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भारत में विद्युत क्षेत्रक किन समस्याओं का सामना कर रहा है? - Economics (अर्थशास्त्र)

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प्रश्न

भारत में विद्युत क्षेत्रक किन समस्याओं का सामना कर रहा है?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

भारत में विद्युत क्षेत्रक के समक्ष कई प्रकार की वस्तुओं, सेवाओं समस्याएँ हैं उनके उत्पादन और इलेक्ट्रॉनिक

  1. भारत की वर्तमान बिजली उत्पादन क्षमता में वृद्धि वस्तुओं की सात प्रतिशत की प्रतिवर्ष आर्थिक क्षमता अभिवृद्धि के लिए माँग में वृद्धि पर्याप्त नहीं है। 2000-2012 के बीच में बिजली की बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए भारत को 1 लाख मेगावाट बिजली उत्पादन करने की नई क्षमता की आवश्यकता होगी।
  2. राज्य विद्युत बोर्ड जो विद्युत वितरण करते हैं उनकी हानि 500 करोड़ से ज्यादा है जिसका मुख्य कारण संप्रेक्षण तथा वितरण हानि है। अनेक क्षेत्रों में बिजली की चोरी होती है जिससे राज्य विद्युत निगमों को ओर भी नुकसान होता है।
  3. बिजली के क्षेत्र में निजी क्षेत्रक की भूमिका बहुत कम है। विदेशी निवेश का भी यही हाल है।
  4. भारतीय जनता में लंबे समय तक बिजली गुल रहने से और बिजली की ऊँची दरों से असंतोष है।
  5. उत्पादन तथा वितरण दोनों में अनुचित कीमतें तथा अकार्यकुशलता भी एक समस्या है।
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  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 8: आधारिक संरचना - अभ्यास [पृष्ठ १६४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Economics [English] Class 12
पाठ 8 आधारिक संरचना
अभ्यास | Q 13. | पृष्ठ १६४
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