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1977 के चुनावों के बाद पहली दफा केंद्र में विपक्षी दल की सरकार बनी। ऐसा किन कारणों से संभव हुआ? - Political Science (राजनीति विज्ञान)

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प्रश्न

1977 के चुनावों के बाद पहली दफा केंद्र में विपक्षी दल की सरकार बनी। ऐसा किन कारणों से संभव हुआ?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

  • केंद्र में पहली बार एक विपक्ष सरकार या जनता पार्टी के सरकार बनने के लिए उत्तरदायी निम्न कारण या परिस्थितियाँ थीं -
  1. आपातकाल लागू होने के पहले ही बड़ी विपक्ष पार्टियाँ एक - दूसरे के नजदीक आ रही थीं। चुनाव के येन पहले इन पार्टियों ने एकजुट होकर जनता पार्टी नाम से एक नया दल बनाया। नयी पार्टी ने जयप्रकश नारायण का नेतृत्व स्वीकार किया। कांग्रेस के कुछ नेता भी जो आपातकाल के खिलाफ थे, इस पार्टी में शामिल हुए।
  2. कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं ने जगजीवन राम के नेतृत्व में एक नई पार्टी बनाई। इस पार्टी का नाम 'कांग्रेस फॉर डेमोक्रेसी' था और बाद में यह पार्टी भी जनता पार्टी में शामिल हो गई।
  3. 1977 के चुनाव को जनता पार्टी ने आपातकाल के ऊपर जनमत संग्रह का रूप दिया। इस पार्टी ने चुनाव - प्रचारों में शासन के अलोकतांत्रिक चरित्र और आपातकाल के दौरान की गई ज्यादतियों पर जोर दिया।
  4. हजारों लोगों की गिरफ्तारी और प्रेस की सेंसरशिप की पृष्टभूमि में जनमत कांग्रेस के विरुद्ध था। जनता पार्टी के गठन के कारण यह भी सुनिश्चित हो गया की गैर - कांग्रेसी वोट एक ही जगह पड़ेगे। बात बिल्कुल साफ थी की कांग्रेस के लिए अब बड़ी मुश्किल आ पड़ी थी।
  5. जैसी की उम्मीद की जाती थी वही हुआ। चुनावी परिणामों से स्पष्ट हो गया की मतदाताओं ने कांग्रेस को नकार दिया था। उसे मात्र 184 सीटें मिली। जनता पार्टी और उसके साथी दलों ने 330 सीटों जीत ली। इस प्रकार केंद्र में पहली गैर - कांग्रसी सरकार या विपक्षी सरकार का गठन हुआ।
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आपातकाल के बाद की राजनीति
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 6: लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट - प्रश्नावली [पृष्ठ १२६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Political Science [Hindi] Class 12
पाठ 6 लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट
प्रश्नावली | Q 7. | पृष्ठ १२६

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निम्नलिखित अवतरण को पढ़ें और इसके आधार पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दें -

1977 के चुनावों के दौरान भारतीय लोकतंत्र, दो - दलीय व्यवस्था के जितना नज़दीक आ गया था उतना पहले कभी नहीं आया। बहरहाल अगले कुछ सालों में मामला पूरी तरह बदल गया। हारने के तुरंत बाद कांग्रेस दो टुकड़ों में बँट गई ..... जनता पार्टी में भी अफरा तफरी मची .... डेविड बँटलर, अशोक लाहिडी और प्रणव रॉय

- पार्था चटर्जी

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