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(a) एक x-किरण नली विकिरण का एक संतत स्पेक्ट्रम जिसका लघु तरंगदैर्घ्य सिरा 0.45 A° पर है, उत्पन्न करता है। विकिरण में किसी फोटॉन की उच्चतम ऊर्जा कितनी है? - Physics (भौतिक विज्ञान)

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प्रश्न

(a) एक x-किरण नली विकिरण का एक संतत स्पेक्ट्रम जिसका लघु तरंगदैर्घ्य सिरा 0.45 A° पर है, उत्पन्न करता है। विकिरण में किसी फोटॉन की उच्चतम ऊर्जा कितनी है?

(b) अपने (a) के उत्तर से अनुमान लगाइए कि किस कोटि की त्वरक वोल्टता (इलेक्ट्रॉन के लिए) की इस नली में आवश्यकता है?

संख्यात्मक

उत्तर

(a) X – किरण विकिरण में λ = 0.45 A° = 45 x 10-12 m

∴ विकिरण में फोटॉन की उच्चतम ऊर्जा

`"E"_"max" = "hc"/(lambda_"min.") = (6.62 xx 10^-34 xx 3 xx 10^8)/(45 xx 10^-12) = 4.42 xx 10^-15` J

अथवा `"E"_"max" = (4.42 xx 10^-15)/(1.6 xx 10^-19)` eV

= 2.76 × 104 eV = 27.6 keV

(b) माना लक्ष्य से टकराने वाले इलेक्ट्रॉनों को उक्त ऊर्जा प्रदान करने के लिए त्वरक विभव V की आवश्यकता होती है।

तब इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा E = eV

⇒ त्वरक विभव V = `"E"/"e" = "E"_"max"/"e" = (4.42 xx 10^-15)/(1.6 xx 10^-19)`

∴ अभीष्ट त्वरक विभव V = 27.6 kV

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प्रकाश की कणीय प्रकृति - फ़ोटॉन
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पाठ 11: विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति - अभ्यास [पृष्ठ ४११]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Physics [Hindi] Class 12
पाठ 11 विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
अभ्यास | Q 11.23 | पृष्ठ ४११

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किसी जाँच की तरंगदैर्घ्य उसके द्वारा कुछ विस्तार में जाँच की जा सकने वाली संरचना के आकार की लगभग आमाप है। प्रोटॉनों तथा न्यूट्रॉनों की क्वार्क (quark) संरचना 10-15 m या इससे भी कम लम्बाई के लघु पैमाने की है। इस संरचना को सर्वप्रथम 1970 दशक के प्रारम्भ में, एक रेखीय त्वरित्र (Linear accelerator) से उत्पन्न उच्च ऊर्जा इलेक्ट्रॉनों के किरणे-पुंजों के उपयोग द्वारा, स्टैनफोर्ड, संयुक्त राज्य अमेरिका में जाँचा गया था। इन इलेक्ट्रॉन किरण-पुंजों की ऊर्जा की कोटि का अनुमान लगाइए। (इलेक्ट्रॉन
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