मराठी

1.0 m लंबी धातु की छड़ उसके एक सिरे से जाने वाले अभिलंबवत अक्ष के परितः 400 rad s-1 की कोणीय आवृत्ति से घूर्णन कर रही है। छड़ का दूसरा सिरा एक धात्विक वलय से संपर्कित है। - Physics (भौतिक विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

1.0 m लंबी धातु की छड़ उसके एक सिरे से जाने वाले अभिलंबवत अक्ष के परितः 400 rad s-1 की कोणीय आवृत्ति से घूर्णन कर रही है। छड़ का दूसरा सिरा एक धात्विक वलय से संपर्कित है। अक्ष के अनुदिश सभी जगह 0.5 T का एकसमान चुंबकीय-क्षेत्र उपस्थित है। वलय तथा अक्ष के बीच स्थापित विद्युत वाहक बल की गणना कीजिए।

संख्यात्मक

उत्तर

दिया है, धात्विक छड़ की लंबाई l = 1 m

कोणीय आवृत्ति ω = 400 rad/s

चुंबकीय क्षेत्र B = 0.5 T 

छड़ के एक सिरे का रेखीय वेग शून्य है, जबकि दूसरे सिरे का रेखीय वेग lω है।

छड़ का औसत रैखिक वेग, v = `("I"w + 0)/2`

= `("I"w)/2`

केंद्र और वलय के बीच स्थापित विद्युत वाहक बल,

e = Blv

= BI `(("I"w)/2)`

= `("BI"^2 w)/2`

= `(0.5 xx (1)^2 xx 400)/2`

 = 100 V

अतः, केंद्र और वलय के बीच स्थापित विद्युत वाहक बल 100 V है।

shaalaa.com
प्रेरकत्व - अन्योन्य प्रेरकत्व
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 6: वैद्युतचुंबकीय प्रेरण - अभ्यास [पृष्ठ २३०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Physics [Hindi] Class 12
पाठ 6 वैद्युतचुंबकीय प्रेरण
अभ्यास | Q 6.5 | पृष्ठ २३०

संबंधित प्रश्‍न

एक लंबी परिनालिका के इकाई सेंटीमीटर लंबाई में 15 फेरे हैं। उसके अंदर 2.0 cm2 का एक छोटा-सा लूप परिनालिका की अक्ष के लंबवत रखा गया है। यदि परिनालिका में बहने वाली धारा का मान 2.0 A में 4.0 A से 0.1 s कर दिया जाए तो धारा परिवर्तन के समय प्रेरित विद्युत वाहक बल कितना होगा?


  1. चित्र में दर्शाए अनुसार एक लम्बे, सीधे तार तथा एक वर्गाकार लूप जिसकी एक भुजा की लम्बाई a है, के लिए अन्योन्य प्रेरकत्व का व्यंजक प्राप्त कीजिए।
  2. अब मान लीजिए कि सीधे तार में 50 A की धारा प्रवाहित हो रही है तथा लूप एक स्थिर वेग v = 10 m/s से दाईं ओर को गति कर रहा है। लूप में प्रेरित विद्युत वाहक बल का परिकलन चित्र 6.7 उंस क्षण पर कीजिए जब x = 0.2 m हो। लूप के लिए a = 0.1 m लीजिए तथा यह मान लीजिए कि उसका प्रतिरोध बहुत अधिक है।

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×