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प्रश्न
अध्ययन से इसका क्या संबंध स्थापित होगा-
रहतिया आवर्त
उत्तर
रहतिया आवर्त अनुपात यह निर्धारित करता है कि एक लेखा अवधि के दौरान रहतिया प्रचालन से आगम में कितनी बार परिवर्तित हुआ है। यह अनुपात प्रचालन से आगम की लागत और औसत रहतिया के मध्य संबंध को व्यक्त करता है इसके परिकलन का सूत्र इस प्रकार है।
रहतिया आवर्त अनुपात = `"प्रचालन से आगम की लागत"/"औसत रहतिया"`
जहाँ, औसत रहतिया प्रारंभिक और अंतिम रहतिया के गणितीय औसत की और संकेत करता है। और प्रचालन से आगम की लागत का मतलब प्रचालन से आगम राशि में से घटाई गई सकल लाभ की राशि से है।
प्रचालक से आगम की लागत = प्रारंभिक स्टॉक + निवल क्रय + मज़दूरी + आंतरिक ढुलाई - अंतिम स्टॉक
औसत रहतिया = `("प्रारंभिक स्टॉक" + "अंतिम स्टॉक")/2`
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एक माल सूची की औसत आयु को उस औसत समयावधि के रूप में देखा जाता है जिसमें वह फ़र्म द्वारा धारित की जाती है। कारण सहित व्याख्या कीजिए।
निम्नलिखित सूचना से रहतिया आवर्त अनुपात परिकलित करें-
प्रचालन से निवल आगम | 2,00,000 |
सकल लाभ | 50,000 |
अंतिम रहतिया | 60,000 |
प्रारंभिक रहतिया पर अंतिम रहतिया का आधिक्य |
20,000 |
नीचे दिए गए आँकड़ों से रहतिया आवर्त अनुपात परिकलित कीजिए।
वर्ष के प्रारंभ में रहतिया | 10,000 |
वर्ष के अंत में रहतिया | 5,000 |
ढुलाई | 2,500 |
प्रचालन से आगम | 50,000 |
क्रय | 25,000 |
एक व्यापारिक फ़र्म का औसत रहतिया 20,000 रु. (लागत) है। यदि रहतिया आवर्त अनुपात 8 गुणा है और फर्म विक्रय पर 20% लाभ पर माल बेचती है, तो फ़र्म का लाभ सुनिश्चित कीजिए।
निम्न सूचनाओं से परिकलित करें-
- तरल अनुपात
- रहतिया आवर्त अनुपात
- निवेश पर प्रत्याय
रु. | |
आरंभिक रहतिया |
50,000 |
अंतिम रहतिया |
60,000 |
निवल लाभ |
2,17,900 |
प्रचालन से आगम |
4,00,000 |
10% ऋणपत्र |
2,50,000 |
सकल लाभ |
1,94,000 |
रोकड़ एवं रोकड़ तुल्यांक |
40,000 |
अंश वारंट पर प्राप्त धन |
20,000 |
व्यापारिक प्राप्य |
1,00,000 |
व्यापारिक देय |
1,90,000 |
अन्य चालू दायित्व |
70,000 |
अंश पूँजी |
2,00,000 |
आरक्षित एवं अधिशेष |
1,20,000 |
(लाभ हानि विवरण का शेष)