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प्रश्न
आधुनिक तापमिति में जल का त्रिक बिंदु एक मानक नियत बिंदु है, क्यों? हिम के गलनांक तथा जल के क्वथनांक को मानक नियत-बिंदु मानने में (जैसा कि मूल सेल्सियस मापक्रम में किया गया था।) क्या दोष है?
उत्तर
क्योकि जल का त्रिक बिंदु एक अद्वितीय बिंदु है, जिसके संगत ताप 273.16 K अद्वितीय है, जबकि हिम का गलनांक तथा जल का क्वथनांक नियत नहीं है ये दाब परिवर्तित करने पर बदल जाते हैं।
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निऑन तथा CO2 के त्रिक बिंदु क्रमशः 24.57 K तथा 216.55 K हैं। इन तापों को सेल्सियस तथा फारेनहाइट मापक्रमों में व्यक्त कीजिए।
दो परम ताप मापक्रमों A तथा B पर जल के त्रिक बिंदु को 200 A तथा 350 B द्वारा परिभाषित किया गया है। TA तथा TB में क्या संबंध है?
किसी तापमापी का ओम में विद्युत प्रतिरोध ताप के साथ निम्नलिखित सन्निकट नियम के अनुसार परिवर्तित होता है
R = R0 [1+ α (T -T0)]
यदि तापमापी का जल के त्रिक बिन्दु 273.16 K पर प्रतिरोध 101.6 Ω तथा लैड के सामान्य संगलन बिंदु (600.5 K) पर प्रतिरोध 165.5 Ω है तो वह ताप ज्ञात कीजिए जिस पर तापमापी का प्रतिरोध 123.4 Ω है।
दो आदर्श गैस तापमापियों A तथा B में क्रमशः ऑक्सीजन तथा हाइड्रोजन प्रयोग की गई है। इनके प्रेक्षण निम्नलिखित हैं:
ताप | दाब तापमापी A में | दाब तापमापी B में |
जल का त्रिक बिंदु | 1.250 × 105 Pa | 0.200 × 105 Pa |
सल्फर का सामान्य गलनांक | 1.797 × 105 Pa | 0.287 × 105 Pa |
- तापमापियों A तथा B के द्वारा लिए गए पाठ्यांकों के अनुसार सल्फर के सामान्य गलनांक के परमताप क्या हैं?
- आपके विचार से तापमापियों A तथा B के उत्तरों में थोड़ा अंतर होने का क्या कारण है? (दोनों तापमापियों में कोई दोष नहीं है)। दो पाठ्यांकों के बीच की विसंगति को कम करने के लिए इस प्रयोग में और क्या प्रावधान आवश्यक हैं?