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बताइए कि भारत में किस तरह अभी भी जातिगत असमानताएँ जारी हैं? - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

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प्रश्न

बताइए कि भारत में किस तरह अभी भी जातिगत असमानताएँ जारी हैं?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

आधुनिक भारत में जाति की संरचना और जाति व्यवस्था में भारी बदलाव आया है। किंतु फिर भी समकालीन भारत से जाति प्रथा विदा नहीं हुई है। जातिगत असमानता के कुछ पुराने पहलू अभी भी बरकरार हैं

  1. अभी भी ज्यादातर लोग अपनी जाति या कबीले में ही शादी करते हैं।
  2. संवैधानिक प्रावधान के बावजूद छुआछूत की प्रथा अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
  3. जाति व्यवस्था के अंतर्गत कुछ जातियाँ लाभ की स्थिति में रहीं तथा कुछ को दबाकर रखा गया। इसका प्रभाव आज भी नज़र आता है। यानी ऊँची जाति के लोगों की आर्थिक स्थिति सबसे अच्छी है वे दलित तथा आदिवासियों की आर्थिक स्थिति सबसे खराब है।
  4. हर जाति में गरीब लोग हैं पर गरीबी रेखा के नीचे जीवन बसर करनेवालों में अधिक संख्या निचली जातियों के लोगों की है। ऊँची जातियों में गरीबी का प्रतिशत सबसे कम है।
  5. आज सभी जातियों में अमीर लोग हैं पर यहाँ भी ऊँची जातिवालों का अनुपात बहुत ज्यादा है और निचली जातियों का बहुत कम।
  6. जो जातियाँ पहले से ही शिक्षा के क्षेत्र में आगे थीं, आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में भी उन्हीं का बोलबाला है। जिन जातियों को पहले शिक्षा से वंचित रखा जाता था, उनके सदस्य अभी भी पिछड़े हुए हैं।

आज भी जाति आर्थिक हैसियत के निर्धारण में बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है क्योंकि अभी भी जातिगत असमानताएँ जारी हैं।

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जाति और राजनीति
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पाठ 4: जाति, धर्म और लैंगिक मसले - प्रश्नावली [पृष्ठ ५५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Social Science (Political Science) - Democratic Politics 2 [Hindi] Class 10
पाठ 4 जाति, धर्म और लैंगिक मसले
प्रश्नावली | Q 3. | पृष्ठ ५५

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सूची I और सूची II का मेल कराएँ और नीचे दिए गए कोड के आधार पर सही जवाब खोजें।

  सूची I सूची II
1. अधिकारों और अवसरों के मामले में स्त्री और पुरुष की बराबरी मानने वाला व्यक्ति सांप्रदायिक
2. धर्म को समुदाय का मुख्य आधार मानने वाला व्यक्ति नारीवादी
3. जाति को समुदाय का मुख्य आधार मानने वाला व्यक्ति धर्मनिरपेक्ष
4. व्यक्तियों के बीच धार्मिक आस्था के आधार पर भेदभाव न करने वाला व्यक्ति जातिवादी

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