Advertisements
Advertisements
प्रश्न
अभिकथन - जब एक अर्धपारगम्य झिल्ली द्वारा एक विलयन को शुद्ध विलायक से पृथक किया जाता है तो शुद्ध विलायक की ओर से विलायक के अणु झिल्ली में से होकर विलयन की ओर जाते हैं।
तर्के - विलायक का विसरण उच्च सांद्रता वाले विलयन क्षेत्र से निम्न सांद्रता वाले विलयन क्षेत्र की ओर होता है।
पर्याय
अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण है।
अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परन्तु तर्क अभिकथन का स्पष्टीकरण नहीं है।
अभिकथन सही है परन्तु तर्क गलत कथन है।
अभिकथधन और तर्क दोनों ही गलत कथन हैं।
अभिकथन गलत है परन्तु तर्क सही कथन है।
उत्तर
अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परन्तु तर्क अभिकथन का स्पष्टीकरण नहीं है।
स्पष्टीकरण -
अभिकथन सही कथन है लेकिन कारण गलत कथन है क्योंकि एक अर्धपारगम्य झिल्ली विलायक के अणुओं को कम सांद्रता के घोल से उच्च सांद्रता वाले घोल से गुजरने की अनुमति देती है। विलायक के अणु का विलायक की ओर से विलयन की ओर अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से प्रवाह को परासरण कहा जाता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित में से किस जलीय विलयन का क्वथनांक उच्चतम होना चाहिए?
क्वथनांक उन्नयन स्थिरांक की इकाई है-
चित्र को देखकर सही विकल्प को चुनिए।
दो द्रव A और B एक विशिष्ट संघटन में न्यूनतम क्वथनांकी स्थिरक्वाथी बनाते हैं तब ______।
प्रतिलोम परासरण को संपन्न करने के लिए उपयोग में आने वाले अर्धपारगम्य झिल्ली के निर्माण के लिए एक पदार्थ का उदाहरण दीजिए।
अभिकथन - मेथिल ऐल्कोहॉल को जल में घोलने से जल का क्वथनांक बढ़ता है।
तर्के - वाष्पशील ठोस को वाष्पशील विलयन में मिलाने से क्वथनांक में उन्नयन प्रेक्षित होता है।
आसवन के द्वारा शुद्ध एथेनॉल प्राप्त करना संभव क्यों नहीं है? ऐसे द्विअंगी मिश्रणों को क्या नाम दिया जाता है जो सामान्यत: राउल्ट के नियम से विचलन दर्शाते हैं और जिनके अवयवों को आसवन द्वारा अलग नहीं किया जा सकता? ये मिश्रण कितने प्रकार के होते हैं?
परासरण के जैविक तथा औद्योगिक अनुप्रयोगों की विवेचना कीजिए।
आप अंडे की अर्धपारगम्य झिल्ली को हानि पहुँचाए बिना इस पर से कैल्सियम कार्बोनेट की कठोर सतह को कैसे हटा सकते हैं? क्या इस अंडे की आकृति को बदले बिना इसे एक संकरे मुँह वाली बोतल में प्रवेशित किया जा सकता है? इसमें सम्मिलित प्रक्रिया को समझाइए।
वान्टहॉफ कारक की सहायता से समझाइए कि अणुसंख्यक गुण मापन विधि द्वारा कुछ विलेयों के लिए निर्धारित द्रव्यमान असामान्य क्यों होता है।