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प्रश्न
3.0 kg संहति के किसी पिण्ड पर आरोपित कोई बल 25 s में उसकी चाल को 2.0 ms -1 से 3.5 ms-1 कर देता है। पिण्ड की गति की दिशा अपरिवर्तित रहती है। बल का परिमाण व दिशा क्या है?
उत्तर
पिण्ड का द्रव्यमान m = 3.0 kg
समय अंतराल (t2 - t1) = 25 सेकंड
`ν_("t"_1)` = 2.0 मी/से तथा `ν_("t"_2)` = 3.5 मी/से
∴ गति की समीकरण
`"ν"_("t"_2) = "ν"_("t"_1) + "a" ("t"_2 - "t"_1)` से,
3.5 मी/से = 2.0 मी/से + a (25 सेकंड)
अतः पिण्ड में उत्पन्न त्वरण,
`"a" = ((3.5 - 2.0) "मी"//"से")/(25 "सेकंड")`
= 0.06 मी/से2
∴ बल का परिमाण F = mg
=3.0 किग्रा × 0.06 मी/से2
= 0.18 न्यूटन
चूँकि आरोपित बल का दिशा अपरिवर्तित है तथा यह पिण्ड की चाल को बढ़ा रहा है, अतः बल की दिशा पिण्ड की गति की दम में ही होगी।
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