मराठी

'गीत' और 'मोती' की सार्थकता किससे जुड़ी है? - Hindi (Elective)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

'गीत' और 'मोती' की सार्थकता किससे जुड़ी है?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

गीत तभी सार्थक है, जब वह गायन से जुड़ा हुआ है और मोती तभी सार्थक है, जब गोताखोर उसे बाहर निकाल लाए। गीत को जब तक गाया नहीं जाएगा, तब तक उसकी सार्थकता निरर्थक है। पन्ने में लिखा गीत अपनी पहचान नहीं बना सकता है। जब लोगों द्वारा गाया जाएगा, तभी उसे पहचाना जाएगा। तभी वह सार्थक कहलाएगा।
ऐसे ही मोती को यदि कोई गोताखोर समुद्र की गहराई से निकालकर बाहर नहीं लाएगा, उसे कोई नहीं पहचान पाएगा। समुद्र की गोद में कितने ही मोती विद्यमान होंगे। वह बाहर नहीं लाए गए हैं। अतः उन्हें कोई नहीं पहचानता है। वे समुद्र तल में निरर्थक ही हैं।

shaalaa.com
यह दीप अकेला
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.03: सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' (यह दिप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ १८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Antara Class 12
पाठ 1.03 सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' (यह दिप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद)
प्रश्न-अभ्यास | Q 3. | पृष्ठ १८

संबंधित प्रश्‍न

'दीप अकेला' के प्रतीकार्थ को स्पष्ट करते हुए बताइए कि उसे कवि ने स्नेह भरा, गर्व भरा एवं मदमाता क्यों कहा है?


यह दीप अकेला है 'पर इसको भी पंक्ति को दे दो' के आधार पर व्यष्टि का समिष्ट में विलय क्यों और कैसे संभव है?


'यह अद्वितीय-यह मेरा-यह मैं स्वयं विसर्जित'- पंक्ति के आधार पर व्यष्टि के समष्टि में विसर्जन की उपयोगिता बताइए।


'यह मधु है ....... तकता निर्भय'- पंक्तियों के आधार पर बताइए कि 'मधु', 'गोरस' और 'अंकुर' को क्या विशेषता हैं?


भाव-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
'यह प्रकृत, स्वयंभू  ......... शक्ति को दे दो।'


भाव-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -

'यह सदा-द्रवित, चिर-जागरूक .......... चिर-अखंड अपनापा।'


'जिज्ञासु, प्रबुद्ध, सदा श्रद्धामय, इसको भक्ति को दे दो।'


'यह दीप अकेला' एक प्रयोगवादी कविता है। इस कविता के आधार पर 'लघु मानव' के अस्तित्व और महत्व पर प्रकाश डालिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×