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औपनिवेशिक काल के वन प्रबंधन में आए परिवर्तनों ने इन समूहों को कैसे प्रभावित किया: लकड़ी और वन-उत्पादों का व्यापार करने वाली कंपनियों को - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

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प्रश्न

औपनिवेशिक काल के वन प्रबंधन में आए परिवर्तनों ने इन समूहों को कैसे प्रभावित किया:

लकड़ी और वन-उत्पादों का व्यापार करने वाली कंपनियों को

टीपा लिहा

उत्तर

उन्नीसवीं सदी के प्रारंभ तक इंग्लैंड में बलूत के वन लुप्त होने लगे थे जिसने शाही नौसेना के लिए लकड़ी की आपूर्ति की किल्लत पैदा कर दी। 1820 तक अंग्रेजी खोजी दस्ते भारत की वन-संपदा का अंवेषण करने के लिए भेजे गए। एक दशक के अंदर बड़ी संख्या में पेड़ों को काट डाला गया और बहुत अधिक मात्रा में लकड़ी का भारत से निर्यात किया गया। व्यापार पूर्णतया सरकारी अधिनियम के अंतर्गत संचालित किया जाता था। ब्रिटिश प्रशासन ने यूरोपीय कंपनियों को विशेष अधिकार दिए कि वे ही कुछ निश्चित क्षेत्रों में वन्य उत्पादों में व्यापार कर सकेंगे। लकड़ी/वन्य उत्पादों का व्यापार करने वाली कुछ कंपनियों के लिए यह फायदेमंद साबित हुआ। वे अपने फायदे के लिए अंधाधुंध वन काटने में लग गए।

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वनों का विनाश क्यों?
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पाठ 4: वन्य समाज एवं उपनिवेशवाद - प्रश्न [पृष्ठ ९६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Social Science - India and the Contemporary World 1 [Hindi] Class 9
पाठ 4 वन्य समाज एवं उपनिवेशवाद
प्रश्न | Q 1. 3 | पृष्ठ ९६

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