Advertisements
Advertisements
प्रश्न
नीचे दिए गए आँकड़ों का उपयोग करते हुए प्रबलतम अपचायक को ज्ञात कीजिए।
`"E"_("Cr"_2"O"_7^(2-)//"Cr"^(3+))^⊖`= 1.33 V `"E"_("Cl"_2//"Cl"^-)^⊖` = 1.36 V
`"E"_("MnO"_4^-//"Mn"^(2+))^⊖` = 1.51 V `"E"_("Cr"^(3+)//"Cr")^⊖` = - 0.74 V
पर्याय
Cl-
Cr
Cr3+
Mn2+
उत्तर
Cr
स्पष्टीकरण -
Cr3+ से Cr के लिए मानक अपचयन विभव के ऋणात्मक मान का अर्थ है कि रेडॉक्स युगल एक प्रबल अपचायक है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
कौन-सा सेल कॉपर इलेक्ट्रोड के मानक इलेक्टोड विभव का मापन करेगा?
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
नीचे दिए गए आँकडों के आधार पर निम्नलिखित में से प्रबलतम ऑक्सीकरण कर्मक को ज्ञात कीजिए।
`"E"_("Cr"_2"O"_7^(2-)//"Cr"^(3+))^⊖`= 1.33 V `"E"_("Cl"_2//"Cl"^-)^⊖` = 1.36 V
`"E"_("MnO"_4^-//"Mn"^(2+))^⊖` = 1.51 V `"E"_("Cr"^(3+)//"Cr")^⊖` = - 0.74 V
नीचे दिए गए आँकडों का प्रयोग करते हुए ज्ञात कीजिए कि अपचायक के क्रम का सही विकल्प कौन-सा है?
`"E"_("Cr"_2"O"_7^(2-)//"Cr"^(3+))^⊖`= 1.33 V `"E"_("Cl"_2//"Cl"^-)^⊖` = 1.36 V
`"E"_("MnO"_4^-//"Mn"^(2+))^⊖` = 1.51 V `"E"_("Cr"^(3+)//"Cr")^⊖` = - 0.74 V
नीचे दिए गए आँकड़ों के आधार पर सर्वाधिक स्थायी ऑक्सीकृत स्पीशीज़ ज्ञात कीजिए।
`"E"_("Cr"_2"O"_7^(2-)//"Cr"^(3+))^⊖`= 1.33 V `"E"_("Cl"_2//"Cl"^-)^⊖` = 1.36 V
`"E"_("MnO"_4^-//"Mn"^(2+))^⊖` = 1.51 V `"E"_("Cr"^(3+)//"Cr")^⊖` = - 0.74 V
Cu2+/Cu मानक इलेक्ट्रोड विभव का धनात्मक मान दर्शाता है कि ______।
- यह अपोउपचायक युग्म, H+/H2 युग्म की तुलना में प्रबल अपचायक है।
- यह अपोउपचायक युग्म, H+/H2 युग्म की तुलना में प्रबल ऑक्सीकारक है।
- Cu अम्ल से H2 को विस्थापित कर सकता है।
- Cu अम्ल से H2 को विस्थापित नहीं कर सकता है।
क्या `"E"_"cell"^⊖` अथवा Δr G⊖ कभी भी शून्य के बराबर हो सकता है?
उस गैल्वेनी सेल को चित्रित कीजिए जिसकी सेल अभिक्रिया \[\ce{Cu + 2Ag+ ⟶ 2Ag + Cu2+}\] है।
इलेक्ट्रोड विभव क्या होता है?
चित्र पर विचार कीजिए तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
- इलेक्ट्रॉन प्रवाह की दिशा दर्शाने के लिए चित्र को पुन: बनाइए।
- सिल्वर प्लेट ऐनोड है अथवा कैथोड?
- क्या होगा यदि लवण सेतु को हटा दीया जाए?
- सेल कार्य करना कब समाप्त कर देगा?
- कार्यरत सेल में Zn2+ तथा Ag+ आयनों की सांद्रता किस प्रकार प्रभावित होगी?
- सेल समाप्त हो जाने के पश्चात Zn2+ आयनों तथा Ag+ आयनों की सांद्रता किस प्रकार प्रभावित होती है?