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प्रश्न
एक त्वरित्र (accelerator) प्रयोग में पॉजिट्रॉनों (e+) के साथ इलेक्ट्रॉनों के उच्च-ऊर्जा संघट्टन पर, एक विशिष्ट घटना की व्याख्या कुल ऊर्जा 10.2 BeV के इलेक्ट्रॉन-पॉजिट्रॉन युग्म के बराबर ऊर्जा की दो γ-किरणों में विलोपन के रूप में की जाती है। प्रत्येक γ-किरण से सम्बन्धित तरंगदैघ्र्यों के मान क्या होंगे? (1 BeV= 109 eV)
उत्तर
घटना में विलुप्त इलेक्ट्रॉन-पॉजिट्रॉन की कुल ऊर्जा = 10.2 x 109 eV
यह ऊर्जा दोनों γ-फोटॉनों में बराबर-बराबर बँट जाएगी।
∴ प्रत्येक γ-फ़ोटॉन की ऊर्जा `= 1/2 xx 10.2 xx 10^9` eV
`= 1/2 xx 10.2 xx 10^9 xx 1.6 xx 10^-19` J
= 8.16 × 10-10 J
परन्तु E = `"hc"/lambda`
∴ फ़ोटॉन की तरंगदैर्ध्य λ = `"hc"/"E" = (6.62 xx 10^-34 xx 3 xx 10^8)/(8.16 xx 10^-10)` m
या λ = 2.43 × 10-16 m
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