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महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएचएससी वाणिज्य (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता १२ वी

‘भारतीय संस्कृति मेंपेड़ का महत्त्व’, इस विषय पर अपने विचार व्यक्त कीजिए । - Hindi

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प्रश्न

‘भारतीय संस्कृति मेंपेड़ का महत्त्व’, इस विषय पर अपने विचार व्यक्त कीजिए ।

टीपा लिहा

उत्तर

भारतीय संस्कृति में आदि काल से पेड़ों का महत्त्वपूर्ण स्थान रहा है। पेड़ों को देवताओं का स्थान दिया गया है। पेड़ों की पूजा की जाती थी। उनके साथ मनुष्यों के समान आत्मीयता बरती जाती थी। पीपल के पेड़ की पूजा-अर्चना की जाती थी स्त्रियाँ उपवास करके उसकी परिक्रमा करती थी और जल अर्पण करती थी। इसी प्रकार केले के पेड़ के पूजन की भी प्रथा थी। तुलसी का पौधा तो आज भी अत्यंत पवित्र माना जाता है। बेल के पेड़ के पत्ते भगवान शंकर के मस्तक पर चढ़ाए जाते हैं। वातावरण की शुद्धता के लिए पेड़ अत्यंत आवश्यक हैं क्योंकि हम जो विषैली वायु बाहर छोड़ते हैं, पेड़ उसे ग्रहण करके स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक वायु हमें प्रदान करते हैं और हमें जीवन देते हैं।

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पेड़ होने का अर्थ
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पाठ 7: पेड़ होने का अर्थ - अभिव्यक्ति [पृष्ठ ४०]

APPEARS IN

बालभारती Hindi - Yuvakbharati 12 Standard HSC Maharashtra State Board
पाठ 7 पेड़ होने का अर्थ
अभिव्यक्ति | Q 2 | पृष्ठ ४०

संबंधित प्रश्‍न

लिखिए :

पेड़ का बुलंद हौसला सूचित करने वाली दो पंक्तियाँ :

(१) ____________

(२) ____________


कृति पूर्ण कीजिए :


‘पेड़ मनुष्य का परम हितैषी’, इस विषय पर अपना मंतव्य लिखिए।


नयी कविता का परिचय दीजिए।


डॉ. मुकेश गौतम जी की रचनाएँ लिखिए।


निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'पेड़ होने का अर्थ' कविता का रसास्वादन कीजिए।

मुददे-

  1. रचना का शीर्षक
  2. रचनाकार
  3. पसंद की पंक्तियाँ
  4. पसंद आने का कारण
  5. कविता की केन्द्रीय कल्पना
  6. प्रतीक विधान

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

अंकुरित होने से ठूँठ हो जाने तक
आँधी-तूफान हो या कोई प्रतापी राजा-महाराजा
पेड़ किसी के पाँव नहीं पड़ता है,
जब तक है उसमें साँस
एक जगह पर खड़े रहकर
हालात से लड़ता है!

जहाँ भी खड़ा हो
सड़क, झील या कोई पहाड़
भेड़िया, बाघ, शेर की दहाड़
पेड़ किसी से नहीं डरता है!

हत्या या आत्महत्या नहीं करता है पेड़।
थके राहगीर को देकर छाँव व ठंडी हवा
राह में गिरा देता है फूल
और करता है इशारा उसे आगे बढ़ने का।

पेड़ करता है सभी का स्वागत,
देता है सभी को विदाई!

(१) आकृति पूर्ण कीजिए: (२)

(२) निम्नलिखित शब्दों के वचन पद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए: (२)

  1. आँधियाँ - ______
  2. साँसें - ______
  3. सड़कें - ______
  4. हवाएँ - ______

(३) ‘पेड़ मनुष्य को प्रेरणा देता है’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)


निम्नलिखित पद्वांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

हमारी साँसों के लिए शुद्ध हवा
बीमारी के लिए दवा
शवयात्रा, शगुन या बारात
सभी के लिए देता है पुष्पों की सौगात
आदिकाल से आज तक
सुबह-शाम, दिन-रात
हमेशा देता आया है मनुष्य का साथ
कवि को मिला कागज, कलम, स्याही
वैद, हकीम को दवाई
शासन या प्रशासन
सभी के बैठने के लिए
कुर्सी, मेज, आसन
जो हम उपयोग नहीं करें
वृक्ष के पास ऐसी एक भी नहीं चीज है।
  1. कृति पूर्ण कीजिए:        [2]

  2. निम्नलिखित शब्दों के वचन बदलकर लिखिए:         [2]
    1. बीमारियाँ  - ______
    2. दवाई - ______
    3. कुर्सियाँ - ______
    4. चीज़ - ______
  3. “पेड़ हमारा दाता है" इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।      [2]

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