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प्रश्न
गार्डनर के द्वारा पहचान की गई बहु - बुद्धि की संक्षेप में व्याख्या कीजिए।
उत्तर
बहु - बुद्धि का सिद्धांत हावर्ड गार्डनर द्वारा प्रस्तुत किया गया था उनके अनुसार बुद्धि कोई एक तत्व नहीं है बल्कि भिन्न प्रकार की बुद्धियो का अस्तित्वत होता है प्रत्येक बुद्धि एक दूसरे से स्वतंत्र रहकर कार्य करती है इसका अर्थ यह है की यदि किसी व्यक्ति में किसी एक बुद्धि की मात्रा अधिक है तो अनिवार्य रूप से इसका संकेत नहीं करना की उस व्यक्ति में किसी अन्य प्रकार की बुद्धि होगी या कितनी होगी गार्डनर ने यह भी बताया की किसी समस्या का समाधान खोजने के लिए भिन्न - भिन्न प्रकार की बुद्धिया आपस में अतः क्रिया करते हुए साथ - साथ कार्य करती है अपने अपने क्षेत्र असाधरण योग्यताओ का प्रदर्शन करने वाले अत्यत प्रतिभाशाली व्यक्तियों का गार्डनर ने अध्यायन किया और इसके आधार ये निम्नलिखित है -
- भाषागत (भाषा के उत्पादन और उपयोग के कोशल) - यह अपने विचारो को प्रकट करने तथा दूसरे व्यक्तियों के विचरो को समझने हेतु प्रवाह तथा नम्यता के साथ भाषा का उपयोग करने की क्षमता है
- तार्किक - गणितीय (वैज्ञानिक चितन तथा समस्या समाधान के कौशल) - इसी प्रकार की बुद्धि की अधिक मात्रा रखने व्यक्ति तार्किक तथा आलोचनात्मक चितन कर सकते है वै अमूर्त तर्कना कर लेते है और गणितीय समस्याओ के हल के लिए प्रतीकों का प्रहस्तन अच्छी प्रकार से कर लेते है
- दैशिक ( दश्य बिंब तथा प्रतिरूप निर्माण के कौशल) - यह मानसिक बिंबो को बनाने उनका उपयोग करने तथा उनमे मानसिक धरातल पर परिमार्जन करने की योग्यता है इस बुद्धि को अधिक मात्रा में रखने वाला व्यक्ति सरलता से देशिक सूचनाओं को मस्तिष्क में रख सकते है
- संगीतात्मक (सांगीतिक लय तथा अभिरचनाओ के प्रति संवेदनशीलता) - संगीतिक अभिरचनाओ को उतपन्न करने, उनका सर्जन तथा प्रहस्तन करने की क्षमता सांगीतिक योग्यता कहलाती है बुद्धि की उच्च मात्रा रखने वाले लोग ध्वनियो और स्पंदनो तथा ध्वनियों की नहीं अभिरचनाओ के सर्जन के प्रति अधिक संवेदशील होते है