पूँछ में लगन न पाई आग। लंका सिगरी जल गई, गए निसाचर भाग।।' |
इस पंक्ति में अलंकार है:
उत्प्रेक्षा
अतिशयोक्ति
यमक
श्लेष
Chapter:
'जो नत हुआ वह मृत हुआ, ज्यों वृंत से झर कर कुसुम।' इस पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार है:
अतिशयोक्ति
यमक
श्लेष
उत्प्रेक्षा
Chapter:
'लेटी है श्रांत-क्लांत, निश्चल! तापस बाला गंगा निर्मल।' |
-इन पंक्तियों में कौन सा अलंकार प्रयुक्त हुआ है?
यमक
श्लेष
उत्प्रेक्षा
मानवीकरण
Chapter:
'मेरी भव-बाधा हरौ राधा नागरि सोइ। जा तन की झाईं परै स्याम हरित दुति होइ।।' |
-इन काव्य पंक्तियों में किस अलंकार का प्रयोग हुआ है?
मानवीकरण
उत्प्रेक्षा
श्लेष
यमक
Chapter:
निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों में से कौन सी काव्य-पंक्ति उत्प्रेक्षा अलंकार का उदाहरण है?
धँँस गए धरा में सभय शाल
सूरदास अबला हम भोरी, गुर चाँटी ज्यौं पागी।
पानी गए न उबरै मोती मानुष चून।
पल-पल परिवर्तित प्रकृति वेश
Chapter:
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'बड़े-बड़े ओले मैदान में घास पर गिर रहे थे।' रेखांकित पद का परिचय होगा:
रीतिवाचक क्रियाविशेषण, 'गिर रहे थे' का विशेषण
कालवाचक क्रियाविशेषण, 'गिर रहे थे' का विशेषण
स्थानवाचक क्रियाविशेषण, 'गिर रहे थे' का विशेषण
परिमाणवाचक क्रियाविशेषण, 'गिर रहे थे' का विशेषण
Chapter:
'माँ ने दोपहर के गुस्से वाली बात बताई।' रेखांकित पद का परिचय है:
व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, स्त्रीलिंग, कर्ता कारक
जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, स्त्रीलिंग, कर्ता कारक
जातिवाचक संज्ञा, बहुवचन, स्त्रीलिंग, कर्म कारक
व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, स्त्रीलिंग, कर्म कारक
Chapter:
निम्नलिखित में से किस वाक्य में रीतिवाचक क्रियाविशेषण का उपयोग नहीं हुआ है?
मैं इनको देखते-सुनते ही बड़ी हुई।
मन्नू लोगों की भीड़ में धुआँधार बोलती जा रही थी।
अपने घर के आस-पास देखिए।
पानवाला हँसते हुए कहने लगा।
Chapter:
'उस दुर्घटना की भयावहता सामने प्रत्यक्ष थी।' रेखांकित पद का परिचय दीजिए:
पुरुषवाचक सर्वनाम, एकवचन, स्त्रीलिंग, 'कर्ता' कारक
पुरुषवाचक सर्वनाम, बहुवचन, स्त्रीलिंग, 'कर्ता' कारक
सार्वनामिक विशेषण, एकवचन, स्त्रीलिंग, 'घटना' विशेष्य
सार्वनामिक विशेषण, बहुवचन, स्त्रीलिंग, 'घटना' विशेष्य
Chapter:
'मैं माताजी को सब बताना चाहती थी।' रेखांकित पद का परिचय है:
मध्यमपुरुष सर्वनाम, स्त्रीलिंग, एकवचन, 'कर्ता' कारक
अन्यपुरुष सर्वनाम, स्त्रीलिंग, एकवचन, 'कर्ता' कारक
उत्तमपुरुष सर्वनाम, स्त्रीलिंग, एकवचन, 'कर्ता' कारक
सार्वनामिक विशेषण, एकवचन, स्त्रीलिंग, 'कर्ता' कारक
Chapter:
सूरदास के पदों में उद्धव की तुलना किससे नहीं की गई है?
तेल की गगरी
हारिल पक्षी की लकड़ी
मधुकर
कमलपात (कमल-पात)
Chapter:
'यह दंतुरित मुसकान' में बच्चे के धूल-धूसरित शरीर को देखकर पिता को कैसे लगता है?
जैसे झोपड़ी कमल के फूल में रूपांतरित हो गई हो।
जैसे झोपड़ी में कमल का फूल खिल गया हो।
जैसे झोपड़ी के चारों ओर कमल खिल गए हों।
जैसे चारों तरफ कीचड़ और झोपड़ी कमल का फूल हो।
Chapter:
निम्नलिखित पठित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए:
नाथ संभुधनु भंजनिहारा। होइहि केउ एक दास तुम्हारा।। आयेसु काह कहिअ किन मोही। सुनि रिसाई बोले मुनि कोही।। सेवकु सो जो करै सेवकाई। अरिकरनी करि करिअ लराई।। सुनहु राम जेहि सिवधनु तोरा। सहसबाहु सम सो रिपु मोरा।। सो बिलगाउ बिहाइ समाजा। न त मारे जैहहिं सब राजा।। सुनि मुनि बचन लखन मुसुकाने। बोले परसुधरहि अवमाने।। बहु धनुही तोरी लरिकाईं। कबहुँ न असि रिस कीन्हि गोसाईं।। येहि धनु पर ममता केहि हेतू। सुनि रिसाइ कह भृगुकुलकेतू।। |
- राम ने स्वयं को परशुराम का सेवक क्यों बताया?
- वे परशुराम के क्रोध से डर गए थे।
- वे परशुराम का क्रोध शांत करना चाहते थे।
- वे उनसे उम्र में बहुत ही छोटे थे।
- वे व्यंग्य में उनसे ऐसा कह रहे थे।
- परशुराम के क्रोध का क्या कारण था?
- सभा में उन्हें न बुलाया जाना।
- उनके गुरु शिव का धनुष टूटना।
- लक्ष्मण की धृष्टता से भरी बातें।
- राम की अभिमान से भरी बातें।
- लक्ष्मण ने शिवधनुष की तुलना अन्य धनुषों से क्यों की?
- परशुराम का क्रोध शांत करने के लिए।
- परशुराम का क्रोध और भड़काने के लिए।
- परशुराम के प्रति अपने व्यंग्यात्मक लहजे के कारण।
- शिवधनुष का अन्य धनुषों के जैसा होने के कारण।
- परशुराम की बातें सुनकर लक्ष्मण मुसकुराने क्यों लगे?
- स्वयं पर नियंत्रण न रखने के कारण
- परशुराम के क्रोध को गंभीरता से न लेने के कारण।
- परशुराम के क्रोध को भड़काने के लिए।
- परशुराम के आत्मप्रशंसात्मक वचनों को सुनकर।
- परशुराम ने राम के विनम्र वचनों का उत्तर कैसे दिया?
- विनम्रतापूर्वक
- क्रोधपूर्वक
- शांतिपूर्वक
- तटस्थ भाव
Chapter:
बिस्मिल्ला खाँ अपनी दुआओं में क्या माँगा करते थे?
अपने सुरों की सलामती
जन्मभुमि काशी का सौहार्द
विविध संप्रदायों में भाईचारा
पूरे देश की सलामती
Chapter:
नेताजी की मूर्ति पर लगे सरकंडे के चश्मे को देखकर हालदार साहब की आँखें क्यों भर आईं?
सरकंडे से बना चश्मा उन्हें नेताजी की गरिमा के अनुरूप नहीं लगा।
नेताजी की मूर्ति के हिसाब से चश्मे का स्वरूप सही नहीं था।
चश्मे को देखकर उन्हें कैप्टन की याद आ गई थी।
बच्चों में नेताजी के प्रति सम्मान और देशभक्ति देखकर वे भावुक हो गए।
Chapter:
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए:
कार्तिक आया नहीं कि बालगोबिन भगत की प्रभातियाँ शुरू हुईं, जो फागुन तक चला करतीं। इन दिनों वह सबेरे ही उठते। न जाने किस वक्त जगकर वह नदी-स्नान को जाते-गाँव से दो मील दूर। वहाँ से नहा-धोकर लौटते और गाँव के बाहर ही, पोखरे के ऊँचे भिंडे पर, अपनी खँँजड़ी लेकर जा बैठते और अपने गाने टेरने लगते। मैं शुरू से ही देर तक सोनेवाला हूँ, किंतु, एक दिन, माघ की उस दाँत किटकिटाने वाली भोर में भी, उनका संगीत मुझे पोखरे पर ले गया था। अभी आसमान के तारों के दीपक बुझे नहीं थे। हाँ, पूरब में लोही लग गई थी जिसकी लालिमा को शुक्र तारा और बढ़ा रहा था। खेत, बगीचा, घर-सब पर कुहासा छा रहा था। सारा वातावरण अजीब रहस्य से आवृत्त मालूम पड़ता था। उस रहस्यमय वातावरण में एक कुश की चटाई पर पूरब मुँह, काली कमली ओढ़े, बालगोबिन भगत अपनी खँजड़ी लिए बैठे थे। उनके मुँह से शब्दों का ताँता लगा था। उनकी अँगुलियाँ खँजड़ी पर लगातार चल रही थीं। गाते-गाते इतने मस्त हो जाते, इतने सुरूर में आते, उत्तेजित हो उठते कि मालूम होता,अब खड़े हो जाएँगे। कमली तो बार-बार सिर से नीचे सरक जाती। मैं जाड़े से कँंपकँपा रहा था। किंतु तारे की छाँव में भी उनके मस्तक के श्रमबिंदु, जब-तब, चमक ही पड़ते। |
- प्रभातियाँ किस समय गाया जाने वाला गीत है?
- भोर
- संध्या
- मध्याह्न
- अपराह्न
- 'उनके मुँह से शब्दों का ताँता लगा था।' -का आशय है:
- वह एक के बाद एक गीत गाए जा रहे थे।
- वह लगातार प्रवचन दिए जा रहे थे।
- वह लगातार लोगों को आशीर्वचन दे रहे थे।
- वह किसी से लगातार बातें किए जा रहे थे।
- गद्यांश में किस ऋतु का उल्लेख है?
- वसंत ऋतु
- ग्रीष्म ऋतु
- शीत ऋतु
- वर्षा ऋतु
- बालगोबिन की प्रभातियाँ कब तक चला करती थीं?
- फाल्गुन से कार्तिक तक
- कार्तिक से फाल्गुन तक
- फाल्गुन से आषाढ़ तक
- कार्तिक से चैत्र तक
- भगत गाँव के बाहर पोखरे के ऊँचे भिंडे पर क्यों गाया करते थे? अनुपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए:
- शांत और प्राकृतिक वातावरण के कारण।
- ताकि गाँववाले को परेशानी न हो।
- गाँव में अधिक शोर की मनाही थी।
- उन्हें उस स्थान पर रोज गाने की आदत थी।
Chapter:
'पूरक पाठ्य-पुस्तक' के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए:
'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ के आधार पर अनुभव और अनुभूति का अंतर स्पष्ट करते हुए लिखिए कि लेखक ने अपनी जापान यात्रा के दौरान हिरोशिमा में सब-कुछ देखकर भी तत्काल क्यों नहीं लिखा? अणु-विस्फोट की अनुभूति लेखक को कब हुई?
Chapter:
'पूरक पाठ्य-पुस्तक' के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए:
'माता का अँचल' पाठ जैसा वात्सल्य क्या वर्तमान की भागती-सी व्यस्त जिंदगी में भी देखने को मिलता है? इस प्रश्न के उत्तर में उपयुक्त तर्क भी दीजिए।
Chapter:
'पूरक पाठ्य-पुस्तक' के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए:
बार्डर एरिया में छावनी पर 'वी गिव अवर टुडे फॉर योर टुमारो' को पढ़कर लेखिका का मन उदास क्यों हो गया? 'साना-साना हाथ जोड़ि' पाठ के आधार पर लिखिए।
Chapter:
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर 25-30 शब्दों में लिखिए:
'तुम लोगों की तरह बनाव-सिंगार देखते रहते तो उमर ही बीत जाती, हो चुकती शहनाई। तब क्या खाक रियाज हो पाता?' नौबतखाने में इबादत पाठ की इस पंक्ति में युवाओं के लिए क्या संदेश छिपा है?
Chapter:
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गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर 25-30 शब्दों में लिखिए:
'लखनवी अंदाज' पाठ का लेखक, डिब्बे में नवाब साहब की उपस्थिति से असहज क्यों हो गया?
Chapter:
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर 25-30 शब्दों में लिखिए:
'संस्कृति' पाठ के आधार पर सभ्यता और संस्कृति के बीच के अंतर को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
Chapter:
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर 25-30 शब्दों में लिखिए:
'एक कहानी यह भी' पाठ की लेखिका मन्नू भंडारी के अपने क्षेत्र में सफलता की ऊँचाइयों को छूने के बावजूद हीन-भाव से न उबर पाने का क्या कारण था?
Chapter:
निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
'आत्मकथ्य' कविता का रचनाकार अपने जीवन के उज्ज्वल क्षणों-गाथाओं को सबके सामने प्रकट नहीं करना चाहता है। क्यों? कारण सहित स्पष्ट कीजिए।
Chapter:
निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
क्या आप इस कथन से सहमत हैं कि 'उत्साह' कविता के माध्यम से कवि ने समाज में परिवर्तन का संदेश दिया है? तर्क सहित उत्तर दीजिए।
Chapter:
निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
संगतकार द्वारा अपनी आवाज को ऊँचा न उठाने की कोशिश उसकी नाकामयाबी क्यों नहीं है? 'संगतकार' कविता के संदर्भ में लिखिए।
Chapter:
निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
'बच्चे के निकट आने और उसका स्नेह पाने के लिए सान्निध्य आवश्यक है।' का भाव 'यह दंतुरित मुसकान' कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Chapter:
पर्यावरण मंत्रालय की ओर से 'पर्यावरण संरक्षण' के प्रति जागरूकता लाने के लिए लगभग 40 शब्दों में एक आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए।
Chapter:
आप तारा/तरुण है। आपके मित्र का चयन राज्य फुटबॉल टींम में हो गया है। उन्हें बधाई देते हुए लगभग 40 शब्दों में एक संदेश लिखिए।
Chapter:
निम्नलिखित विषय पर संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए:
निष्पक्ष मीडिया : सफल लोकतंत्र का आधार
संकेत बिंदु:
- भूमिका
- अर्थ
- लोकतंत्र पर प्रभाव
- समस्याएँ
- समाधान
Chapter:
निम्नलिखित विषय पर संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए:
परोपकार ही सच्चा धर्म है
संकेत बिंदु:
- परोपकार का अर्थ
- मनुष्य का उत्तम गुण
- प्रकृति से उदाहरण
- सच्चे आनंद का स्रोत
Chapter:
निम्नलिखित विषय पर संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए:
विश्व पर्यावरण दिवस
संकेत बिंदु:
- भूमिका
- क्या
- क्यों
- पर्यावरण पर प्रभाव
Chapter:
आप साची/सचिन हैं। आपने महसूस किया है कि आपके मित्र का स्वभाव, बोलने का तरीका दिन-प्रतिदिन उग्र होता जा रहा है। संयमित व्यवहार और मीठी वाणी का महत्व बताते हुए लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए।
Chapter:
आप प्रगति विद्यालय के साची/सचिन है। स्कूली शिक्षा में स्मार्ट कक्षाओं की बढ़ती भूमिका को देखते हुए अपने विद्यालय में भी स्मार्ट बोर्ड लगाए जाने का अनुरोध करते हुए अपने क्षेत्र के शिक्षा पदाधिकारी को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए।
Chapter:
आप निभा/निर्भय हैं। आपको अपने मित्र से पता चला है कि स्थानीय नवोदय विद्यालय में सहायक प्राथमिक शिक्षक का पद रिक्त है। आप इस पद के लिए योग्य उम्मीदवार हैं और अपनी सेवा, देने के इच्छुक भी हैं। उक्त पद के लिए नवोदय विद्यालय के प्रमुख को आवेदन भेजने हेतु लगभग 80 शब्दों में अपना एक संक्षिप्त स्ववृत्त लिखिए।
Chapter:
आप निभा/निर्भय हैं। आपने ऑनलाइन खरीदारी करके कुछ कपड़े खरीदे थे। उनकी गुणवत्ता आपकी आवश्यकताओं के अनुकूल न होने के कारण आपने उन्हें वापस कर दिया था। परंतु 10 दिन बीत जाने के बाद भी आपकी रकम वापस नहीं आई। संबंधित कंपनी के ग्राहक सेवा कक्ष (कस्टमर सर्विस सेल) को ई-मेल द्वारा अपनी समस्या से अवगत कराइए।
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