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प्रश्न
एक समतल विद्युतचुंबकीय तरंग निर्वात में z-अक्ष के अनुदिश चल रही है। इसके विद्युत तथा चुंबकीय-क्षेत्रों के सदिश की दिशा के बारे में आप क्या कहेंगे? यदि तरंग की आवृत्ति 30 MHz हो तो उसकी तरंगदैर्घ्य कितनी होगी?
उत्तर
विद्युतचुंबकीय तरंग शून्य में z-दिशा में यात्रा करती है। विद्युत क्षेत्र (E) और चुंबकीय क्षेत्र (H) x-y तल में हैं और परस्पर लंबवत हैं।
तरंग की आवृत्ति, v = 30 MHz = 30 × 106 s−1
निर्वात में प्रकाश की गति, c = 3 × 108 m/s
`lambda = "c"/"v"`
= `(3 xx 10^8)/(30 xx 10^6)`
= 10 m
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[c = 3 × 108 m s−1]