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प्रश्न
एक-दूसरे से 4.0 cm की दूरी पर रखे दो लंबे, सीधे, समांतर तारों A एवं B से क्रमशः 8.0 A एवं 5.0 A की विद्युत धाराएँ एक ही दिशा में प्रवाहित हो रही हैं। तार A के 10 cm खंड पर बल का आकलन कीजिए।
उत्तर
तार A में प्रवाहित धारा, IA = 8.0 A
तार B में प्रवाहित धारा, IB = 5.0 A
दोनों तारों के बीच की दूरी, r = 4.0 cm= 0.04 m
तार A के एक परिच्छेद की लंबाई, l = 10 cm = 0.1 m
चुंबकीय क्षेत्र के कारण लंबाई l पर लगाया गया बल इस प्रकार दिया गया है:
B = `(μ_0 2"I"_"A""I"_"B""I")/(4pir)`
जहाँ,
μ0 = मुक्त स्थान की पारगम्यता = 4π × 10-7 T mA-1
B = `(4pi xx 10^-7 xx 2 xx 8 xx 5 xx 0.1)/(4pi xx 0.04)`
= 2 × 10-5 N
बल का परिमाण 2 × 10–5 N है। यह A से B की ओर अभिलंबवत एक आकर्षक बल है, क्योंकि तारों में धाराओं की दिशा समान है।
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