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प्रश्न
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
मन रे अहिनिसि हरि गुण सारि। तेरी गति मिति तू ही जाणै क्या को आखि वखाणे |
- कृति पूर्ण कीजिए: (2)
- निम्नलिखित शब्दों के उपसर्ग हटाकर पद्यांश में आए हुए मूल शब्द ढूँढकर लिखिए: (2)
- सदगुण ______
- अहिंसा ______
- सद्गति ______
- सद्गुरु ______
- “प्रभु का महत्त्व” इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (2)
आकलन
उत्तर
-
- सदगुण - गुण
- अहिंसा - हिंसा
- सद्गति - गति
- सद्गुरु - गुरु
- प्रभु के प्रति आस्था और भक्ति जीवन में शांति और सुख का आधार होती है। प्रभु के नाम का स्मरण हमें सद्गुणों की ओर प्रेरित करता है। भक्ति मार्ग हमें अहंकार, द्वेष और हिंसा से दूर रखता है। प्रभु को पाने के लिए सच्चे हृदय से प्रार्थना और सत्संग आवश्यक होता है। सच्ची श्रद्धा और समर्पण से ही प्रभु को प्राप्त किया जा सकता है। इसीलिए हमें सदैव प्रभु की भक्ति में लीन रहना चाहिए और उनके मार्ग का अनुसरण करना चाहिए।
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या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?