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प्रश्न
दो उदाहरणों द्वारा फ्लुओरीन के असामान्य व्यवहार को दर्शाइए।
थोडक्यात उत्तर
उत्तर
फ्लुओरीन का असामान्य व्यवहार इसके –
- लघु आकार
- उच्च विद्युत ऋणात्मकता
- कम F-F आबंध वियोजन एन्थैल्पी तथा
- इसके संयोजी कोश में d-कक्षकों की अनुपलब्धता के कारण होता है।
उदाहरणार्थ –
- फ्लुओरीन केवल एक ऑक्सोअम्ल बनाती है, जबकि अन्य हैलोजेन अधिक संख्या में ऑक्सो अम्लों का निर्माण करते हैं।
- हाइड्रोजन फ्लुओराइड प्रबल हाइड्रोजन बंधों के कारण द्रव होता है, जबकि अन्य हाइड्रोजन हैलाइड गैसीय होते हैं।
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वर्ग 17 के तत्व
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
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