मराठी

गैसों की श्यानता ताप बढ़ने पर ______ है, जबकि द्रवों की श्यानता ताप बढने पर ______ है। - Physics (भौतिक विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

गैसों की श्यानता ताप बढ़ने पर ______ है, जबकि द्रवों की श्यानता ताप बढने पर ______ है।

रिकाम्या जागा भरा

उत्तर

गैसों की श्यानता ताप बढ़ने पर बढ़ती है, जबकि द्रवों की श्यानता ताप बढने पर घटती है।

shaalaa.com
पृष्ठ तनाव
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 10: तरलों के यांत्रिक गुण - अभ्यास [पृष्ठ २८२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Physics [Hindi] Class 11
पाठ 10 तरलों के यांत्रिक गुण
अभ्यास | Q 10.3 (b) | पृष्ठ २८२

संबंधित प्रश्‍न

स्पष्ट कीजिए क्यों

पारे का काँच के साथ स्पर्श कोण अधिक कोण होता है जबकि जल का काँच के साथ स्पर्श कोण न्यूनकोण होता है।


स्पष्ट कीजिए क्यों

यदि किसी बाह्य बल का प्रभाव न हो तो द्रव बूँद की आकृति सदैव गोलाकार होती है।


दृढ़ता प्रत्यास्थता गुणांक वाले ठोसों के लिए अपरूपण प्रतिबल ______ के अनुक्रमानुपाती होता है, जबकि द्रवों के लिए वह ______ के अनुक्रमानुपाती होता है।


किसी U-नली की दोनों भुजाओं में भरे जल तथा मेथेलेटिड स्पिरिट को पारा एक-दूसरे से पृथक् करता है। जब जल तथा पारे के स्तंभ क्रमशः 10 cm तथा 12.5 cm ऊँचे हैं तो दोनों भुजाओं में पारे का स्तर समान है। स्पिरिट का आपेक्षिक घनत्व ज्ञात कीजिए।


U-आकार के किसी तार को साबुन के विलयन में डुबो कर बाहर निकाला गया जिससे उस पर एक पतली साबुन की फिल्म बन गई। इस तार के दूसरे सिरे पर फिल्म के सम्पर्क में एक फिसलने वाला हलका तार लगा है जो 1.5 × 10-2 N भार (जिसमें इसका अपना भार भी सम्मिलित है) को सँभालता है। फिसलने वाले तार की लंबाई 30 cm है। साबुन की फिल्म का पृष्ठ-तनाव कितना है?


निम्नांकित चित्र (a) में किसी पतली द्रव-फिल्म को 4.5 × 10-2 N का छोटा भार सँभाले दर्शाया गया है। चित्र (b) तथा (c) में बनी इसी द्रव की फिल्में इसी ताप पर कितना भार सँभाल सकती हैं? अपने उत्तर को प्राकृतिक नियमों के अनुसार स्पष्ट कीजिए।

(a) (b) (c)

3.00 mm त्रिज्या की किसी पारे की बूँद के भीतर कमरे के ताप पर दाब क्या है? 20°C ताप पर पारे का पृष्ठ तनाव 4.65 × 10-1 N m-1 है। यदि वायुमण्डलीय दाब 1.01 × 105 Pa है तो पारे की बूँद के भीतर दाब-आधिक्य भी ज्ञात कीजिए।


सोडा काँच के साथ पारे का स्पर्श कोण 140° है। यदि पारे से भरी द्रोणिका में 1.00 mm त्रिज्या की काँच की किसी नली का एक सिरा डुबोया जाता है, तो पारे के बाहरी पृष्ठ के स्तर की तुलना में नली के भीतर पारे का स्तर कितना नीचे चला जाता है? (पारे का घनत्व = 136 × 103kg m-3)


3.0 mm तथा 6.0 mm व्यास की दो संकीर्ण नलियों को एक साथ जोड़कर दोनों सिरों से खुली एक U-आकार की नली बनाई जाती है। यदि इस नली में जल भरा है तो इस नली की दोनों भुजाओं में भरे जल के स्तरों में क्या अंतर है। प्रयोग के ताप पर जल का पृष्ठ-तनाव 7.3 × 10-2 N m-1 है। स्पर्श कोण शून्य लीजिए तथा जल का घनत्व 10 × 103 kg m-3 लीजिए। (g = 9.8 ms-2)


1425 m³ आयतन का हीलियम से भरा कोई बड़ा गुब्बारा 400 kg के किसी पेलोड को उठाने के काम में लाया जाता है। यह मानते हुए कि ऊपर उठते समय गुब्बारे की त्रिज्या नियत रहती है, गुब्बारा कितनी अधिकतम ऊँचाई तक ऊपर उठेगा? . [y0 = 8000 m तथा ρHe = 0.18 kg m-3 लीजिए।]


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×