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पिछले वर्षों के दौरान ऊर्जा के उपभोग प्रतिमानों में कैसे परिवर्तन आया है? - Economics (अर्थशास्त्र)

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प्रश्न

पिछले वर्षों के दौरान ऊर्जा के उपभोग प्रतिमानों में कैसे परिवर्तन आया है?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

ऊर्जा के उपभोग प्रतिमान यह दर्शाते हैं कि ऊर्जा का कितना प्रतिशत किस क्षेत्रक द्वारा प्रयोग किया जा रहा है। घरेलू, कृषि, उद्योग आदि। ऊर्जा के उपभोग प्रतिमान समय प्रति समय परिवर्तित होते रहते हैं।

  1. ऊर्जा के व्यावसायिक स्रोत- वर्तमान समय में भारत में ऊर्जा के कुल उपभोग का 65% व्यावसायिक ऊर्जा से पूरा होता है। इसमें सर्वाधिक अंश कोयला की है जो 55% है। उसके बाद तेल (31%) प्राकृतिक गैस (11%) और, जल ऊर्जा (3%) शामिल हैं।
  2. ऊर्जा के गैर-व्यावसायिक स्रोत- इसमें जलाऊ लकड़ी, गाय का गोबर, कृषि का कूड़ा-कचरा आदि स्त्रोत शामिल हैं, जिसका कुल ऊर्जा उपयोग में 30% से अधिक हिस्सा है।
  3. व्यावसायिक ऊर्जा के उपयोग की क्षेत्रकवार पद्धति- 1953-54 में परिवहन क्षेत्रक व्यावसायिक ऊर्जा का सबसे बड़ा उपभोक्ता था। लेकिन परिवहन क्षेत्रक के अंश में लगातार गिरावट आई है। 1953-54 से 1996-97 के दौरान परिवारों के हिस्से में 10 से 12% की, कृषि में 1% से 9% की, उद्योग में 40% से 42% की तथा अन्य में 5% से 15% की वृद्धि आई है जबकि परिवहन का हिस्सा 44% से कम होकर 22% रह गया।NCERT Solutions for Class 11 Economics Indian Economic Development Chapter  8 (Hindi Medium) - NCERT Solutions
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ऊर्जा
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 8: आधारिक संरचना - अभ्यास [पृष्ठ १६४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Economics [English] Class 12
पाठ 8 आधारिक संरचना
अभ्यास | Q 11. | पृष्ठ १६४
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