मराठी

फ़ीनॉल और ऐथेनॉल में ______ के साथ अभिक्रिया द्वारा विभेद किया जा सकता है। (i) Br2/जल (ii) Na (iii) उदासीन FeCl3 (iv) उपरोक्त सभी - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

फ़ीनॉल और ऐथेनॉल में ______ के साथ अभिक्रिया द्वारा विभेद किया जा सकता है।

(i) Br2/जल

(ii) Na

(iii) उदासीन FeCl3

(iv) उपरोक्त सभी

रिकाम्या जागा भरा

उत्तर

फ़ीनॉल और ऐथेनॉल में Br2/जल और उदासीन FeCl3 के साथ अभिक्रिया द्वारा विभेद किया जा सकता है।

स्पष्टीकरण:

ऐथेनॉल उदासीन FeCl3 के साथ कोई प्रतिक्रिया नहीं देता है जबकि फ़ीनॉल बैंगनी रंग-उदासीन FeCl3 देता है। जब फ़ीनॉल की अभिक्रिया ब्रोमीन जल के साथ की जाती है तो 2,4,6-ट्राइबोमोफ़ीनॉल श्वेत अवक्षेप के रूप में बनता है।

shaalaa.com
ऐल्कोहॉली और फ़िनॉलो का विरचन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 11: ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल एवं ईथर - अभ्यास [पृष्ठ १६८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Chemistry [Hindi] Class 12
पाठ 11 ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल एवं ईथर
अभ्यास | Q II. 20. | पृष्ठ १६८

संबंधित प्रश्‍न

m-क्रीसॉल का IUPAC ______ नाम है।


निम्नलिखित यौगिकों को बढ़ते हुए क्वथनांक के क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

प्रोपेन-1-ऑल, ब्यूटेन-1-ऑल, ब्यूटेन-2-ऑल, पेन्टेन-1-ऑल


निम्नलिखित में से किन क्रियाओं में फ़ीनॉल प्राप्त होगा?

(i)
(ii)
(iii)
(iv)

ऐल्कीनों के ऐल्कोहॉलों से विरचन में ऐल्कीन के कार्बन परमाणु पर इलेक्ट्रॉनरागी आक्रमण होता है। इसकी क्रियाविधि स्पष्ट कीजिए।


ऐल्कोहॉलों के तीनों वर्गों की सांद्र HCl और ZnCl2 (ल्यूकास अभिकर्मक) के साथ अभिक्रियाशीलता अलग-अलग क्यों है?


नाइट्रोकरण ऐरोमैटिक इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन का एक उदाहरण है और इसकी दर बेन्जीन वलय पर पहले से ही उपस्थित समूह पर निर्भर करती है। बेन्जीन और फ़ीनॉल में से कौन-सा अधिक आसानी से नाइट्रोकृत होगा और क्यों?


फ़ीनॉल का द्विध्रुव अघूर्ण मेथेनॉल से कम क्यों होता है?


स्पष्ट कीजिए कि कम द्रव्यमान की ऐल्कोहॉल जल में घुलनशील क्यों होती है?


कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) कार इंजन में प्रयुक्त होने वाला प्रतिहिम (a) उदासीन फेरिक क्लोराइड
(ii) सुगंध में प्रयुक्त होने वाला विलायक (b) ग्लिसरॉल
(iii) पिक्रिक अम्ल का प्रारंभन पदार्थ (c) मेथेनॉल
(iv) काष्ठ स्पिरिट (d) फ़ीनॉल
(v) फ़ीनॉलिक समूह के संसूचन के लिए प्रयुक्त अभिकर्मक (e) एथेलीनग्लाइकॉल
(vi) साबुन उद्योग का अतिरिक्त उत्पाद जो कांतिवर्धकों में प्रयुक्त होता है (f) एथेनॉल

कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) मेथेनॉल (a) फ़ीनॉल का o-हाइड्रॉक्सीसैलिसिलिक अम्ल में परिवर्तन
(ii) कोल्बे अभिक्रिया (b) एथिल ऐल्कोहॉल
(iii) विलियम्सन संश्लेषण (c) फ़ीनॉल का सैलिसिलऐल्डिहाइड मेंपरिवर्तन
(iv) 2° ऐल्कोहॉल का कीटोन में परिवर्तन (d) काष्ठ स्पिरिट
(v) राइमर-टीमन अभिक्रिया (e) 573 K पर तप्त कॉपर
(vi) किण्वन (f) ऐल्किल हैलाइड की सोडियम ऐल्कॉक्साइड के साथ अभिक्रिया

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×