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एक गैल्वेनी सेल का विद्युत् विभव 1.1V है। यदि इस सेल पर 1.1V का विपरीत विभव लगाया जाए तो सेल की सेल अभिक्रिया और सेल से प्रवाहित हो रहे विद्युत् प्रवाह पर क्या प्रभाव पड़ेगा? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

एक गैल्वेनी सेल का विद्युत् विभव 1.1V है। यदि इस सेल पर 1.1V का विपरीत विभव लगाया जाए तो सेल की सेल अभिक्रिया और सेल से प्रवाहित हो रहे विद्युत् प्रवाह पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

जब विरोधी विभव विद्युत विभव के बराबर हो जाता है, तो सेल की प्रतिक्रिया रुक जाती है और सेल से कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है। इस प्रकार, कोई रासायनिक प्रतिक्रिया नहीं होती है।

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गैल्वैनी सेल
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 3: विद्युत् रसायन - अभ्यास [पृष्ठ ४०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Chemistry [Hindi] Class 12
पाठ 3 विद्युत् रसायन
अभ्यास | Q III. 38. | पृष्ठ ४०

संबंधित प्रश्‍न

मैगनीशियम इलेक्ट्रोड के इलेक्ट्रोड विभव में निम्न समीकरण के अनुसार परिवर्तन होता है। 

`"E"_("Mg"^(2+)|"Mg") = "E"_("Mg"^(2+)|"Mg")^Θ - (0.059)/2 log  1/(["Mg"^(2+)])`। यदि `"E"_("Mg"^(2+)|"Mg")` एवं log [Mg2+] के मध्य ग्राफ खींचे तो वह कैसा होगा ?


निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?


जब सेल में कोई धारा प्रवाहित न हो रही हो तो इलेक्ट्रोडों के विभवों में अन्तर को ______ कहते हैं।


नीचे दिए गए आँकड़ों का उपयोग करते हुए प्रबलतम अपचायक को ज्ञात कीजिए।

`"E"_("Cr"_2"O"_7^(2-)//"Cr"^(3+))^⊖`= 1.33 V  `"E"_("Cl"_2//"Cl"^-)^⊖` = 1.36 V

`"E"_("MnO"_4^-//"Mn"^(2+))^⊖` = 1.51 V   `"E"_("Cr"^(3+)//"Cr")^⊖` = - 0.74 V


नीचे दिए गए आँकडों के आधार पर निम्नलिखित में से प्रबलतम ऑक्सीकरण कर्मक को ज्ञात कीजिए।

`"E"_("Cr"_2"O"_7^(2-)//"Cr"^(3+))^⊖`= 1.33 V  `"E"_("Cl"_2//"Cl"^-)^⊖` = 1.36 V

`"E"_("MnO"_4^-//"Mn"^(2+))^⊖` = 1.51 V   `"E"_("Cr"^(3+)//"Cr")^⊖` = - 0.74 V


Al2O3 से एक मोल ऐलुमिनियम प्राप्त करने के लिए आवश्यक आवेश की मात्रा है।


Cu2+/Cu मानक इलेक्ट्रोड विभव का धनात्मक मान दर्शाता है कि ______।

  1. यह अपोउपचायक युग्म, H+/H2 युग्म की तुलना में प्रबल अपचायक है।
  2. यह अपोउपचायक युग्म, H+/H2 युग्म की तुलना में प्रबल ऑक्सीकारक है।
  3. Cu अम्ल से H2 को विस्थापित कर सकता है।
  4. Cu अम्ल से H2 को विस्थापित नहीं कर सकता है।

`"E"_("Zn"^(2+)//"Zn")^⊖` = - 0.76 V व्यंजक में ऋणात्मक मान से क्या तात्पर्य है?


उस गैल्वेनी सेल को चित्रित कीजिए जिसकी सेल अभिक्रिया \[\ce{Cu + 2Ag+ ⟶ 2Ag + Cu2+}\] है।


चित्र पर विचार कीजिए तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

  1. इलेक्ट्रॉन प्रवाह की दिशा दर्शाने के लिए चित्र को पुन: बनाइए।
  2. सिल्वर प्लेट ऐनोड है अथवा कैथोड?
  3. क्या होगा यदि लवण सेतु को हटा दीया जाए?
  4. सेल कार्य करना कब समाप्त कर देगा?
  5. कार्यरत सेल में Zn2+ तथा Ag+ आयनों की सांद्रता किस प्रकार प्रभावित होगी?
  6. सेल समाप्त हो जाने के पश्चात Zn2+ आयनों तथा Ag+ आयनों की सांद्रता किस प्रकार प्रभावित होती है?

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