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प्रश्न
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
अपने हृदय का सत्य, अपने-आप हमको खोजना। बेकार है मुस्कान से ढकना, हृदय की खिन्नता। |
- कृति पूर्ण कीजिए: (2)
पद्यांश की पंक्तियाँ पूर्ण कीजिए- बेकार है मुस्कान से ढकना →
- अपने हृदय का सत्य →
- आदर्श हो सकती नहीं →
- अपने नयन का नीर →
- निम्नलिखित शब्दों के लिए पद्यांश में प्रयुक्त समानार्थी शब्द लिखिए: (2)
- ढूँढ़ना - ...............
- पानी - ..............
- आँखें - .............
- गगन - ..............
- “संघर्ष करने वाला ही जीवन का लक्ष्य प्राप्त करता है” इस कथन पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (2)
आकलन
उत्तर
- बेकार है मुस्कान से ढकना → हृदय की खिन्नता
- अपने हृदय का सत्य → अपने-आप हमको खोजना
- आदर्श हो सकती नहीं → तन और मन की भिन्नता
- अपने नयन का नीर → अपने-आप हमको पोंछना
-
- ढूँढ़ना - खोजना
- पानी - नीर
- आँखें - नयन
- गगन - आकाश
- संघर्ष ही सफलता की कुंजी है। जीवन में कोई भी उपलब्धि बिना कठिन परिश्रम और संघर्ष के प्राप्त नहीं होती। इतिहास गवाह है कि जो व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहते हैं और कठिनाइयों का सामना करते हुए आगे बढ़ते हैं, वही जीवन में सफल होते हैं। संघर्ष हमें न केवल आत्मनिर्भर बनाता है बल्कि हमारे व्यक्तित्व को भी निखारता है। इसलिए, जीवन में आने वाली कठिनाइयों से घबराने के बजाय हमें डटकर उनका सामना करना चाहिए और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?