Advertisements
Advertisements
प्रश्न
अनुपातों के विविध प्रकार कौन-से हैं?
दीर्घउत्तर
उत्तर
अनुपातों के वर्गीकरण के दो प्रकार हैं -
- परंपरागत वर्गीकरण, और
- क्रियात्मक वर्गीकरण।
'परंपरागत वर्गीकरण' उस वित्तीय विवरण पर आधारित होता है जो संबंधित अनुपात का निर्धारक होता है। इस आधार पर अनुपातों को निम्नवत् वर्गीकृत किया गया है-
- लाभ व हानि विवरण अनुपात - लाभ व हानि विवरण से दो चरों के एक अनुपात को लाभ हानि विवरण अनुपात के रूप में जाना जाता है। उदाहरण के लिए प्रचालन से आगम एवं सकल लाभ के अनुपात को सकल लाभ अनुपात के रूप में जानते हैं और यह लाभ व हानि विवरण के दोनों आँकड़ों को प्रयुक्त कर परिकलित किया गया है।
- वुलन-पत्र अनुपात - यदि इस प्रकरण में दोनों चर तुलन-पत्र से हैं तो इसे तुलन-पत्र अनुपात के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। उदाहरण के लिए, चालू परिसंपत्तियाँ तथा चालू दायित्व के अनुपात को चालू अनुपात के नाम से जानते हैं और इसे तुलन-पत्र से प्राप्त दोनों आँकड़ों के उपयोग से 'परिकलित किया गया है।
- मिश्रित अनुपात - यदि अनुपात का परिकलन दो भिन्न चरों-अर्थात् एक चर लाभ व हानि विवरण से लेकर तथा एक चर तुलन-पत्र से लेकर किया जाता है तो उसे मिश्रित अनुपात कहा जाता है। उदाहरण के लिए, उधार प्रचालन से आगम तथा व्यापारिक प्राप्य के अनुपात जिसे (व्यापारिक प्राप्य के आवर्त अनुपात के रूप से जानते हैं) के परिकलन में एक संख्या लाभ व हानि विवरण से (उधार प्रचालन से आगम) तथा दूसरी संख्या को तुलन-पत्र (व्यापारिक प्राप्य) से लिया जाता है।
अनुपात के उद्देश्य पर आधारित वैकल्पिक वर्गीकरण (क्रियात्मक वर्गीकरण), सर्वाधिक प्रयोग में लाया जाने वाला वर्गीकरण है, जिसे नीचे बताया गया है-
- द्रवता अनुपात - अपनी देनदारियों को पूरा करने हेतु एक व्यवसाय को तरल निधियों की आवश्यकता होती है। व्यवसाय की अपने पणधारियों को देय राशियों की भुगतान क्षमता को द्रवता के रूप में जाना जाता है। और इस मापने के अनुपात को “द्रवता अनुपात' के नाम से जानते हैं। ये सामान्यतः प्रकृति में अल्पकालिक होते हैं।
- ऋण शोधन क्षमता अनुपात - व्यवसाय की ऋण शोधन क्षमता का निर्धारण पणधारियों, विशेष रूप से बाहरी पणधारियों के प्रति इसकी संविदात्मक दायित्व (दायित्वों) के पूरा करने की क्षमता से होता है तथा ऋणशोधन क्षमता की स्थिति को मापने के लिए परिकलित अनुपात को 'ऋण शोधन क्षमता अनुपात' के नाम से जानते हैं। ये अनिवार्यत: प्रकृति से दीर्घकालिक होते हैं।
- सक्रियता या (आवर्त) अनुपात - यह उन अनुपातों को संदर्भित करता है जिन्हें संसाधनों के प्रभावी उपयोगिता पर आधारित व्यवसाय की सक्रियता या कार्यात्मकता की क्षमता के मापन हेतु परिकलित किया जाता है। इस्नलिए इन्हें सक्षमता अनुपात के नाम से भी जानते हैं।
- लाभप्रदता अनुपात - यह अनुपात व्यवसाय में नियोजित फंड (या परिसंपत्तियाँ) अथवा प्रचालन से आगम से संबंधित लाभ के विश्लेषण के लिए प्रयोग किया जाता है और इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए परिकलित अनुपात को लाभप्रदता अनुपात के रूप में जानते हैं।
shaalaa.com
अनुपातों के प्रकार
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 5: लेखांकन अनुपात - अभ्यास हेतु प्रश्न [पृष्ठ २४०]