मराठी

एक एथलीट वृत्तीय रास्ते, जिसका व्यास 200 m है, का एक चक्कर 40 s में लगाती है। 2 min 20s के बाद वह कितनी दूरी तय करेगा और उसका विस्थापन क्या होगा? - Science (विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

एक एथलीट वृत्तीय रास्ते, जिसका व्यास 200 m है, का एक चक्कर 40 s में लगाती है। 2 min 20s के बाद वह कितनी दूरी तय करेगा और उसका विस्थापन क्या होगा?

बेरीज

उत्तर १

व्यास, d = 200 m, r =`d/2` 100 m

एक चक्कर का समय = 40 s

2 m और 20 s में तय की गई दूरी

(2 × 60 + 20 = 140 s)

= `140/40`

= 3.5 r

तय की गई दूरी = वृत्त की परिधि × 3.5

= 2πr × 3.5

= `2 xx 22/7 xx 100 xx 3.5`

= 2200 m

3.5 r के बाद विस्थापन

= ट्रैक का व्यास

= 200 m

shaalaa.com

उत्तर २

वृत्तीय पथ का व्यास = 200m 

त्रिज्या = `200/2`

= 100 m

एक चक्कर में लगा समय = 40s

परिधि = 2r

= `2 xx 22/7 xx100`

= `4400/7`

कुल समय = 2 min 20 sec = 140 sec

1 चक्कर में तय की गई दूरी = वृत्तीय पथ की परिधि

= `4400/7m`

40s में एथलीट द्वारा तय दूरी = `4400/7m`

तब 140s में तय दूरी = `4400 xx 140/7 xx 40`

= 2200m

चक्करों की संख्या = `(2200 xx 7)/4400`

= 3.5

इस स्थिति में विस्थापन = वृत्त का व्यास = 200m

shaalaa.com
एकसमान वृत्तीय गति
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 8: गति - अभ्यास [पृष्ठ १२४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Science [Hindi] Class 9
पाठ 8 गति
अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ १२४

संबंधित प्रश्‍न

80 cm लंबे धागे के एक सिरे पर एक पत्थर बाँधा गया है और इसे किसी एकसमान चाल के साथ किसी क्षैतिज वृत्त में घुमाया जाता है। यदि पत्थर 25 s में 14 चक्कर लगाता है तो पत्थर के त्वरण का परिमाण और उसकी दिशा क्या होगी?


कोई वायुयान 900 km h-1 की एकसमान चाल से उड़ रहा है और 1.00 km त्रिज्या का कोई क्षैतिज लूप बनाता है। इसके अभिकेन्द्र त्वरण की गुरुत्वीय त्वरण के साथ तुलना कीजिए।


नीचे दिए गए कथन को ध्यानपूर्वक पढिए और कारण सहित बताइए कि वे सत्य हैं या असत्य:

किसी बिंदु पर किसी कण का वेग सदिश सदैव उस बिंदु पर कण के पथ की स्पर्श रेखा के अनुदिश होता है।


नीचे दिए गए कथन को ध्यानपूर्वक पढिए और कारण सहित बताइए कि वे सत्य हैं या असत्य-

किसी कण को एकसमान वृत्तीय गति में एक चक्र में लिया गया औसत त्वरण सदिश एक शून्य सदिश होता है।


कोई कण t = 0 क्षण पर मूलबिंदु से `10 overset(^)("j") "m"  "s"^-1` के वेग से चलना प्रारंभ करता है तथा x-y समतल में एकसमान त्वरण `(8.0 overset(^)("i") + 2.0 overset(^)("j") "m" "s"^-2)` से गति करता है।

  1. किस क्षण कण का x - निर्देशांक 16 m होगा ? इसी समय इसका y - निर्देशांक कितना होगा?
  2. इस क्षण कण की चाल कितनी होगी ?

दो गेंद एक ही क्षण अपने-अपने क्रमशः आरंभिक वेगों u1 तथा u2 से ऊपर की ओर ऊर्ध्वाधर दिशा में फेंकी जाती हैं। सिद्ध कीजिए कि इनके द्वारा तय की गई ऊँचाइयाँ `"u"_1^2 : "u"_2^2` में अनुपात में होंगी। (यह मानिए कि उपरिमुखी त्वरण -g तथा अधोमुखी त्वरण +g हैं)।


रिक्त स्थान की पूर्ति करके वाक्य को पूर्ण करें और उसका स्पष्टीकरण लिखिए।

जब पिंड एकसमान वृत्ताकार गति से जाता है तब उसका ______ प्रत्येक बिंदु के पास बदलता है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×