Advertisements
Advertisements
प्रश्न
b भुजा वाले एक घन के प्रत्येक शीर्ष पर q आवेश है। इस आवेश विन्यास के कारण घन के केन्द्र पर विद्युत विभव तथा विद्युत-क्षेत्र ज्ञात कीजिए।
उत्तर
दिए गए चित्र में घन की भुजा = b
अतः घन का प्रत्येक विकर्ण = `sqrt("b"^2 + "b"^2 + "b"^2) = "b"sqrt3`
घन के प्रत्येक शीर्ष पर स्थित आवेश = q तथा प्रत्येक आवेश की घन के केन्द्र O (चारों विकर्णो AF, EB, CH तथा GD का छेदन बिन्दु, जो इनका मध्य बिन्दु होता है) से दूरी
r = `"विकर्ण"/2 = ("b"sqrt3)/2`
अतः प्रत्येक शीर्ष पर स्थित आवेश के कारण O पर विभव समान होगा।
अतः O पर परिणामी विभव
V = 8 × एक शीर्ष पर स्थित आवेश के कारण विभव
`= 8 xx 1/(4piepsilon_0) ("q"/"r") = 8 xx 1/(4piepsilon_0) ("q"/("b"sqrt3//2))`
`= 1/(4piepsilon_0) ((16"q")/("b"sqrt3))`
`= "4q"/(piepsilon_0 "b"sqrt3)`
चूंकि प्रत्येक विकर्ण के शीर्ष पर समान परिमाण तथा समान प्रकृति के आवेश रिथत हैं, अतः इनके कारण.O पर तीव्रता परिमाण में बराबर तथा दिशा में विपरीत होगी। अतः ये एक-दूसरे को निरस्त कर देंगी। अतः O पर परिणामी तीव्रता शून्य होगी।