मराठी

बंद द्वार की साँकल खोलने के लिए कवयित्री क्या आवश्यक मानती है? - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

बंद द्वार की साँकल खोलने के लिए कवयित्री क्या आवश्यक मानती है?

टीपा लिहा

उत्तर

बंद द्वार की साँकल खोलने के लिए कवयित्री का मानना है कि मनुष्य को भोग लिप्ता से आवश्यक दूरी बनाकर भोग और त्याग के बीच का मध्यम मार्ग अपनाना चाहिए। उसे संयम रखते हुए भोग और त्याग में समान भाव रखना चाहिए।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 A)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 10: वाख - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
पाठ 10 वाख
अतिरिक्त प्रश्न | Q 5

संबंधित प्रश्‍न

कवि ने सच्चे प्रेमी की क्या कसौटी बताई है?


‘वाख’ पाठ के आधार पर बताइए कि परमात्मा को पाने के रास्ते में कौन-कौन सी बाधाएँ आती हैं?


भाव स्पष्ट कीजिए -
हूँ मोट खींचता लगा पेट पर जूआ, खाली करता हूँ ब्रिटिश अकड़ का कुँआ।


कवि के स्मृति-पटल पर कोयल के गीतों की कौन सी मधुर स्मृतियाँ अंकित हैं, जिन्हें वह अब नष्ट करने पर तुली है?


‘तिस पर है गाली, ऐ आली!’ पंक्ति के आधार पर जेल के कर्मचारियों के व्यवहार का वर्णन कीजिए।


कवि को जेल क्यों भेजा गया होगा, अपनी कल्पना के आधार पर लिखिए।


कबीर ने ‘भान’ किसे कहा है? उसके प्रकट होने पर भक्त पर क्या प्रभाव पड़ता है?


तिनकों पर ओस की बूंदें देखकर कवि ने क्या नवीन कल्पना की है? और क्यों?


‘मेघ आए’ कविता में एक साल बाद अपने पति मेघ को देखकर नवविवाहिता नायिका की क्या दशा हुई?


कवि ने ऐसा क्यों कहा कि दक्षिण को लाँघ लेना संभव नहीं था?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×